आस्था का एक रूप यह भी

Updated Date: Wed, 21 Jan 2015 07:02 AM (IST)

- व्हील चेयर लेकर घर से संगम स्नान को निकले हरदोई के नागेन्द्र

- पोते के साथ हर मुश्किलों को पार कर लगाई पुण्य की डुबकी

व्हील चेयर लेकर घर से संगम स्नान को निकले हरदोई के नागेन्द्र

- पोते के साथ हर मुश्किलों को पार कर लगाई पुण्य की डुबकी

ALLAHABAD: allahabad@inext.co.in

ALLAHABAD: नाम नागेन्द्र कुमार। एड्रेस हरदोई, उमरापुर। दोनों पैर खराब। कमर के नीचे का हिस्सा काम नहीं करता। व्हील चेयर ही एक मात्र सहारा। न पैसा न कोई संपत्ति। सब कुछ ऊपर वाले के सहारे। मन में ठान लिया था। प्रयाग नगरी पहुंच कर ही होगा जलपान। मौनी अमावस्या पर स्नान करने के लिए घर से निकल पड़े व्हील चेयर लेकर। इस जज्बे को हर किसी ने किया सलाम।

गंगा मईया का नाम लेकर निकले

गाड़ी बुक करा नहीं सकते थे, इसलिए ट्रेन से ही इलाहाबाद पहुंचने की ठानी। पोते के साथ व्हील चेयर पर निकल पड़े। हरदोई से क्ख् बजे ट्रेन मिली। ट्रेन से सफर आसान नहीं था। ट्रेन में बहुत भीड़ थी। लेकिन हौसला नहीं छोड़ा। उनके जज्बे को सलाम करते हुए लोगों ने उनकी मदद की और ट्रेन पर चढ़ाया। रात के तीन बजे ट्रेन इलाहाबाद पहुंची। फिर लोगों ने साथ दिया और व्हीलर चेयर लेकर नीचे उतरे। पुलिस वालों से पूछकर संगम की ओर निकल पड़े। पैदल चलना था। पोता पीछे से धक्का लगा था रहा था। जंक्शन से संगम नोज पहुंचते पहुंचते सुबह हो गई। आठ बजे संगम नोज पहुंच गए और स्नान की मनोकामना पूर्ण हुई।

Posted By: Inextlive
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