Meenaskhi Murder Case कहां था प्रीति का भाई?

2012-04-23T20:07:45Z

ALLAHABAD एक्ट्रेस मीनाक्षी का मर्डर प्रीति सुरीन और अमित जायसवाल ने ही मिलकर किया था हत्या के वक्त घर में वही दोनों थे मीनाक्षी की जिस वीभत्स तरीके से हत्या की गई थी उसमें इस बात की अटकलें लग रही थीं कि हत्या में प्रीति सुरीन और अमित जायसवाल के साथ कोई और शामिल रहा है

शक प्रीति के चचेरे भाई जौहन सुरीन पर था. लेकिन मुंबई पुलिस ने इवेंस्टिगेशन में जौहन सुरीन को क्लीनचिट दी है. मीनाक्षी की हत्या के समय वह घर पर नहीं था. मुंबई पुलिस के इंस्पेक्टर सुजीत कुमार ने बताया कि मीनाक्षी की हत्या करने से पहले प्रीति सुरीन ने चचेरे भाई जौहन को टिकट लेने के लिए इलाहाबाद जंक्शन पर भेज दिया था. प्रीति ने जौहन से चौरी चौरा ट्रेन से गोरखपुर की दो जनरल टिकट लेने के लिए कहा था. बता दें कि जौहन प्रीति सुरीन के पिता नवीन के साथ ही दरभंगा में रहता था. वह यहां पर रहकर इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रहा था.


टिकट लेने के बाद देर तक किया वहीं वेट

14 मार्च को शाम को करीब पांच बजे मीनाक्षी को लेकर प्रीति और अमित दरभंगा स्थित प्रीति के घर पहुंचे थे. मुंबई पुलिस की पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि शाम को करीब छह-सात बजे के बीच प्रीति ने अपने चचेरे भाई जौहन को टिकट कराने के लिए जंक्शन भेज दिया है. प्रीति ने जौहन को चौरी-चौरा एक्सपे्रस की जनरल क्लास की गोरखपुर से दो टिकट लेने का कहा था. साथ ही यह भी कहा था कि टिकट कराने के बाद तुम वहीं पर हमारा वेट करना. हम लोग वहीं पर आएंगे और स्टेशन से ही टिकट कलेक्ट करके गोरखपुर चले जाएंगे. मुंबई पुलिस का कहना है कि प्रीति के मर्डर की प्लानिंग पहले से ही कर ली थी, तभी उसने दो पर्सन का ही टिकट लेने का कहा था.

आठ से दस बजे के बीच की थी हत्या
मीनाक्षी की हत्या की तहकीकात के लिए मुंबई पुलिस के इंस्पेक्टर सुजीत कुमार गोविस्कर ने बताया कि मीनाक्षी की हत्या शाम को आठ से दस बजे की बीच की गई. हत्या के वक्त प्रीति का चचेरा भाई जौहन जंक्शन पर था, जबकि उसके पिता नवीन ड्यूटी पर चले आए थे. उस दिन एक और रिलेटिव्य आया हुआ था लेकिन वह भी वहां से चला गया था. मीनाक्षी की कमरे में गला दबाकर हत्या करने के बाद बॉडी को पीछे की तरह बाउंड्री से फेंक दिया था. फिर नालानुमा इस गली में अमित व प्रीति ने मिलकर बॉडी की पहचान छुपाने के लिए चापड़ से सिर अलग किया. वहशी बन चुकी प्रीति ने सिर को पकड़ा था फिर अमित ने उसको अलग करके पॉलिथिन में पैक किया था.

स्टेशन पहुंचकर टिकट कराया कैंसिल
मीनाक्षी की हत्या के बाद पैक किया हुआ हुआ सिर लेकर प्रीति और अमित पहले जंक्शन पर गए. वहां पर उन्होंने जौहन से टिकट लिया और कैंसिल करवाया. मुंबई पुलिस ने बताया कि जनरल टिकट कैंसिल कराना इस बात की पुष्टि करता है कि अमित और प्रीति के पास उस वक्त ज्यादा पैसे नहीं थे. वरना वह जनरल की टिकट को कैंसिल कराने का झंझट न पालते. टिकट कैंसिल कराने के बाद उन्होंने जौहन को घर भेज दिया जबकि खुद सिविल लाइंस स्थित बस स्टेशन चले आए. वहां में बस में बैठकर शहर से चले गए और रास्ते में ही सिर को चलती बस की खिड़की से फेंक दिया.

कुछ होगा नहीं इसलिए मांगी फिरौती
मुंबई पुलिस ने बताया कि शुरुआत में गच्चा खाने के बाद अमित और प्रीति ने मीनाक्षी से उसकी फैमिली की पूरी डिटेल्स ले ली थी. उनको इस बात का पता था कि मीनाक्षी मुंबई में अकेली रहती है, उसका कोई भी रिलेटिव मुंबई में नहीं रहता है. मीनाक्षी की मां से पिता के अलगाव की जानकारी भी अमित को हो गई थी. ऐसे में प्रीति और अमित जायसवाल को अनुमान था कि मीनाक्षी के बारे में पता करने में कोई भी ज्यादा इंटरेस्ट नहीं लेगा और अगर कोई देहरादून से मुंबई आकर पता करने की कोशिश भी करता है तो यहां पर उसको ज्यादा पता नहीं लगा पाएगा.

कंगाली में चक्कर में मांगी थी फिरौती
पूछताछ में मुंबई पुलिस को यह भी पता चला है कि अमित और प्रीति सुरीन का पास ज्यादा पैसे नहीं थे. फाइनेंशियली उनकी हालत यह थी कि वह ज्यादा दिन तक मुंबई में सर्वाइव भी नहीं कर सकते थे. ऐसे में मीनाक्षी का मर्डर करने के बाद भी उन्होंने मीनाक्षी की फैमिली से फिरौती की रकम वसूलने का प्लान बनाया. उन्होंने बार-बार मोबाइल से मैसेज करके मीनाक्षी की मां कमला से उसके एकाउंट में पैसा डालने को कहा. इतना ही नहीं मां ने पैसा डाला तो बकायदा तीन बार मीनाक्षी के एटीएम कार्ड का यूज करके प्रीति और अमित ने पैसे भी निकाले. एक बार इलाहाबाद में भी एटीएम से पैसा उन्होंने निकाला. हालांकि मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम दो दिनों की मशक्कत के बाद भी मीनाक्षी का सिर बरामद नहीं कर सकी और वापस मुंबई लौट गई.

Report: Abhishek Srivastava



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