पानी की कमी पूरी दुनिया की समस्या है और सूखे इलाकों में तो ये और गंभीर है.


लेकिन क्या "सॉलिड रेन" इस समस्या से निज़ात दिला सकता है? और क्या इसका इस्तेमाल कर कई गुना ज़्यादा फसल हासिल की जा सकती है.संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि हम जो पानी इस्तेमाल करते हैं उसमें एक बड़ा हिस्सा सिंचाई का होता है. कुछ शोधकर्ता इस पहलू पर काम कर रहे हैं कि क्या खेती में पानी लंबे समय तक इस्तेमाल हो सकता है.सॉलिड रेन असल में एक पाउडर है जो बहुत ज़्यादा मात्रा में पानी सोख सकता है और फिर इसे पूरे साल थोड़ा-थोड़ा कर के छोड़ता रहता है ताकि पौधे सूखे में भी ज़िंदा रह सकें.ख़ास बात ये कि सिर्फ 10 ग्राम पाउडर एक लीटर पानी सोख सकता है. इस पाउडर में इस्तेमाल होने वाला पदार्थ एक तरह का शोषक पॉलीमर होता है जिसे मूल रूप से अमेरिका के कृषि विभाग ने तैयार किया है.'300 फीसदी ज़्यादा फसल'
कंपनी का कहना है कि पाउडर से जो जेल बनता है वो 10 साल तक रह सकता है. इस तकनीक का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल यूं तो बच्चों की नैपी में होता है लेकिन मेक्सिको के एक इंजीनियर सर्गियो जीसस रिको वेलासो ने इस तकनीक का एक अलग पेटेंट वाला संस्करण तैयार किया.


वेलासो ने एक कंपनी बनाई जो "सॉलिड रेन" बेचती है. ये कंपनी बीते 10 साल से मेक्सिको में ये उत्पाद बेच रही है.कंपनी का कहना है कि मेक्सिको की सरकार ने "सॉलिड रेन" का परीक्षण किया और पाया कि इसे मिट्टी में मिलाने पर 300 फीसदी ज़्यादा फसल हासिल की जा सकती है.सॉलिड रेन कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट एडविन गोन्जालेज़ के मुताबिक पानी की कमी की वजह से लोगों की इस उत्पाद में दिलचस्पी बढ़ी है.गोंजालेज़ ने बीबीसी से कहा, "ये पाउडर पानी को जकड़ लेता है, हमारा उत्पाद ज़मीन में 8 से 10 साल तक बना रहता है, शुद्ध पानी इस्तेमाल करने पर ये और लंबे समय तक टिकता है."सॉलिड रेन कंपनी का कहना है कि एक हेक्टेयर ज़मीन में 50 किलोग्राम पाउडर का इस्तेमाल किया जाना चाहिए."ऐसे उत्पाद नए नहीं हैं और ऐसे वैज्ञानिक प्रमाण भी नहीं हैं जिनसे ये लगे कि ये पानी कई साल तक रोक सकते हैं या मिट्टी में 10 साल तक रह सकते हैं."-डॉक्टर लिंडा चाकर स्कॉट, वाशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटीहालांकि ये पाउडर सस्ता नहीं है, 50 किलोग्राम पाउडर की कीमत 1500 डॉलर यानी करीब 92 हज़ार रुपये है.

सॉलिड रेन का दावा है कि ये पाउडर प्राकृतिक है और कई साल तक इस्तेमाल किए जाने पर भी मिट्टी को ख़राब नहीं करेगा.गोंजालेज़ कहते हैं, "हमारा उत्पाद ज़हरीला नहीं है, विघटित होने के बाद ये पौधे का हिस्सा बन जाता है."'उतना असरदार नहीं'हालांकि सभी इससे सहमत नहीं हैं कि सॉलिड रेन सूखे की समस्या का महत्वपूर्ण हल है.वाशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी की डॉक्टर लिंडा चाकर स्कॉट कहती हैं, "ऐसे उत्पाद नए नहीं हैं और ऐसे वैज्ञानिक प्रमाण भी नहीं हैं जिनसे ये लगे कि ये पानी कई साल तक रोक सकते हैं या मिट्टी में 10 साल तक रह सकते हैं.जैसे ही जेल सूखने लगते हैं ये वातावरण का पानी भी सोखने लगते हैं. इसका मतलब ये हुआ कि ये सीधे पौधों की जड़ों से पानी लेने लगेंगे."उनका मानना है कि लकड़ी का बुरादा भी उतना ही प्रभावकारी है और सस्ता भी है.भले ही विज्ञान सॉलिड रेन जैसे पाउडर से होने वाले फ़ायदे के बारे में पूरी तरह से आश्वस्त न हो, सॉलिड रेन के वाइस प्रेसिडेंट एडविन गोंजालेज़ कहते हैं, "ऑस्ट्रेलिया और भारत के सूखे इलाकों से हमसे इस पाउडर के बारे में पूछा जा रहा है."

Posted By: Satyendra Kumar Singh