मलेशियाई पूर्व पीएम नजीब से करोड़ो के घोटाले में हुई पूछताछ

2018-05-22T18:06:36Z

मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक से करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार मामले में भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी ने मंगलवार को पूछताछ की है। बता दें कि दिन ब दिन इस मामले में नजीब पर शिकंजा कसता ही जा रहा है।

नजीब से भ्रष्टाचार मामले में पूछताछ
पुत्रजया (एएफपी)।
मलेशिया की भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक से करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार मामले में पूछताछ की है। नजीब से पूछताछ के लिए मलेशिया भ्रष्टाचार रोधी कमीशन (एमएसीसी) ने उन्हें पुत्रजया शहर स्थित अपने मुख्यालय पर बुलाया था। बता दें कि नजीब के घर छापेमारी के दौरान पुलिस को जेवर, पैसे और कई ऐसे कागजात मिले हैं, जो नजीब को भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपी शाबित कर सकते हैं। एमएसीसी के प्रमुख शुकरी अब्दुल ने कहा, 'भ्रष्टाचार कांड में यह छोटा सा हिस्सा है जिसकी जांच हो रही है। अभी नजीब को सिर्फ पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अभी उन पर आरोप तय नहीं किए जाएंगे।'
भ्रष्टाचार को लेकर सख्त रवैया
बता दें कि शुकरी मलेशिया में भ्रष्टाचार को लेकर सख्त रवैया के लिए जाने जाते हैं। यही कारण है कि मलेशिया के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री मुहम्मद महातिर ने उन्हें दोबारा इस भ्रष्टाचार की जांच का जिम्मा सौंपा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शुकरी 2015 में उस टीम के भी सदस्य रह चुके हैं, जो नजीब के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप की जांच कर रही थी। शुकरी ने मीडिया को बताया कि जब नजीब देश में प्रधानमंत्री के रूप में काम कर रहे थे तब उन्होंने अपने खिलाफ जांच को प्रभावित करने की पूरी कोशिश की, उनके टीम पर कई तरह से दबाव डाला। उनका उत्पीड़न तक किया गया। उन्होंने बताया कि उस वक्त उनके चश्मदीद गवाह को भी अगवा कर लिया गया। भारी दबाव को देखने के बाद शुकरी ने 2016 में सेवानिवृत्त होने का निर्णय लिया था।

भ्रष्टाचार के मामले में छापेमारी

गौरतलब है कि महातिर मोहम्मद के प्रधानमंत्री बनने के बाद मलेशियाई सरकार ने पूर्व प्रधान मंत्री नजीब रजाक और उनकी पत्नी को देश से बाहर जाने पर प्रतिबंधित लगा दिया। इसके बाद उनके घर पर भ्रष्टाचार के मामले में छापेमारी की गई। सरकार का कहना था कि राज्य निधि में हुए कई अरब डॉलर के घोटाले में नजीब का भी हाथ है और इनके खिलाफ जांच शुरू कर दी गई। यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि इस राज्य निधि का गठन नजीब ने ही किया था, इसलिए सरकार ने उनपर शिकंजा कसा है।

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