संस्कार भारती में बही रचनाओं की रसधारा

Updated Date: Sat, 01 Feb 2020 05:45 AM (IST)

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संगम रेती पर बसा माघ मेला सभी के लिए सेंटर ऑफ अटै्रैक्शन बना हुआ है। कहीं आस्था की हिलोरें हैं तो कहीं श्रद्धालुओं का रेला है। वहीं कल्चर और फोक का जलवा भी खूब देखने में आ रहा है। यहां संस्कार भारती की तरफ से अवलोकन तीरथराजु चलो रे का आयोजन हो रहा है। हर रोज यहां एक से बढ़कर एक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हो रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को काव्यपाठ हुआ। वहीं मणिपुर के फोक आर्टिस्ट्स ने डांस और विनोद रस्तोगी स्मृति संस्थान, प्रयागराज के आर्टिस्ट्स ने नौटंकी आला अफसर पेश की।

तेरे चरणों में है शीश मेरा

काव्यपाठ का शुभारंभ युवा कवि निखिल पाठक ने किया। रेणु मिश्रा ने अपनी कविता के माध्यम से माता पिता की सेवा का आवाह्न किया, तो वहीं जन कवि राम भजन सांवरिया ने जनभाषा में भगवान श्रीराम को याद करके लोगों को लुभाया। नीना मोहन श्रीवास्तव ने मां भारती की स्तुति करते हुए गीत सुनाया तेरे चरणों में है शीश मेरा, मां भारती आशीर्वाद रहे गीत सुनाकर तालियां बटोरी। वाराणसी से आए चन्द्र शेखर गोस्वामी ने हुआ तुम्हीं से जन्म हमारा, तुम्हीं को अर्पित से मात गंगा गीत सुनाकर मां गंगा की स्तुति की। कवि सम्मेलन के मुख्य अतिथि आकाशवाणी के निदेशक लोकेश शुक्ल थे। उन्होंने सुंदर गीत सुनाए। ख्यात गीतकार शैलेन्द्र मधुर ने गीत सुनाकर श्रोताओं की जमकर वाहवाही लूटी। कवि सम्मेलन में ललिता पाठक, ईश्वर शरण, जितेंद्र मिश्र मीतू, योगेन्द्र मिश्र, नायाब बलियावी और योगेश झमाझम आदि ने काव्यपाठ किया। अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ कवि जनकवि प्रकाश ने अपनी कविताओं में संगम को परिभाषित किया। इसके बाद मणिपुर के कलाकारों ने पहले होली के अवसर पर पारंपरिक ढोल वादन यानी ढोल चोलम पेश किया। इस मौके पर कार्यक्रम का संयोजन संचालन योगेन्द्र मिश्र ने किया।

Posted By: Inextlive
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