रांची का बिरसा मुंडा एयरपोर्ट अपनी जरूरत की बिजली का उत्पादन खुद करेगा. विमानपत्तनम प्राधिकरण ने झारखंड नवीकरणीय ऊर्जा विकास प्राधिकारण ज्रेडा के साथ मिलकर यह योजना बनाई है. इसके तहत हवाई पट्टी के किनारे सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे.


रांची (ब्यूरो)। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट अथॉरिटी की बिजली की खपत लगभग 8000 यूनिट है। एयरपोर्ट अथॉरिटी पहले से ही 250 किलोवाट सौर ऊर्जा का उत्पादन कर रहा है। आगे एक मेगावाट सौर ऊर्जा का और उत्पादन करने से एयरपोर्ट अथॉरिटी की दिन की जरूरतें लगभग पूरी हो जाएंगी। रात के समय यहां कम विमान उतरते हैं, इसलिए रात के समय सौर ऊर्जा से अतिरिक्त बिजली की कम मात्रा में ही जरूरत होगी।6 माह में लगेंगे सोलर सिस्टमझारखंड में पांच एयरपोर्ट पर सोलर सिस्टम लगेंगे। यह काम अगले 6 महीने के अंदर पूरे होंगे। इससे करीब 600 किलोवाट बिजली का उत्पादन होगा। सौर ऊर्जा से उत्पादित बिजली को ग्रिड में भेजा जाएगा। सरप्लस सौर ऊर्जा का इस्तेमाल घरेलू बिजली के लिए होगा। एयरपोर्ट पर सोलर सिस्टम लगेंगे। इससे करीब 600 किलोवाट बिजली का उत्पादन होगा। 20 करोड़ रुपए जारी


झारखंड बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक केके वर्मा के अनुसार राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में करीब 20 करोड़ राशि जारी कर दी गई है। एयरपोर्ट को सूर्य की ऊर्जा से उत्पादित बिजली से आच्छादित करने में विभाग 6 महीने में सफल हो जाएगा। इससे बड़ा लाभ यह मिलेगा कि करीब तीन मेगावाट बिजली सीधे ग्रिड को मिलेगी जो एयरपोर्ट के अलावा घरेलू बिजली सप्लाई करने के काम में लाई जा सकेगी। इससे सस्ती और सुलभ बिजली मिलने की संभावना है।बिजली की होगी बचतविभाग का लक्ष्य यह है कि प्रतिदिन 600 मेगावाट खपत होने वाली पारंपरिक बिजली में से 200 मेगावाट सौर ऊर्जा से प्राप्त हो, पारंपरिक बिजली की अपेक्षा सौर ऊर्जा काफी सस्ती और सुलभ है। एयरपोर्ट पर सोलर सिस्टम लगने से पारंपरिक बिजली की काफी बचत होगी और एयरपोर्ट खुद पावर जेनरेशन में आत्मनिर्भर हो जाएगा।खाली जमीन में लगेगा प्लांटज्रेडा के एमडी केके वर्मा ने बताया कि रांची एयरपोर्ट सहित बोकारो, डालटनगंज, दुमका और देवघर एयरपोर्ट के पास राज्य सरकार की खाली जमीन पड़ी हुई है, उस पर ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा। इसमें ढाई एकड़ खाली जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा। वहां जमीन की उपलब्धता के अनुसार 500 किलोवाट से 600 किलोवाट तक का पावर प्लांट लगाया जाएगा। राज्य सरकार की जमीन पर प्लांट लगाने की अनुमति मिल गई है और अब एजेंसी चयन का काम भी शुरू कर दिया गया है। एजेंसी चयन होते ही इसका काम भी शुरू हो जाएगा।बाद में 14 जगह लगेंगे प्लांट

शुरुआत में एयरपोर्ट के पास यह प्लांट लगाया जाएगा। उसके बाद राज्य सरकार के एयरपोर्ट के पास जो खाली जमीन है उस पर भी प्लांट लगाया जाएगा। वर्तमान में राज्य सरकार का 14 एयरपोर्ट पर प्लांट बनाने का प्रस्ताव है। इसमें से पांच-छह जगह काम शुरू कर दिया गया है। पहले फेज में 5 एयरपोर्ट पर यह प्लांट लगाया जाएगा। उसके बाद बाकी बचे एयरपोर्ट के पास भी यह प्लांट लगाया जाएगा। एमडी केके वर्मा ने बताया कि झारखंड को सोलर एनर्जी में कॉन्ट्रिब्यूशन बढ़ाना है। इसके लिए हम लोग हर तरह से तैयारी कर रहे हैं। रांची में पहले ही सिकिदिरी में हाइडल पावर प्लांट बनाने का काम शुरू होने वाला है। अब रांची एयरपोर्ट के पास भी खाली जमीन पर सोलर पावर प्लांट लगाया जा रहा है। इसके अलावा जितनी भी सरकारी जगह है वहां भी खाली जगह पर या छत के ऊपर सोलर पावर प्लांट लगाने की तैयारी चल रही है कई जगहों पर तो यह इंस्टॉल भी हो चुका है और कई नई जगहों पर इंस्टॉल कराया जा रहा है। आने वाले दिनों में झारखंड को सोलर एनर्जी के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनाने का काम किया जा रहा है।

Posted By: Inextlive