अब 20 फीसदी ही रह गया डिजिटल लेनदेन

2018-05-26T14:00:58Z

200 प्रतिशत डिजिटल पेमेंट बढ़ा था रिटेल सेक्टर में नोटबंदी के दौरान

20 प्रतिशत घटकर रह गया है इन दिनों डिजिटल पेमेंट

12 रुपये का किराया स्वाइप मशीन का परेशान कर रहा है दुकानदारों को

1500 व्यापारियों को बांटी जा सकी थी पीओएस

Meerut। नोटबंदी के बाद जहां मॉल्स, होटल्स, पेट्रोल पंप के साथ रिटेल शॉप पर डिजिटल पेमेंट के लिए रखी गई स्वाइप मशीनें अब या तो धूल फांक रही हैं या दुकानदार ने बैंकों को वापस कर दी हैं। 200 प्रतिशत तक बढ़ा डिजिटल लेनदेन आज 30 प्रतिशत पर ही टिक गया है।

घटा डिजिटल लेनदेन

नोटबंदी के बाद कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका असर यह रहा कि लोगों ने प्लास्टिक मनी से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की आदत डाल ली थी, लेकिन अब स्थिति उलट है, मार्केट में कैश क्रंच की स्थिति सामान्य होने के बाद से ही कैशलेस ट्रांजेक्शन कम हो गया है। प्लास्टिक मनी, ई-वॉयलेट, पेटीएम आदि माध्यमों से भी अब लोग ट्रांजेक्शन कम ही कर रहे हैं।

अब कम दिख रहा रुझान

नोटबंदी के बाद पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) की डिमांड बढ़ी थी, लेकिन उस वक्त बैंक डिमांड को पूरा करने में विफल हुए थे, जिसके चलते शहर में 30 हजार व्यापारियों में से महज 1500 पीओएस ही डिस्ट्रिब्यूट की जा सकी थी। बाद में व्यापारियों ने भी पीओएस में इंट्रेस्ट दिखाना कम कर दिया। अब उन्हें पीओएस पर मंथली चार्ज का बहाना मिल गया। लिहाजा, एक-एक कर ज्यादातर व्यापारी पीओएस की सुविधा बंद करते जा रहे हैं। नोटबंदी के बाद एक समय था जब फल-सब्जी वाले, छोटे दुकानदार तक स्वाइप मशीनें और पेटीएम का इस्तेमाल कर रहे थे। अब ऐसा नहीं है। छोटे दुकानदार, फल-सब्जी वाले समेत रिटेल और थोक कारोबारी अब स्वाइप मशीनें हटा रहे हैं। स्वाइप मशीन का प्रतिमाह करीब 12 रुपये का किराया दुकानदारों को परेशान कर रहा है।

पेट्रोल और डीजल की कैशलेस खरीद में नोटबंदी के बाद 200 प्रतिशत तक इजाफा हुआ था। जबकि मौजूदा स्थिति यह है कि यह इजाफा लगातार घट रहा है। कैश की आपूर्ति होने के साथ ही लोगों ने कैशलेस ट्रांजेक्शन कम कर दिया है। अब महज 30 प्रतिशत ग्राहक ही कैशलेस डीजल-पेट्रोल खरीद रहे हैं।

राकेश जैन, अध्यक्ष, मेरठ पेट्रोलियम एसोसिएशन

नोटबंदी के दौरान डिजीटल लेन देन में जो बूम आया था वह अब काफी कम है। अधिकतर ग्राहक कैश पेमेंट ही कर रहे हैं। ज्यादा बढ़ा अमाउंट होने पर अधिकतर कैश के बजाए कार्ड से भुगतान कर देते हैं।

अमित वर्मा, ज्वैलर्स

डिजिटल भुगतान के लिए पेटीएम, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं लेकिन केवल 20 प्रतिशत ग्राहक की ऑनलाइन पेमेंट कर रहे है। 80 प्रतिशत काम वापस कैश पर आ चुका है।

भंवर सिंह, बीएम ऑटो मोबाइल

होटल व रेस्टोरेंट बिजनेस में केवल 10 प्रतिशत कस्टमर ऐसे है जो कार्ड से पेमेंट या ऑनलाइन भुगतान करते है। 90 प्रतिशत भुगतान केवल कैश या चैक से होता है।

विपुल सिंघल, बैंक्वेट हॉल एसोसिएशन महामंत्री

Posted By: Inextlive

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