मित्र बनें तो सुधर जाए आयुष्मान की सेहत

Updated Date: Sat, 22 Feb 2020 05:46 AM (IST)

-स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से नही हो सकी आयुष्मान मित्रों की भर्ती

-योजना के केसेज की कमी से जूझ रहा विभाग, लाभार्थियों को भी हो रही परेशानी

PRAYAGRAJ: लाख कोशिशों के बावजूद आयुष्मान योजना के केसेज की संख्या में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। इसका सीधा सा कारण लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड पर्याप्त मात्रा में नहीं बनना और उनको हॉस्पिटल में पर्याप्त इलाज मुहैया नहीं कराया जाना है। कई बार हॉस्पिटल्स लाभार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं को लेकर भी उदासीनता का परिचय देते हैं। इन्हीं दिक्कतों से बचाव के लिए शासन ने एक साल पहले आयुष्मान मित्रों को भर्ती करने का आदेश दिया था, जिनकी नियुक्ति अभी तक नहीं हो सकी है। प्रथमदृष्टया विभाग की लापरवाही से अभी तक इस महत्वपूर्ण आदेश को पूरा नहीं किया जा सका है।

इसलिए नहीं बढ़ रही केसेज की संख्या

जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी आयुष्मान मित्रों की भर्ती की जानी है। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि सुविधाओं के अभाव और आयुष्मान मित्रों की नियुक्ति नहीं होने से मरीजों को सीएचसी में योजना के तहत इलाज नही मिल पा रहा है। उल्टे विभाग की ओर से एनआरएचएम के ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर्स से गोल्डन कार्ड बनवाए जा रहे हैं, जो कि नियम विरुद्ध है। अगर आयुष्मान मित्रों की नियुक्ति हो जाए तो सीएचसी पर लाभार्थियों को योजना का लाभ मिल सकता है। इसी तरह शहर के हॉस्पिटल्स में रोगी कल्याण केंद्र के आपरेटर्स से आयुष्मान मित्र का काम लिया जा रहा है। ऐसा करने से दूसरे काम भी प्रभावित हो रहे हैं।

काम करने पर मिलेगा पैसा

बता दें कि आयुष्मान मित्र को सैलरी देने का प्रावधान नहीं है। वह योजना के तहत केसेज कराएंगे तो उन्हें इंसेंटिव दिया जाएगा। सरकार चाहती थी कि बेरोजगारों को उनके काम के बदले पैसे दिए जाएं। जिससे आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनने से लेकर क्लेम की संख्या में बढ़ोतरी हो सके। फरवरी में हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने आयुष्मान योजना के अधिक से अधिक कार्ड बनाने और केसेज की संख्या बढ़ाने के आदेश भी दिए थे। उनका कहना था कि नए लाभार्थियों को भी इस योजना में जोड़ा जाना चाहिए।

एक नजर में आयुष्मान योजना

-हालिया जारी रिपोर्ट में जिले में अब तक 2.20 लाख गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं।

-185 कुल इनपैनल्ड हॉस्पिटल हैं शहर में।

-2.73 लाख जिले में कुल हैं लाभार्थी परिवार।

-अब तक 13 हजार लोगों का योजना के तहत हुआ है इलाज।

-5 करोड़ योजना के तहत कुल भुगतान किया गया।

-2.73 लाख लाभार्थी परिवारों में लगभग 14 लाख हैं लाभार्थी मेंबर।

सीएचसी पर डीसीपीएम के जरिए काम चल रहा है। जिला प्रशासन का आदेश मिले तो हम नियुक्ति कर लेंगे।

-डॉ। राहुल सिंह, नोडल, आयुष्मान योजना

Posted By: Inextlive
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