नवरात्र के नौ दिनों तक मां दुर्गा के पूजन और आराधना की विशेष धूम होती है. शारदीय नवरात्र में विशेष रूप से दुर्गा पूजा पंडालों को तैयार करके तीन दिनों तक धूमधाम से मां की पूजा और अर्चना की जाती है. ऐसी मान्यता है कि मां दुर्गा नवरात्र में अपने ससुराल से मायके आती है. दशमी को मां को भक्त पूरे उत्साह और खुशी के साथ इस उम्मीद से विदा करत है कि मां अगले वर्ष फिर से नवरात्र में अपने मायके आएंगी. इस बार भी शुक्रवार को दशमी पर मां दुर्गा के विदाई की तैयारियां पूरी हो चुकी है. मां की विदाई के पहले कई आयोजन होंगे.


प्रयागराज (ब्यूरो)। कटरा बारवारी दुर्गा पूजा कमेटी के सदस्य अभिन्न वाष्र्णेय ने बताया कि दशमी पर मां दुर्गा की विदाई पर सिंधूर खेला का उत्सव की परम्परा सालों पुरानी है। शुक्रवार को दशमी पर सुबह नौ बजे पंडाल में मां दुर्गा की महादशमी पूजा होगी। इसके बाद पंडाल के अंदर ही घट विसर्जन होगा। इसके बाद सुहागिन महिलाएं मां की प्रतिमा को रंग लगाकर सिंधूर खेला करेगी। ऐसी मान्यता है कि मां दुर्गा अपने मायके आती है। मां के विदाई के समय के महौल को खुशनुमा बनाने के लिए सुहागिन महिलाएं मां के साथ सिंधूर खेला खेलेंगी। इसके बाद कमेटी मां की मूर्ति को विसर्जन के लिए लेकर निकलेगी।

महानवमी पर पंडालों में उमड़ी भीड़
नवरात्र की महानवमी पर गुरुवार को दुर्गा पूजा पंडालों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। शाम होते-होते हर तरफ मां दुर्गा के पूजन की धूम दिखाई दे रही थी। दुर्गा पूजा पंडालों में विशेष पूजन और हवन का आयोजन भी इस अवसर पर किया गया। शाम को धुनी नृत्य आदि का भी आयोजन पंडालों कमेटियों की ओर से किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पंडालों में भक्त मां के भक्ति गीतों पर भी थिरकते नजर आए। इस दौरान लोगों में गजब का उत्साह दिखाई दिया।

Posted By: Inextlive