लाश की आड़ में शहर हाइजैक

2014-12-04T07:02:36Z

-अंबेडकर उद्यान के सफाईकर्मी की हार्ट अटैक से हुई थी मौत

-यूनियन के नेताओं ने नेतागिरी चमकाने के लिये बॉडी को रखकर 1090 चौराहा किया जाम

-मुआवजे व तनख्वाह की मांग कर रहे सफाईकर्मियों ने जमकर काटा हंगामा

-ट्रैफिक डायवर्जन की वजह से आधा शहर जाम की चपेट में

LUCKNOW: अपनी मांगें मनवाने के लिये यूनियन के नेता किस हद तक नीचे जा सकते हैं, इसकी बानगी बुधवार दोपहर लोहिया पथ पर दिखी। अंबेडकर उद्यान में संविदा पर तैनात सफाईकर्मी की हार्ट अटैक से हुई मौत को यूनियन के नेताओं ने अपनी राजनीति चमकाने का जरिया बना डाला। यह नेता मृतक सफाईकर्मी की बॉडी को जबरन उसके घर से उठा लाए और क्090 चौराहे पर जाम लगा दिया। तमाम अधिकारियों से वार्ता के बावजूद जब कर्मचारी जाम हटाने को तैयार न हुए तो पुलिसकर्मियों ने बॉडी को पोस्टमार्टम के लिये भेजने की कोशिश की। जिसपर कर्मचारी पुलिस से ही उलझ गए और पथराव शुरू कर दिया। आखिरकार पुलिस के भी सब्र का बांध टूटा और पुलिस ने पथराव कर रहे उपद्रवियों पर जमकर लाठियां भांजी। पुलिस ने मौके से आधा दर्जन उपद्रवियों को अरेस्ट भी किया है।

हार्ट अटैक से हुई थी मौत

बांदा निवासी सोनू कुमार (ब्फ्) गोमतीनगर के उजरियांव में रहता था। वह अंबेडकर उद्यान में संविदा पर सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत था। पुलिस के मुताबिक, बीती रात करीब दो बजे सोनू ने सीने में दर्द की शिकायत की। शुरुआत में परिजनों ने इसे सामान्य गैस्ट्रिक प्रॉब्लम समझा और तमाम देशी दवाएं देकर ठीक होने का इंतजार करने लगे। सुबह करीब पांच बजे सोनू की हालत बिगड़ने लगी। जिस पर परिजन उसे लेकर गोमतीनगर के एक निजी हॉस्पिटल पहुंचे। जहां डॉक्टर्स ने सोनू को डेड डिक्लेयर कर दिया। गमजदा परिजन घर वापस लौट आए और बॉडी को बांदा स्थित पैतृक घर ले जाने की तैयारी करने लगे।

जबरन उठा ले गए बॉडी

परिजनों ने सोनू के सहकर्मियों को उसकी मौत की सूचना दी। जानकारी मिलने पर उसके घर पर अंबेडकर उद्यान में तैनात दर्जनों सफाईकर्मी पहुंच गए और शोक संतप्त परिवार को दिलासा देने लगे। इसी बीच वहां उत्तर प्रदेश स्मारक कर्मचारी संघ का अध्यक्ष धनंजय कुमार अपने समर्थकों के साथ आ पहुंचा। धनंजय ने वहां पहुंचते ही परिजनों पर बॉडी को स्मारक कार्यालय ले जाने के लिये दबाव बनाना शुरू कर दिया। पर, परिजन किसी भी प्रकार के प्रदर्शन को राजी न थे। इसी बीच कर्मचारी संघ के दूसरे गुट का अध्यक्ष सुरेश ठाकुर भी पहुंच गया। परिजनों की बेरुखी से नेतागिरी चमकाने का मौका जाता देख सुरेश ठाकुर और धनंजय कुमार ने आपस में वार्ता की और समर्थकों के जरिए सोनू की बॉडी को वहां से जबरन उठाकर एलडीए ऑफिस के सामने रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

लोहिया पथ कर दिया जाम

एलडीए हेडक्वार्टर के सामने कुछ देर तक प्रदर्शन के बाद दोनों गुटों के अध्यक्ष धनंजय और सुरेश ने कर्मचारियों को बॉडी अंबेडकर स्मारक के वूमेन पावर लाइन कैंपस में स्थित प्रशासनिक कार्यालय में ले चलने को कहा। अध्यक्षों का आहवान सुनकर कर्मचारी उसकी बॉडी लेकर क्090 चौराहे पर आ पहुंचे और बीच चौराहे पर बॉडी रखकर राड जाम कर दी और प्रदर्शन शुरू कर दिया। नेताओं का आरोप था कि चूंकि दो महीने से उनकी तनख्वाह नहीं मिली इसी तनाव में सोनू की मौत हो गई। जानकारी मिलने पर एसपी ईस्ट राजेश कुमार, सीओ हजरतगंज अशोक कुमार वर्मा, इंस्पेक्टर हजरतगंज विजयमल सिंह यादव, एसओ गौतमपल्ली एसके कटियार भारी पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस ऑफिसर्स ने प्रदर्शनकारियों की नवनियुक्त एलडीए वीसी राजशेखर से मोबाइल पर बात कराई। वीसी शेखर ने प्रदर्शनकारियों को उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। पर, कर्मचारी नेता मानने को तैयार न हुए और मौके पर चीफ मिनिस्टर को बुलाने की मांग करने लगे।

पथराव के जवाब में भांजी लाठियां

इस पूरे हंगामे को करीब एक घंटा हो चुका था जिस वजह से लोहिया पथ व आसपास की सड़कों पर लंबा जाम लग गया। प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर एसएसपी प्रवीण कुमार त्रिपाठी, एसपी ट्रांसगोमती दिनेश यादव भी तमाम थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ऑफिसर्स ने मृतक सोनू की बॉडी को पोस्टमार्टम के लिये भिजवाने की कोशिश की। जिस पर प्रदर्शनकारी भड़क उठे और उन्होंने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने लाठियां भांजकर उपद्रव पर उतारू प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ दिया। इस लाठीचार्ज में करीब एक दर्जन प्रदर्शनकारियों को चोटें आई। उधर, बॉडी को पुलिस वैन से पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। बॉडी के हटते ही रोड पर ट्रैफिक को चालू कर दिया गया। इसी बीच खदेड़े गए प्रदर्शनकारी लोहिया पथ से वूमेन पावर लाइन के पीछे पड़े खाली मैदान में उतर गए और वहां से रोड पर पथराव करने लगे। अचानक शुरू हुए इस पथराव से वहां अफरातफरी मच गई। जिसके बाद उपद्रवियों को काबू में करने के लिये टियर गैस भी दागी गई। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद आखिरकार प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ दिया गया।

थम गई शहर की रफ्तार

लोहिया पथ पर करीब दो घंटे तक चले जाम व प्रदर्शन की वजह से शहर की रफ्तार थम गई। लोहिया पथ की ओर आ रहे ट्रैफिक को अगल-बगल की रोड्स पर डायवर्ट कर दिया गया। दोपहर पीक ऑवर्स में हुए इस डायवर्जन से इन रोड्स पर भी लंबा जाम लग गया। स्कूल्स में छुट्टी होने पर हालात और भी बदतर हो गए और हजरतगंज, अशोक मार्ग, मीराबाई मार्ग, राणा प्रताप मार्ग, गोखले मार्ग, अंबेडकर उद्यान रोड, राजभवन रोड, डीएसओ चौराहा, एनेक्सी रोड, निशातगंज में शाम तक जाम से जूझते दिखे। हालत यह रही कि लोगों को मामूली दूरी तय करने में पसीने छूट गए। जबकि स्कूल से छूटे बच्चों को भी अपने घरों तक पहुंचने में लंबा इंतजार करना पड़ा। इस जाम में कई जगह एंबुलेंस फंसी देखी गई पर, लोग चाहकर भी उन्हें रास्ता दे पाने में नाकाम थे।


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