परिवहन निगम के अनुबंधित बस प्लाजा पर पैसेंजर्स को घटिया खाना मिलता है. खाने की क्वालिटी घटिया होने के साथ प्लाजा कर्मियों का व्यवहार भी पैसेंजर्स के प्रति अच्छा नहीं है.


गोरखपुर (ब्यूरो)। पैसेंजर्स को खाने का बिल भी मुहैया नहीं कराया जाता और मनमाना रेट भी लेते हैं। इसकी कंप्लेन कई बार पैसेंजर्स ने आरएम और एमडी तक की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। केस 1राप्तीनगर के कैलाश तिवारी सोनौली डिपो की बस में लखनऊ से गोरखपुर के लिए रवाना हुए। बस पूर्वांचल यात्री प्लाजा के पास रुक गई। उन्होंने भोजन के लिए आर्डर दिया, लेकिन जिस भोजन को परोसा गया था। वह घटिया था। जब उन्होंने बिल मांगा तो कर्मचारी ने बिल देने से मना कर दिया। इसे लेकर बहस शुरू हो गई। उन्होंने इसकी लिखित कंप्लेन की। केस 2


बरगदवा विकास नगर के राघवेंद्र सिंह ने बताया, अक्सर लखनऊ आना जाना लगा रहता है। ढाबों में बसों का ठहराव होता है, लेकिन यहां जो भी खाद्य सामग्री मिलती है। उसकी क्वालिटी अच्छी नहीं रहती। संचालक रेट लिस्ट भी नहीं चस्पा करते। बिल मांगने पर विवाद करने पर अमादा हो जाते हैं। कंप्लेन की जाती है, लेकिन सुनवाई नहीं होती। आरएम-एमआरम से कंप्लेन

गोरखपुर-लखनऊ मार्ग पर अयोध्या के भिटरिया में बसें परिवहन निगम के अनुबंधित पूर्वांचल यात्री प्लाजा पर रुकती हैं। यात्री प्लाजा के भोजन की गुणवत्ता खराब होने और कर्मचारियों के अभद्र व्यवहार से आहत है। पूर्वांचल यात्री प्लाजा की मनमानी की लिखित कंप्लेन पैसेंजर्स ने आरएम और एआरएम से की है। पैसेंजर्स ने घटिया खाने की कंप्लेन के साथ अन्य दिक्कतोंं संबंधित वीडियो भी वायरल किया है। पैसेेंजर्स की मानें तो पूर्वांचल यात्री प्लाजा पर परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता खराब होने की कंप्लेन की गई है। यात्री प्लाजा संचालक खराब तेल का प्रयोग कर भोजन तैयार करते हैं। गंदे बर्तन में भोजन परोसा जाता है। पैसेंजर्स ने इसकी वीडियो वायरल की है, जिसमें भोजन और बिल को लेकर कंडक्टर और प्लाजा कर्मचारियों के बीच किचकिच होती दिख रही है। ढाबों पर चस्पा नहीं रेट लिस्ट अनुबंधित ढाबों पर मेन्यू के हिसाब से भोजन दिया जाता है और रेट लिस्ट सार्वजनिक करने के निर्देश हैं। इसके बावजूद भी ढाबों पर रेट लिस्ट चस्पा नहीं होती है। संचालक पैसेंजर्स से मनमाना रेट लेते हैं। इसके लेकर आए दिन किचकिच होती रहती है। एमडी तक पहुंची कंप्लेन

पैसेंजर्स ने एमडी मासूम अली सरवर से अनुबंधित ढाबों की मनमानी की कंप्लेन की है। हालांकि, मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं, लेकिन अभी तक ढाबों की जांच नहीं की जा सकी है। नियम यह है कि पैसेंजर्स को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच हो। रेट लिस्ट चस्पा की जाए, ताकि पैसेंजर्स को इसकी जानकारी हो सके। गोरखपुर रीजन में तीन ढाबे - विक्रमजोत में युराज ढाबा- अरविंद पैलेस - सोनौली रोड पर जंगल ट्रीट ढाबा(नोट: इन ढाबों पर एसी और नॉन एसी बसें ठहरती हैं.) अगर ढाबा संचालक घटिया भोजन परोस रहे हैं और पैसेंजर्स के साथ बदसलूकी करते हैं तो गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान दोषी पाए गए तो संचालक का अनुबंध कैंसिल किया जाएगा। पीके तिवारी, आरएम गोरखपुर रीजन

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