अब गाजियाबाद ही सहारा

2019-02-14T06:00:56Z

कैंट स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र में असुविधाओं और लेटलतीफी के कारण परेशान होते हैं आवेदक

आवेदकों में मेरठ के बजाए गाजियाबाद से पासपोर्ट प्रक्रिया पूर्ण कराने का बढ़ रहा रूझान

Meerut। शहरवासियों की सुविधा के लिए कैंट में पासपोर्ट सेवा केंद्र की स्थापना की गई थी, ताकि लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए गाजियाबाद के चक्कर न काटने पड़े, लेकिन हालत यह है कि जब पासपोर्ट ऑफिस बना है तब से यहां सुविधाओं का खासा अभाव है। शहर के पासपोर्ट केंद्र में असुविधाओं और लेटलतीफी के कारण लोग अब अप्वाइंटमेंट के लिए शहर के पासपोर्ट केंद्र की बजाए गाजियाबाद को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं।

नेटवर्क की समस्या

कैंट स्थित पासपोर्ट केंद्र में अक्सर नेटवर्क की समस्या रहती है, जिससे आवेदकों के पासपोर्ट की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती है। दरअसल, पासपोर्ट केन्द्र में एक दिन में 80 आवेदकों के पासपोर्ट प्रक्रिया को पूरा करने की सुविधा है, लेकिन आए दिन नेटवर्क की असुविधा के कारण रोजाना सिर्फ 60 से 65 आवेदकों की पासपोर्ट प्रक्रिया ही पूरी हो पाती है।

जल्द मिलता है समय

उधर, गाजियाबाद के पासपोर्ट ऑफिस में रोजाना 300 आवेदकों की पासपोर्ट प्रक्रिया को पूरा किया जाता है, यहीं नहीं आवेदकों को अप्वाइंटमेंट मिलने की डेट भी जल्दी मिलने की उम्मीद रहती है, लिहाजा लोग अब मेरठ की बजाए गाजियाबाद में ही पासपोर्ट प्रक्रिया पूरी कराने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही जल्दी पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदक गाजियाबाद ऑफिस में ही आवेदन कर रहे हैं। बताते हैं कि गाजियाबाद से पासपोर्ट प्रक्रिया को पूरा करने के बाद 25 से 30 दिन में आवेदक का पासपोर्ट उसके पास पहुंच जाता है।

दोनो विभागों में तनातनी

दरअसल, सांसद राजेंद्र अग्रवाल के प्रयासों से मेरठ में कैंट स्थित डाकघर में पासपोर्ट सेवा केंद्र खोला गया था, लेकिन पासपोर्ट सेवा केंद्र की व्यवस्थाएं आज तक मुकम्मल नहीं हो पाई है, यही नहीं, सारी सारी सुविधाएं डाक विभाग और पासपोर्ट विभाग की तनातनी में ही सिमट कर रह गई हैं। जिससे आवेदक मेरठ की बजाए गाजियाबाद में पासपोर्ट प्रक्रिया पूरी करने को तरजीह दे रहे हैं।

कैंट में नेटवर्क की समस्या सबसे ज्यादा है। इस कारण से पासपोर्ट की प्रोसेसिंग में समय लगता है। इस कारण से कुछ आवेदकों का समय निकल जाता है। नेटवर्क सुधारने के लिए कंपनियों से बातचीत की जा रही है।

दीपक चंद्रा, सहायक पासपोर्ट अधिकारी

यहां के पासपोर्ट ऑफिस में आवेदन करने के बाद एक माह तक भी नंबर नही मिलता है। गाजियाबाद से लिये अप्लाई किया था। वहां दूसरे दिन की डेट मिल गई थी। साथ ही बहुत ही आराम से पासपोर्ट प्रक्रिया पूरी हो गई।

सुशील

यहां पर पासपोर्ट बनाने में काफी समय लगता है। साथ ही समय भी बहुत ज्यादा खराब होता है। परंतु गाजियाबाद में ऐसा नही है। वहां बहुत जल्दी पासपोर्ट की प्रक्रिया को पूरा किया जाता है।

शोभित


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