रिसर्च को बढ़ावा देने और फेवरेबल एटमॉस्फियर बनाने के लिए उठाया गया कदम. गोरखपुर यूनिवर्सिटी से रिसर्च करने वाले रिसर्च स्कॉलर्स के लिए गुड न्यूज है. उनके लिए जल्द ही एक ऑनलाइन रिसर्च मैनेजमेंट पोर्टल लांच किया जाएगा.यूनिवर्सिटी में रिसर्च को बढ़ावा देने और फेवरेबल एटमॉस्फियर बनाने के लिए वीसी प्रो. पूनम टंडन की ओर से उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है.


गोरखपुर (ब्यूरो)। इस ऑनलाइन पोर्टल से पीएचडी स्कॉलर्स के लिए रिसर्च में रजिस्ट्रेशन से लेकर पीएचडी जमा करने और उपाधि प्रदान करने सहित सभी प्रॉसेस आसान होगी। यूनिवर्सिटी का रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल इस पोर्टल पर काम कर रहा है और मौजूदा रिसर्च स्कॉलर्स की जानकारी अपडेट की जा रही है।मिलेगी रिसर्च स्कॉलर्स की सभी डिटेल्स


इस पोर्टल पर रिसर्च स्कॉलर की फोटो, अनुमोदित थीसिस शीर्षक, पर्यवेक्षकों/ सह-पर्यवेक्षकों की जानकारी, रजिस्ट्रेशन की डेट, सेमेस्टर शुल्क विवरण, प्रगति रिपोर्ट (छह मासिक) स्थिति सहित विभिन्न विभागों में रजिस्टर्ड स्टूडेंट्स के बारे में डिटेल्स शो किया जाएगा। यही नहीं सभी पीएचडी स्टूडेंट्स को एक यूनिक यूजर आईडी और पासवर्ड जारी किया जाएगा। जिससे वे अपनी फाइलों के स्टेटस को देख सकेंगे। रिसर्च संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी लाने के लिए यूनिवर्सिटी ने पीएचडी अवार्ड से पहले थीसिस की सॉफ्ट कॉपी में ऑनलाइन जमा करने, एक्सपट्र्स की ओर से ऑनलाइन इवैल्यूएशन और ऑनलाइन लास्ट इंटरव्यू का प्रावधान पहले ही शुरू कर दिया है।दो महीने में होगा इवैल्यूएशन

यह उम्मीद की जाती है कि ऑनलाइन अनुसंधान प्रबंधन पोर्टल के विकास के साथ, पीएचडी स्टूडेंट्स को पीएचडी से संबंधित किसी भी मामले के बारे में पूछताछ करने के लिए भौतिक रूप से अनुसंधान और विकास सेल में जाने की जरूरत नहीं होगी और इसे तुरंत हल किया जाएगा। वीसी प्रो। पूनम टंडन की अध्यक्षता में कार्य परिषद की ओर से अनुमोदित नवनिर्मित पीएचडी अध्यादेश-2024 में पीएचडी की इवैल्यूएशन प्रक्रिया में तेजी लाने का प्रावधान किया गया है। इसमें थीसिस एक्सपट्र्स को भेजने के बाद ऑनलाइन ट्रैकिंग की व्यवस्था की गई है। थीसिस का इवैल्यूएशन दो महीने के भीतर करा लिया जाएगा।विदेश से परीक्षकों को प्रस्तावित करने का प्रावधाननए पीएचडी अध्यादेश 2024 में पहली बार विदेश से बाहरी परीक्षकों को प्रस्तावित करने का भी प्रावधान किया गया है, जो ऑनलाइन सिस्टम के प्रचलन के कारण संभव हो सका है। थीसिस सबमिशन से लेकर मूल्यांकन तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी और शोधकर्ता यूजर आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके अनुसंधान प्रबंधन पोर्टल पर स्थिति का पता लगा सकेंगे।

Posted By: Inextlive