केरल में 2012 में दो भारतीय मछुआरों की हत्‍या के आरोपी दो इतालवी नौसैनिक में से एक को यूनाइटेड नेशन की आर्बिट्रेशन कोर्ट ने भारत से स्‍वदेश भेजने के लिए कहा है। एक नौसैनिक पहले ही भारत से जा चुका है।


नौसेनिक को इटली जाने दे भारत यूनाइटेड नेशन की आर्बिट्रेशन कोर्ट ने भारत को इटली के एक मरीन को छोड़ने के आदेश दिए हैं। इटली के विदेश मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी है कि संयुक्त राष्ट्र की कोर्ट ने भारत में मौजूद इतालवी मरीन को वापस भेजने के हक में अपना फैसला सुनाया है। गौरतलब है कि दो इतालवी नौसैनिकों पर फरवरी 2012 में केरल के पास समुद्र में दो भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वहीं इन नौसैनिकों का कहना था कि उन्होंने मछुआरों को समुद्री डाकू समझकर गोली चलाई थी। इस मामले में एक आरोपी मरीन पहले ही इटली लौट चुका है। हेग की अदालत ने दोनों मरीन्स के खिलाफ मेरिट के आधार पर मामले की सुनवाई जारी रखने का भी फैसला लिया है।पिछले साल परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन में शुरू हुई थी सुनवाई
पिछले साल दोनों देशों के बीच सहमति के बाद इस मामले की सुनवाई हेग के परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन में शुरू हुई थी। बाद में इटली ने समुद्र कानून से संबंधित इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल में भारत के अधिकार क्षेत्र को यह कहते हुए चुनौती दी थी कि घटना भारतीय समुद्री इलाके में नहीं हुई है। इसलिए भारत को इस मामले में मुकदमा चलाने का हक नहीं है। वही भारत इस दावे को खारिज कर चुका है। अपने नौसैनिक की वापसी के लिए इटली ने अंतराष्ट्रीय अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अब दोनों देश अदालत के फैसले की अपने-अपने हिसाब से व्याख्या कर रहे हैं। अदालत के फैसले लिखित प्रति मंगलवार को मिलने की उम्मीद है। इसके बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।दोनों पक्षों के अपने अपने नजरिये में उलझा मामलाकेरल में दो मछुआरों की हत्या के आरोपी इतालवी नौसैनिकों की घर वापसी पर अतंरराष्ट्रीय अदालत के फैसले को भारत और इटली अपने-अपने हिसाब से देख रहे हैं। इटली का कहना है कि भारत में अभी तक रह रहे एक इतालवी नौसैनिक को अदालती कार्यवाही पूरी होने तक इटली भेजने का फैसला दिया गया है। वहीं भारत का कहना है कि अंतराष्ट्रीय अदालत ने भारतीय सुप्रीम कोर्ट को गिरफ्तार नौसैनिक की जमानत का आधार तय करने की जिम्मेदारी सौंपी है और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ही उन्हें छोड़ा जा सकता है।क्या है मामला


दो इतालवी नौसैनिकों को 2012 में दो मछुआरों को गोली मारकर हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इटली उसी समय से मैसिमिलियानो लाटोर और सल्वाटोर जिरोन नाम के दोनों नौसैनिकों को वापस लाने की कोशिश कर रहा है। एक इतालवी नौसैनिक मैसिमिलियानो लाटोरे को इलाज के बहाने इटली जाने में सफल रहा। उसने बाद में वापस भारत आने से इनकार कर दिया। इसके बाद भारत दूसरे नौसैनिक को वापस भेजने से इनकार दिया। इस मामले को लेकर इटली और भारत के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे।

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Posted By: Molly Seth