अगर आप में पेशेन्स है तो ही सेंट्रल स्टेशन आइए क्योंकि यहां समस्यायें तो कई हैं लेकिन उनका समाधान नहीं है. मेट्रो स्टेशन व सेंट्रल स्टेशन के रिडेवलपमेंट वर्क की वजह से यहां व्यवस्थाएं चौपट हैं जिसकी वजह से हर दिन लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

कानपुर (ब्यूरो)। अगर आप में पेशेन्स है तो ही सेंट्रल स्टेशन आइए क्योंकि यहां समस्यायें तो कई हैं, लेकिन उनका समाधान नहीं है। मेट्रो स्टेशन व सेंट्रल स्टेशन के रिडेवलपमेंट वर्क की वजह से यहां व्यवस्थाएं चौपट हैं जिसकी वजह से हर दिन लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन के सिटी साइड यानी घंटाघर की तरफ से प्लेटफॉर्म तक पहुंचना नामुमकिन तो नहीं है लेकिन मुश्किलों से भरा हुआ है। यहां से जाने के लिए बहुत ही हिम्मत चाहिए। अगर यहां आपको प्यास लगी तो कहीं पर भी पानी मिलेगा। इतना ही नहीं, इमरजेंसी सर्विसेज यानि टॉयलेट आदि के इंतजाम भी नहीं है। आपको इन सुविधाओं के लिए प्लेटफार्म या फिर स्टेशन के कैंट साइड बिल्डिंग में जाना पड़ेगा। इसके अलावा पेड एंड यूज टॉयलेट का सहारा लेना पड़ेगा। यह प्रॉब्लम करीब पिछले डेढ़ साल से है और अभी एक दो साल तक ऐसे ही हालत रहने की उम्मीद है।

मुश्किलों से भरा 100 मीटर का सफर
सेंट्रल स्टेशन के सिटी साइड एंट्री गेट एक व दो से प्लेटफार्म में जाने के लिए फुट ओवर ब्रिज में एस्केलेटर लगभग 100 मीटर दूर है। जिसकी वजह से वर्तमान में पैसेंजर्स को एंट्री गेट यानी घंटाघर चौराहे स्थित रेलवे बाउंड्री वॉल से पैदल लगेज लादकर एस्केलेटर तक जाना पड़ता है। इसकी वजह से सबसे अधिक समस्या सीनियर सिटीजन, दिव्यांग व अकेले सफर करने वाली महिला पैसेंजर्स को फेस करनी पड़ रही है।

सकरी गलियों में लगेज लेकर चलना मुश्किल
सेंट्रल स्टेशन के सिटी साइड मेट्रो स्टेशन व स्टेशन रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। लिहाजा स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में 80 परसेंट से अधिक हिस्सा खुला पड़ा हुआ है। पैसेंजर्स की सुविधा के लिए मेट्रो व रेलवे आफिसर्स ने गली नुमा रास्ता प्लेटफार्म तक पहुंचने के लिए बनाया है लेकिन पैसेंजर्स लोड को देखते हुए रास्ता काफी सकरा होने की वजह से पैसेंजर्स को ट्राली बैग व लगेज लेकर गेट नंबर एक व दो से एस्केलेटर तक पहुंचने में विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

एंट्री गेट में करना पड़ा ड्रॉप
अपने फैमिली मेंबर्स व फ्रेंड को कानपुर सेंट्रल स्टेशन अपनी कार से ड्रॉप करने वालों को भी वर्तमान में काफी समस्या फेस करनी पड़ रही है। एंट्री गेट में अवैध दुकाने सजी होने की वजह से कार अंदर ले जाने में विभिन्न समस्या होती है। स्टॉप बैरीकेडिंग के पास अवैध रूप से ऑटो, टेंपो व ई-रिक्शा खड़ा होने की वजह से फैमिली मेंबर, फ्रेंड व रिलेटिव को ड्रॉप करने के बाद कार टर्न करने में भी काफी समस्या होती है।

60 परसेंट पैसेंजर लोड सिटी साइड
कानपुर सेंट्रल स्टेशन में विभिन्न ट्रेनों को पकडऩे व जर्नी खत्म करने वालों की संख्या लगभग दो लाख के आसपास है। स्टेशन में टोटल पैसेंजर्स लोड में 60 परसेंट पैसेंजर स्टेशन में आने व बाहर जाने के लिए सिटी साइड का रास्ता ही यूज करते हैं। वर्तमान में सिटी साइड में रिडेवलपमेंट वर्क होने की वजह से व्यवस्था अस्त व्यस्त है। रेलवे आफिसर भी प्रयास कर रहे है कि वर्तमान में स्टेशन आने वाले पैसेंजर्स कैंट की तरफ के रास्ते का यूज करें।

Posted By: Inextlive