गोरखपुर की जेल में पढ़ा रहे हैं 'लालू'

2013-10-17T11:00:00Z

Gorakhpur क्लास सज चुकी है क्लास के स्टूडेंट्स भी अपनी सीट पर बैठ गए है बस इंतजार है तो मास्टर साहब का यह बात अलग है कि इसमें स्टूडेंट्स की एज चार साल या पांच साल नहीं बल्कि 30 साल के पार है इन लोगों के हाथों ने कभी कलम तो नहीं देखी मगर चाकू और पिस्तौल से इनका वास्ता पुराना है अगर स्टूडेंट्स ऐसे हैं तो टीचर भी आम कैसे हो सकता है ये क्लास है गोरखपुर जेल की जहां 400 इललिट्रेट बंदियों को बिहार के एक्स चीफ मिनिस्टर लालू प्रसाद यादव की तरह करीब 20 टीचर पढ़ाएंगे ये सभी टीचर वैसे तो अपने जुर्म की सजा काट रहे हैं पर उनकी डिग्री हाइ प्रोफाइल है जेल में फस्र्ट फेज में चार बंदियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है उनसे 100 बंदी और कैदी पढ़ेंगे

हम भी बन गए 'लालू'
गोरखपुर जेल में एक हजार से अधिक बंदी संगीन धाराओं में बंद हंै. कुछ को उनके अपराध की सजा मिल चुकी है तो कुछ का मामला कोर्ट में लंबित है. जेल में ऐसे ही कुछ बंदी है, जिनके पास डिग्री तो एक टीचर से भी अधिक है, मगर एक गुनाह ने उन्हें जेल पहुंचा दिया. अब वे अपने जुर्म की सजा काट रहे हैं. जेल एडमिनिस्ट्रेशन ने ऐसे ही बंदियों को एक नई जिम्मेदारी सौंपी है. जिस तरह रांची जेल में सजा काट रहे बिहार के एक्स चीफ मिनिस्टर लालू प्रसाद यादव को टीचिंग का काम मिला है, ठीक उसी तरह ये बंदी भी सलाखों के पीछे क्लास चलाएंगे. जिनसे जेल में बंद इललिट्रेट बंदी शिक्षा लेंगे.

गोरखपुर जेल में करीब 1300 से अधिक बंदी बंद है. जिसमें से तकरीबन 100 बंदी और कैदी लगभग इललिट्रेट है. जिन्हें एजुकेट करने की जिम्मेदारी फिलहाल जेल में ही बंद 4 बंदियों को दी गई है. जो सुबह-शाम क्लास लेकर उन्हें ए, बी, सी, डी के साथ क, ख, ग, घ सिखाएंगे. क्योंकि ये टीचर बंदी हाईस्कूल नहीं है बल्कि इनके पास एमबीए, एमए से लेकर बीएड तक की डिग्री है.
एसके शर्मा, सीनियर सुपरिटेंडेंट गोरखपुर जेल
अपराधी              - जुर्म              - एजुकेशन
देवेंद्र नाथ पांडेय     - 419, 420       - एमए इंग्लिश, बीएड
विकास पाठक        - 419, 420       - एमबीए
हेमंत सिंह            - 302, गैंगस्टर    - इंटर
अरुण कुमार गुप्ता    - दहेज हत्या       - इंटर
report by : kumar.abhishek@inext.co.in



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