अस्पतालों में बढ़ रहे बुखार के मामले रोजाना पहुंच रहे 50 से अधिक पेशेंट. डेंगू और मलेरिया के साथ वायरल फीवर के भी बढ़ रहे पेशेंट्स

बरेली(ब्यूरो)। मौसम में बदलाव के साथ ही जिला अस्पताल में बुखार के पेशेंट्स की संख्या बढऩे लगी है। आलम यह है कि इन दिनों जिला अस्पताल में सुबह से ही ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीजों की भीड़ लग रही है। अधिकारियों के अनुसार फ्राइडे को अस्पताल में 1231 पेशेंट्स आए। इनमें से फिजिशियन के पास 120 पेशेंट्स पहुंचे, जिनमें 50 पेशेंट्स बुखार के थे, साथ ही अन्य सर्दी-जुकाम के पेेशेंट थे। इन दिनोंं फिजिशियन के चैंबर के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी हुई हैैं। इसके साथ ही निजी अस्पतालों में भी इन दिनों फीवर के पेशेंट्स काफी संख्या में पहुंच रहे हैैं।

बरतें सावधानी
फिजिशियन डॉ। सौरभ गोयल ने बताया कि यह बहुत अनएक्सपेक्टेड सीजन है, हर कोई सोच रहा था गर्मी खत्म हो रही है, ठंड का मौसम शुरू हो रहा था। बदलते मौसम में वायरल इंफेक्शन की समस्या बढ़ रही है। साथ ही जिले में डेंगू और मलेरिया के मामले भी लगातार बढ़ रहे हंैैं। जिला अस्पताल के डेंगू- मलेरिया वार्ड में इस समय चार पेशेंट्स एडमिट हैैं। इसको लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।

यह भी जानें
94 डेंगू पेशेंट्स अब तक जिले में मिले
26 डेंगू पेशेंट्स अर्बन एरिया में मिले
68 डेंगू पेशेंटस रूरल एरिया में मिले
1622 पेशेंट्स मलेरिया के जनवरी से अब तक
1500 पेशेंट्स डेली जिला अस्पताल की ओपीडी में आ रहे

जरूर कराएं टेस्ट
डॉक्टर्स के अनुसार बुखार आने पर इलाज में लापरवाही नहीं करें। जरूरत पडऩे पर टेस्ट जरूरी कराएं जिससे बुखार का पता चल सके और उसका ठीक तरह से इलाज हो सके। सर्दी लगने के साथ तेज बुखार आए तो यह मलेरिया भी हो सकता है। सैंपल देकर जांच कराने से स्थिति स्पष्ट हो सकती है। वहीं डेंगू का संक्रमण होने पर शुरूआत में टेस्ट में इसका पता नहीं लगता है लेकिन एक सप्ताह बाद टेस्ट कराने से स्थिति स्पष्ट हो जाती है। प्लेटलेट्स काउंट कम होने पर डेंगू की जांच जरूरी कराएं।


मीरगंज में डेंगू का कहर
जिले में अब तक डेंगू के 94 पेशेंट्स मिल चुके हैैं। इसमें सबसे 68 ज्यादा पेशेंट्स रूरल एरिया में मिले हैं। यहां भी मीरगंज में सबसे ज्यादा 41 पेशेंट्स मिले हैं। वहीं रूरल एरिया में अब तक 26 पेशेंट्स एलाइजा जांच में डेंगू पॉजिटिव मिले हैं।


ऐसे करें बचाव
-फुल आस्तीन के कपड़े पहनें
-हेल्दी फूड लें, बाहरी खाने से बचें
-आसपास पानी का भराव न होने दें।
- टंकी, कूलर, गमले के पानी को समय पर बदल दें।
-टायर, टूटे बर्तन आदि में भी पानी न रहने दें।
- जलजमाव वाले स्थान पर एंटी लार्वा छिडक़ाव करें।
-किसी प्रकार के लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर दिखाएं


मौसम में बदलाव के साथ ही वायरल फीवर की समस्या बढऩे लगी है। इससे बचाव के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करें।
डॉ। सौरभ गोयल, फिजिशियन, संत अस्पताल


बुखार के केसेस इन दिनों ओपीडी में काफी आ रहे हैैं। पेशेंट्स की जांच भी कराई जा रही है, समस्या होने पर भर्ती करके इलाज दिया जा रहा है।
डॉ। अजय मोहन अग्रवाल, सीनियर फिजिशियन, जिला अस्पताल

Posted By: Inextlive