शताब्दी नगर जवाहरपुरम आदि हाउसिंग स्कीम को नेशनल हाईवे पनकी से जोडऩे की केडीए की कोशिश आखिरकार रंग लाई. रेलवे ने शताब्दी नगर में दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर फोरलेन अंडरपास बनाने के केडीए के प्रपोजल को ग्र्रीन सिग्नल दे दिया है.

कानपुर (ब्यूरो)। शताब्दी नगर, जवाहरपुरम आदि हाउसिंग स्कीम को नेशनल हाईवे पनकी से जोडऩे की केडीए की कोशिश आखिरकार रंग लाई। रेलवे ने शताब्दी नगर में दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर फोरलेन अंडरपास बनाने के केडीए के प्रपोजल को ग्र्रीन सिग्नल दे दिया है। हालांकि अंडरपास रेलवे ही बनाएगा। प्रयागराज रेलवे डिवीजन की टीम फोरलेन अंडरपास का एस्टीमेट तैयार करने में जुटी हुई है। केडीए के ऑफिसर्स का दावा है कि फोरलेन अंडरपास बनने से शताब्दी नगर, जवाहरपुरम व आसपास खाली पड़े फ्लैट बेंचने में आसानी हो जाएगी। साथ ही इन हाउसिंग स्कीम्स के आसपास बसे लाखों की पापुलेशन को फायदा होगा।

5500 फ्लैट पड़े खाली
दरअसल शताब्दी नगर, जवाहरपुरम व आसपास के हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में केडीए के लगभग 5500 फ्लैट ऐसे हैं, जो लंबे समय से नहीं बिक पा रहे हैं। इन्हें बेंचने की केडीए की तमाम कोशिशें नाकामयाब हो चुकी हैं। केडीए ऑफिसर्स इसके पीछे वजह इन हाउसिंग स्कीम की कनेक्टिविटी की बता रहे थे।

हाईवे के जुडऩे से बहुत उम्मीदें
बेहतर कनेक्टिविटी के लिए केडीए ऑफिसर इन हाउसिंग स्कीम्स को पनकी-भौंती नेशनल हाईवे से सीधे जोडऩा चाहते थे। जिससे उनके खाली पड़े हजारों की संख्या में फ्लैट बिक सके। पर इसके रास्ते में सबसे बड़ी रूकावट दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर कोई रेलवे ओवर ब्रिज या अंडरपास न होना था। इसकी वजह से केडीए के ऑफिसर्स ने फोरलेन अंडरपास की परमीशन के लिए रेलवे से संपर्क किया।

मिल गई प्रपोजल को मंजूरी
लगातार फॉलोअप के बाद रेलवे की टीम ने सर्वे किया। केडीए ने फोरलेन अंडरपास के लिए पहले से चिंहित किए गए प्वाइंट को दिखाया। दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर यह प्वाइंट शताब्दी नगर में बनाई गई 45 मीटर रोड के सामने है। हालांकि मामला प्रयागराज रेलवे डिवीजन में आने की वजह से ग्र्रीन सिग्नल मिलने को केडीए का खासा इंतजार करना पड़ा। अब कहीं जाकर केडीए के प्रपोजल को मंजूरी मिल सकी है।

केडीए देगा पैसा
दिल्ली-हावड़ा ट्रैक में फोरलेन अंडरपास रेलवे ही बनाएगा। हालांकि अंडरपास बनाने में खर्च होने पूरी धनराशि केडीए ही देगा। केडीए को अंडरपास के लिए ग्र्रीन सिग्नल मिल गया है। हालांकि अब तक इसका एस्टीमेट नहीं मिला है। केडीए ऑफिसर इसको लेकर लगातार प्रयागराज डिवीजन के ऑफिसर्स से संपर्क में हैं। उनकी कोशिश है कि जल्द से जल्द एस्टीमेट मिल जाए, जिससे बजट देकर फोरलेन रेलवे अंडरपास बनाने का काम शुरू हो सके।

इन मोहल्लों को फायदा
फोरलेन अंडरपास बनने से केडीए को शताब्दी नगर, जवाहरपुरम में खाली पड़े फ्लैट बिक जाने की उम्मीद है। वहीं इन हाउसिंग स्कीम्स के अलावा रतनपुर, गंगागंज, पनकी, आवास विकास कल्याणपुर, स्वराज नगर सहित आसपास मोहल्लों में बसी लाखों की आबादी को फायदा होगा। उन्हें पनकी-हाईवे जाने के लिए कई किलोमीटर का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। वह भी फोरलेन अंडरपास के जरिए नेशनल हाईवे पर पहुंच जाएंगे।

-- फोरलेन अंडरपास को रेलवे से मंजूरी मिल गई है। प्रयागराज डिवीजन की टीम एस्टीमेट तैयार कर रहा है.जल्द ही एस्टीमेट मिलने की उम्मीद है। हाईवे से जुड़ा फोरलेन अंडरपास बनने केडीए के हाउसिंग प्रोजेक्ट्स सहित आसपास बसे मोहल्लों के लोगों को भी काफी फायदा होगा।
-- धीरेन्द्र बाजपेई, एक्सईएन, केडीए

खाली पड़े फ्लैट
हाउसिंग प्रोजेक्ट-- फ्लैट्स की संख्या
हिमालय शताब्दी नगर-- 109
हिमगिरी शताब्दी नगर-- 114
नीलगिरी शताब्दी नगर -164
सरस्वती शताब्दी नगर-- 37
अमन इंक्लेव शताब्दी नगर-- 1392
रामगंगा--593
केडीए ड्रीम्स शताब्दी नगर--1154
एकता इंक्लेव जवाहरपुरम-- 1651
प्रगति इंक्लेव जवाहरपुरम-- --271
(डिटेल जुलाई 2023 को हुई केडीए बोर्ड मीटिंग की रिपोर्ट के मुताबिक है)

Posted By: Inextlive