प्रयागराज में अवैध कारतूस के 'लाइसेंसी सौदागर'

Updated Date: Sat, 14 Dec 2019 05:45 AM (IST)

47 हजार जिले में कुल लाइसेंस

36 असलहा दुकानें हैं शहर में

200 कारतूस खरीद सकते हैं सालाना

100 कारतूस है एक बार में परचेजिंग लिमिट

03 है यूपी में प्रयागराज का असलहा लाइसेंस संख्या में स्थान

यह है नियम

-गोली तभी मिलेगी जब पुराने कारतूस के 80 फीसदी खोखे जमा किए जाएंगे।

-कारतूस लेने के लिए जरूरी है कि लाइसेंस ऑनलाइन होना चाहिए।

-कारतूस लेते समय वैलिड आइडी भी होनी चाहिए

-अवैध असलहा बेचने वालों ने पूछताछ में किया सनसनीखेज खुलासा

-कारतूस बेचने वाले दो लाइसेंसी गनधारियों का कबूला नाम

mukesh.chaturvedi@inext.co.in

PRAYAGRAJ: शहर में लाइसेंसी गनधारियों का एक बड़ा खेल सामने आया है। अपने गन के लाइसेंस पर कारतूस खरीदकर यह लोग अवैध असलहे के कारोबारियों को बेच रहे हैं। इसके बाद यह कारतूस उन लोगों को बेचा जा रहा है, जिनके पास वैध गन लाइसेंस नहीं है। अवैध असलहा कारोबारियों के एक गैंग को गिरफ्त में लेकर पूछताछ के बाद एसपी क्राइम ने खुद यह खुलासा किया। वैध गन लाइसेंस पर कारतूस लेकर अवैध असलहा कारोबारियों के बेचने वाले दो लोगों के नाम भी सामने आए हैं। इनकी तलाश में क्राइम ब्रांच की टीम जुट गई है। साथ ही ऐसा खेल करने वाले अन्य खिलाडि़यों को भी ट्रेस किया जा रहा है।

प्रकाश में आए लोगों की तलाश शुरू

कैंट थाने व क्राइम ब्रांच की टीम ने शुक्रवार को अवैध गन सप्लाई करने वाली गैंग को पकड़ा। इनके पास से दो दर्जन के करीब कारतूस भी मिले हैं। टीम ने कड़ाई से पूछताछ की तो गैंग के सरगना रोहित ने कारतूस के बारे में चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने पुलिस को बताया कि वह पिस्टल व रिवॉल्वर तो मुंगेर से लाता है। मगर, कारतूस की खरीद वह जिले में ही ऐसे लोगों से करता है जिनके पास गन का सरकारी लाइसेंस हैं। गन लाइसेंस होल्डर रेट से 70 से 80 रुपए प्रति कारतूस अधिक लेते हैं।

दो लोगों का लिया नाम

गैंग सरगना रोहित ने पूछताछ में यह भी कबूल किया कि बरामद कारतूस उसने लाइसेंस गन होल्डर शेरू उर्फ मो। अनीस निवासी भडरा उमरपुर नैनी व चंद्रबली पुत्र हरिश्चंद्र भारतीया निवासी खाई थाना करछना से खरीदा था। इन दोनों ने अपने लाइसेंस से कारतूस खरीदने के बाद अवैध असलहा कारोबारियों के हाथ बेचा था। अब पुलिस प्रकाश में कारतूस के सप्लायरों की तलाश में जुट गई है। क्राइम ब्रांच ऐसे लाइसेंसधारियों पर भी नजर तिरछी कर चुकी है जो चोरी-छिपे कारतूस का व्यापार कर रहे हैं।

कारतूस बेचने वाले दो लाइसेंसी गन होल्डर्स के नाम सामने आए हैं। इन दोनों लोगों की तलाश में टीम लगा दी गई है। यह चौंकाने वाला राज अवैध गन सप्लाई करने वाले गैंग ने पूछताछ के दौरान खोला है।

-आशुतोष मिश्र, एसपी क्राइम

Posted By: Inextlive
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