एसएसपी की चौखट पर पहुंचे सारा के परिजन

2015-07-16T07:01:27Z

-तहरीर देकर की हत्या की एफआईआर दर्ज करने की मांग

-सारा पर शादी के बाद हुए अत्याचारों का दिया सिलसिलेवार ब्योरा

-एसएसपी ने दिया भरोसा, एसपी टीजी को सौंपी जांच

LUCKNOW : फिरोजाबाद में कथित हादसे के दौरान सारा की मौत का सच जानने के लिये बुधवार को उनके परिजनों ने एसएसपी राजेश पांडेय से मुलाकात की। उन्होंने घटना के बाद उठ रहे सवालों को देखते हुए सारा की हत्या की आशंका जताई। एसएसपी को दी तहरीर में परिजनों ने सारा के साथ शादी के बाद हुए अत्याचारों का सिलसिलेवार ब्योरा लिखते हुए हत्या की एफआईआर दर्ज करने की मांग की। एसएसपी ने उन्हें मदद का भरोसा देते हुए उनकी तहरीर पर एसपी टीजी को जांच का आदेश दिया है।

हत्या की आशंका नहीं विश्वास है

सारा सिंह की मां सीमा, भाई हर्ष और सिद्धार्थ बुधवार को डालीगंज स्थित पुलिस ऑफिस पहुंचे और एसएसपी राजेश पांडेय से मुलाकात की। परिजनों ने एसएसपी पांडेय से कहा कि हादसे के बाद सामने आए तमाम सवालों को देखते हुए उन्हें आशंका ही नहीं बल्कि विश्वास है कि, सारा हादसे का शिकार नहीं हुई बल्कि, उसकी हत्या की गई और षडयंत्र रचकर इसे हादसे का रूप दे दिया गया। उन्होंने एसएसपी पांडेय को दी तहरीर में अमनमणि के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज करने की गुहार लगाई है।

छुटकारा चाहता था अमनमणि

मां सीमा ने एसएसपी को दी तहरीर में जो तथ्य लिखे वह उनके दांपत्य जीवन में चल रही कशमकश को बयां करते हैं। मां सीमा ने तहरीर में बताया है कि जुलाई 2013 में अलीगंज एरिया स्थित आर्यसमाज मंदिर में शादी के बाद 4-5 महीने तो सबकुछ ठीक चला। लेकिन, उसके बाद सारा कुछ परेशान रहने लगी। कई बार पूछने के बावजूद सारा ने कुछ भी नहीं बताया और वह घुटती रही। सीमा के मुताबिक, छह महीने पहले सारा ने उन्हें बताया कि अमनमणि उससे मारपीट करता था और उससे छुटकारा चाहता था। यह बात सुनने के बाद सीमा ने बेटी सारा से अमन को प्यार से समझाने को कहा। लेकिन, सारा ने बताया था कि वह अपनी गृहस्थी बचाने के लिये सारे जतन कर चुकी है। पर, अमनमणि और उसका परिवार उससे किसी भी तरह से छुटकारा चाहते थे। सीमा ने खुलासा किया कि सारा उनसे अक्सर कहती थी कि कहीं उसके संग कोई अनहोनी न हो जाए।

एसपी ट्रांसगोमती को जांच

एसएसपी राजेश पांडेय ने बताया सीमा सिंह की एप्लीकेशन में उठाए गए बिंदुओं की जांच एसपी ट्रांसगोमती मनीराम सिंह को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि एसपी टीजी इन बिंदुओं से संबंधित साक्ष्य परिजनों से हासिल करेंगे। इसके बाद उन साक्ष्यों का घटनास्थल की जांच करने वाली फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिलान कराया जाएगा। अगर इनमें आपस में कोई भी विरोधाभास होगा तो एसपी फिरोजाबाद को एफआईआर दर्ज करने की संस्तुति की जाएगी।

पहले एफआईआर, फिर जांच की करें मांग

पूरे मामले पर कानूनी पहलू के बारे में सीनियर एडवोकेट और लखनऊ बार एसोसिएशन के महामंत्री सुरेश पांडेय ने बताया कि अगर किसी भी मामले में मृतक के परिजनों को लगता है कि उसकी हत्या की गई है, तो ऐसी हालत में परिजन घटनास्थल वाले थाने पर सीधे हत्या की एफआईआर दर्ज करा सकते हैं। एक बार एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच करेगी और आरोप सही पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करेगी। सारा सिंह के मामले में परिजनों को फिरोजाबाद में एफआईआर दर्ज कराने का प्रार्थना पत्र देना चाहिये। एडवोकेट पांडेय ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद ही परिजन सीएम से मामले की सीबीआई जांच की मांग कर सकते हैं। अगर सीएम से उन्हें निराशा हाथ लगती है तो हाईकोर्ट जाने का अवसर खुला है।

एक लेटर पीएम के नाम

सेवा में,

माननीय प्रधानमंत्री जी

विषय- आजीवन सजा काट रहे अमरमणि, उनके पुत्र अमनमणि की पत्‍‌नी सारा सिंह (मेरी बेटी) की कू्रर हत्या की सीबीआई जांच कराने का प्रार्थना पत्र।

महोदय,

मेरी बेटी सारा सिंह (पत्‍‌नी अमनमणि त्रिपाठी) की क्रूर हत्या दिनांक 09.07.2015 को एक सड़क दुर्घटना में दिखाकर कर दी गई है। यह दुर्घटना फिरोजाबाद से लगभग 30-40 किलोमीटर पहले बतायी गई है। मेरी आपसे प्रार्थना है कि इस निर्दयी हत्या की सीबीआई जांच करवाने का आप शीघ्रातीशीघ्र कदम उठाने की कृपा करें, जिससे सारा सिंह की हत्या की सच्चाई मेरे एवं देश की समस्त जनता के समक्ष आ सके और मुझे एवं मेरे परिवार को सुरक्षा दिलाने की भी कृपा करें। हत्या के निम्नलिखित आधार हैं जो हत्या की ओर संकेत करते हैं:-

1. हादसे के बाद गोरखपुर की गाडि़यों का समय से पहले अस्पताल में मौजूद होना।

2. पोस्टमार्टम एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक से कराया जाना।

3. पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी न होना।

4. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वाह्य चोटों का न दर्शाना।

5. सारा के दाहिने कान के ऊपर लगभग 1 इंच का चोट का गोल निशान होना।

6. गले कसने का निशान होना।

7. दाहिने कान के पीछे चोट के दो निशान होना।

8. सारा सिंह के बाएं फेफड़े का क्षतिग्रस्त होना।

9.अमनमणि द्वारा दो कथनों का होना

i- गाड़ी के सामने साइकिल सवार का आना

ii- गाड़ी के सामने महिला के आ जाने से दुर्घटना हुई।

क्0. सारा का सिर खून से लथपथ होना एवं पोस्टमार्टम के बाद सिर का किसी स्टिच का न होना।

अत: आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपरोक्त बिंदुओं को दृष्टिगत रखते हुए मामले की सीबीआई जांच करवाने की कृपा करें।

प्रार्थिनी

सीमा सिंह

भ्/भ्ब्, विरामखंड,

गोमतीनगर, लखनऊ


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