फिलहाल चूहे के अंगों से बने इस दिल की मेडिकल टेस्टिंग होगी आगे चलकर एक दिन हो सकेगा ट्रांसप्लांट भी।

WASHINGTON: इंसान के दिल का मिनिएचर (छोटा प्रतिरूप) प्रयोगशाला में सफलतापूर्वक बना लिया गया है। शोधकर्ताओं ने इसे चूहे के दिल से बनाया है। इसके लिए उन्होंने चूहे के अंगो से कोशिकाओं को हटा दिया और इसके बाद इसमें इंसानी कोशिकाओं को भर दियाए जो सफलतापूर्वक हृदय कोशिकाओं में बदलने लगीं। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह सफलता ड्रग परीक्षण में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। यानी अब शोधकर्ता इन आर्टिफिशिएल हाट्र्स पर दवाओं का परीक्षण कर सकेंगे। इतना ही नहीं, यह तकनीक एक दिन लैब में विकसित किए गए दिलों के प्रत्यारोपण के लिए भी इस्तेमाल हो सकेगी।

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मीटिंग में दी जानकारी
इस सफलता के बारे में ओरेगन में हुई अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन अमेरिकन बेसिक कार्डियोवेस्कुलर साइंसेस 2017 साइंटिफिक सेशन मीटिंग में बताया गया। इस शोध का नेतृत्व करने वाले स्वीडिश फार्मास्यूटिकल्स की दिग्गज कंपनी एस्ट्राजेनेका के डॉ डुओंग गुयेन ने बताया कि दिल की बीमारियों पर शोध करने को यह तकनीक आसान बनाएगी। गौरतलब है कि अमेरिका में होने वाली मौतों का एक बड़ा कारण दिल की बीमारियां हैं। मिनिएचर हार्ट पर नई ड्रग्स की संभावित सुरक्षा और प्रभावकारिता का परीक्षण करना आसान होगा। इस विधि से कृत्रिम रूप से हृदय की पेशी कोशिकाओं को जनरेट करने का नया तरीका भी खोजा जा सकता है। उम्मीद है कि एक दिन एक पूर्ण आकार के फंक्शनल हार्ट को मानव प्रत्यारोपण के लिए लैब में तैयार किया जा सकेगा। शोधकर्ताओं ने चूहे के शरीर से निकाले गए एक दिल का उपयोग किया और फिर मिनिएचर हार्ट बनाने के लिए 4 फ्लो कैनोलेशन नाम की की एक तकनीक का इस्तेमाल किया।

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Posted By: Chandramohan Mishra