सिटी में कम हो गए मौत के मामले

Updated Date: Thu, 06 May 2021 10:40 AM (IST)

रांची: कोरोना वायरस के कारण राज्य में 31 मई तक सुरक्षा सप्ताह बढ़ा दिया गया है। इस वक्त लोग अपने घरों में हैं, सड़कें सूनसान हैं। इसका असर अब रांची में होने वाली मौत के आंकड़ों पर भी पड़ता दिख रहा है। रांची के अलग-अलग श्मशान घाट से जो रिपोर्ट सामने आई है, वो बताती है कि सुरक्षा सप्ताह लागू होने के बाद से शवदाह के आंकड़ों में भारी कमी आई है। पिछले तीन दिनों से रांची के श्मशान घाट और कब्रिस्तान के डाटा पर अगर नजर डालेंगे तो समझ में आ जाएगा कि शहर में मौत की रफ्तार की जो दर पहले थी, वो कम हो गई है। डाटा के अनुसार अब करोना संक्रमित से मरने वाले लोगों की संख्या आधी से भी कम हो गई है।

घाघरा में आधी हुई शवदाह

राजधानी में सबसे अधिक नामकुम के घाघरा में कोरोना संक्रमित शवों का दाह संस्कार किया जा रहा है। पिछले 3 दिनों से इस घाट पर शवदाह की संख्या आधी हो गई है। कोरोना वायरस के चलते यहां श्मशान घाट को दिन में दो बार सेनेटाइज़ किया जा रहा है। वहीं जो भी आ रहा है उससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील की जा रही है। वहां के एक कर्मचारी ने बताया कि इस घाट पर पिछले 3 दिनों में एवरेज 30 से 32 शवों को ही जलाया जा रहा है, जबकि एक सप्ताह पहले तक हर दिन 50 से 60 शवों को जलाया जाता था। इस घाट पर एक दिन सबसे अधिक 70 शव को जलाया गया है।

हरमू मुक्तिधाम में भी संख्या कम

हरमू मुक्तिधाम में पिछले एक महीना से हर दिन 30 से 40 शवों को जलाया जा रहा था, यहां दो जगहों पर शव जलाए जाते हैं। एक मशीन से जलाई जाती है और दूसरा नॉर्मल तरीके से जलाया जाता है। वहां काम करने वाले एक कर्मचारी ने बताया कि यहां पिछले 3 दिनों से एवरेज 15 से 20 शवों को जलाया जा रहा है। जबकि 3 दिन पहले तक यहां हर दिन 30 से 40 शवों को जलाया जाता था।

जुमार नदी घाट पर कम शव

रांची का तीसरा श्मशान घाट जुमार नदी घाट पर भी शवों की संख्या कम हो गई है। एक सप्ताह पहले तक यहां अमूमन हर दिन 8 से 10 शव जलाए जाते थे। पिछले 2 से 3 दिन में यहां हर दिन 3 से 4 शवों को ही जलाया जा रहा है।

कब्रिस्तानों में भी कम ही पहुंच रहे हैं शव

रांची के कब्रिस्तान में भी शवों की संख्या कम हो गई है। एक सप्ताह तक रांची के सभी कब्रिस्तान में कोरोना संक्रमितों की संख्या बहुत अधिक आ रही थी। लेकिन एक सप्ताह के अंदर हैं इसमें काफी कमी देखने को मिल रही है। रातू रोड कब्रिस्तान, डोरंडा कब्रिस्तान और कांटाटोली कब्रिस्तान तीनों जगह एक तारीख के बाद से संक्रमित शवों की संख्या में कमी आ रही है। वहां के एक कर्मचारी ने बताया कि 20 अप्रैल के बाद से 30 अप्रैल तक हर दिन 20 से 25 शव आते थे, जो अब चार से पांच हो गया है।

Posted By: Inextlive
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.