पेपर लीक के आरोपी स्कूलों पर गिरेगी गाज

Updated Date: Sat, 22 Feb 2020 05:46 AM (IST)

02 दूसरी पाली में इंटरमीडिएट का फिजिक्स का पर्चा हुआ था आउट

03 जिलों में वॉट्सअप पर वायरल हुआ था सॉल्व पेपर

69 सेंटर्स पर मऊ में डीएम ने कैंसिल कर दिया था एग्जाम

02 टीचर्स की हुई थी गिरफ्तारी, तीन के खिलाफ दी गई थी तहरीर

-फिजिक्स का पेपर लीक होने के बाद से बैकफुट पर आया यूपी बोर्ड

-जांच के बाद इन स्कूलों को डिबार करने की तैयारी

prayagraj@inext.co.in

PRAYAGRAJ: यूपी बोर्ड परीक्षा को नकल विहीन कराने के लिए कई महीनों से तैयारी चल रही थी। बोर्ड की तरफ से लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। नकल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए शासन के निर्देश पर एसटीएफ और एलआईयू को भी तैनात कर दिया गया था। यह सारी कवायद परीक्षा को नकल विहीन कराने के लिए की जा ही थी। लेकिन उसके बावजूद गुरुवार को कई जिलों में इंटरमीडिएट फिजिक्स का पेपर लीक हो गया। इस खबर ने यूपी बोर्ड के अधिकारियों को भी बैकफुट पर खड़ा कर दिया। बोर्ड के अधिकारी गुरुवार की शाम से कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं। बोर्ड की सचिव भी पूरे मामले की जांच होने तक कोई भी बात कहने से बच रही हैं। इन सबके बीच बोर्ड पेपर लीक करने वाले स्कूलों को डिबार करने की तैयारी में जुट गया है।

फिर से पेपर कराने की हो रही प्लानिंग

मऊ, बलिया और कुशीनगर में फिजिक्स विषय का पेपर लीक होने के बाद इसे फिर से कराने की तैयारी शुरू हो गई है। हालांकि बोर्ड के अधिकारी इस बारे में कुछ भी साफ-साफ कहने से बच रहे हैं। लेकिन अंदरखाने से खबर आ रही है कि जांच के बाद इन जिलों में फिर से पेपर कराने को लेकर मंथन चल रहा है। वहीं कुछ लोगों का मत है कि संबंधित विषय का पेपर पूरे प्रदेश में फिर से कराया जाना चाहिए। ताकि परीक्षा की शुचिता पर कोई सवाल न उठ सके।

शासन से निर्देश का इंतजार

-इस बारे में बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच चल रही है।

-अभी तक यह तय नहीं हो सका है कि पेपर कहां से लीक हुआ था। पेपर जिस विद्यालय से लीक हुआ है।

-उसका पता लगाकर डिबार करने की कार्रवाई की जाएगी।

-जहां तक फिजिक्स का पेपर फिर से कराने की बात है तो बोर्ड पूरे मामले के सभी पक्ष को समझने के बाद फिर से पेपर कराने को लेकर निर्णय लेगा।

-इस मामले को शासन के सामने भी रखा ्रगया है। वहां से जो निर्देश मिलेंगे छात्रहित को देखते हुए वह निर्णय बोर्ड की तरफ से लिया जाएगा।

पेपर जिस विद्यालय से लीक हुआ है, उसका पता लगाकर डिबार करने की कार्रवाई की जाएगी। जहां तक री-एग्जाम की बात है तो इस बारे में जो निर्देश शासन से मिलेगा उसे फॉलो किया जाएगा।

-नीना शर्मा, सचिव, यूपी बोर्ड

Posted By: Inextlive
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