UP Budget 2019 बजट में योगी सरकार ने किसानों की हर परेशानी का रखा ध्यान

2019-02-08T12:19:08Z

सिंचाई पशुपालन बीमा में सरकार ने दिखाई दरियादिली । पुरानी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने का दिखाया संकल्प।

lucknow@inext.co.in
LUCKNOW : भारत सरकार के अंतरिम बजट में लघु और सीमांत किसानों को सालाना छह हजार रुपये की घोषणा का सीधा लाभ प्रदेश के तीन चौथाई किसानों को मिलेगा। शुक्रवार को बजट पेश करते वक्त वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने जैसे ही यह जिक्र किया, यह साफ हो गया कि राज्य सरकार अपने बजट में किसानों पर दरियादिली दिखाने जा रही है। खास बात यह रही कि राज्य सरकार ने किसी बड़ी योजना का ऐलान करने के बजाय केंद्र सरकार की योजनाओं और यूपी की सालों से लटकी पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने की प्रतिबद्धता दर्शाई। इसी वजह से योगी सरकार ने अपने बजट में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए 892 करोड़ रुपये का प्राविधान किया तो नेशनल क्रॉप इन्श्योरेंस प्रोग्राम के लिए 450 करोड़ रुपये दिए।
पुरानी योजनाओं को करेंगे पूरा
वहीं बजट पेश होने के बाद तिलक हॉल में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमने करीब 50 साल पुरानी बाण सागर परियोजना को पिछले साल पूरा करके प्रधानमंत्री से लोकार्पण कराया। इसी तरह अब हम बाकी पुरानी परियोजनाओं को पूरा करने जा रहे है। बजट में मध्य गंगा नहर योजना-द्वितीय चरण के लिए 1,727 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है तो सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना के कार्यों के लिए 1812.56 करोड़ रुपये दिए गये हैं। इसी तरह अर्जुन सहायक परियोजना के लिए 953 करोड़ रुपये, सरयू नहर परियोजना फेज-3 समादेश क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंध कार्यक्रम के लिए 500 करोड़ रुपये तथा अर्जुन नहर परियोजना समादेश क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंध कार्यक्रम के लिए 100 करोड़ रुपये दिए गये हैं। बजट में बाढ़ नियंत्रण एवं जल निकासी परियोजनाओं के लिए 1100.61 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। कनहर सिंचाई परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये और बाणसागर परियोजना के लिए 122 करोड़ रुपये दिए गये हैं।

निराश्रित पशुओं का करेंगे रखरखाव

योगी ने कहा कि प्रदेश में गौवंश संवद्र्धन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए पशु पालन एवं दुग्ध विकास के अलावा अन्य विभागों का भी सहयोग लिया जा रहा है। प्रदेश में मदिरा की बिक्री पर विशेष फीस लगाई गई है जिससे 165 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा जिसका उपयोग प्रदेश के निराश्रित एवं बेसहारा गौ वंश के भरण-पोषण के लिए किया जायेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में गौ वंश के रख-रखाव एवं गौशाला निर्माण कार्य के लिए 247.60 करोड़ रुपये, शहरी क्षेत्रों में कान्हा गौशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना के लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय लघु डेयरी योजना के संचालन के लिए 64 करोड़ रुपये से 10 हजार इकाइयों की स्थापना की जाएगी। मथुरा में नई डेयरी की स्थापना के लिए 56 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है।
किसानों को मिलेगा ये फायदा
- 150 करोड़ रुपये उर्वरकों के पूर्व भंडारण योजना के लिए
- 1840 रुपये प्रति कुंतल की दर से 6000 क्रय केंद्रों से खरीदेंगे गेहूं
-  60.51 लाख कुंतल बीज वितरण का लक्ष्य है इस साल के लिए
- 77.26 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया
- 40 मंडी स्थलों में 5 हजार मीट्रिक टन के भंडारगृह पार्टनरशिप में बनेंगे
- 500 हाट-पैठ का विकास 150 करोड़ रुपये की लागत से मंडी परिषद कराएगा
- 429 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लिए
- 224 करोड़ रुपये श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन के लिए
- 100 करोड़ रुपये ग्रामीण क्षेत्रों में अन्त्येष्टि स्थलों के विकास के लिए
- 1820 करोड़ रुपये आपदा मोचन निधि में की व्यवस्था
- 845 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना के लिए

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