डॉक्टर्स में फैला संक्रमण, इलाज की चरमराई व्यवस्था

Updated Date: Tue, 13 Apr 2021 08:20 AM (IST)

- न्यूरो कोविड और मेटर्निटी कोविड हॉस्पिटल में डयूटी पर लगे कई डॉक्टर्स और नर्सिग स्टॉफ के कोरोना की चपेट में आने से बिगड़ा सिस्टम

- शासन ने आउटसोर्सिग स्टाफ के लिए नहीं मिली सहमति, बीते साल कोविड ड्यूटी करने वाले कर्मियों की सैलरी भी फंसी

KANPUR: शहर के एकमात्र और सबसे बड़े लेवल-3 कोविड हॉस्पिटल का दर्जा रखने वाले एलएलआर हॉस्पिटल में मेडिकल स्टाफ के कोरोना संक्रमित होने केबाद व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। जो स्टाफ कोरोना संक्रमित हुआ है। उसमें से ज्यादातर डॉक्टर व कर्मचारी कोविड ड्यूटी पर ही लगे थे। कोविड ट्रीटमेंट में स्टाफ की पहले से ही क्राइसेस झेल रहे मेडिकल कॉलेज प्रशासन को इससे और बड़ा झटका लगा है। संक्रमित होने वाले लोगों में मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल के अलावा मेडिसिन डिपार्टमेंट की हेड, न्यूरो कोविड आईसीयू के प्रभारी समेत कई रेजीडेंट्स, लैब टेक्नीशियंस और नर्सिग स्टाफ शामिल है।

झटके पे झटका

एलएलआर अस्पताल में बीते साल कोविड और नॉन कोविड ड्यूटी के लिए 209 कर्मचारी एनएचएम की दरों पर आउटसोर्सिग पर रखे गए थे। जब कोरोना वायरस का प्रकोप कम हुआ तो उन्हें हटा दिया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि इस दौरान उनकी बकाया सैलरी भी नहीं दी गई। वहीं मार्च के अंत में जब कोरोना संक्रमण का प्रकोप दोबारा बढ़ना शुरू हुआ तो नए सिरे से मेटर्निटी विंग, फ्लू ओपीडी और न्यूरो कोविड आईसीयू को शुरू करने की तैयारी होने लगी। वहीं संडे को कोविड ड्यूटी में लगे स्टाफ और डॉक्टर्स के कोरोना संक्रमित होने के बाद मरीजों के इलाज और कोविड अस्पताल में साफ सफाई जैसी सुविधाएं प्रभावित हो गई हैं।

न स्टाफ बढ़ा, न मिला बजट

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की ओर से कोरोना की नई लहर शुरू होने के बाद कंज्यूमेबल आईटमम(एन-95 मास्क, पीपीई किट), दवा और टेस्ट किट की उपलब्धता के लिए शासन से बजट मांगा गया था। इसके अलावा क्ख् अप्रैल तक ब् बार स्टाफ की व्यवस्था करने के लिए भी शासन को रिमाइंडर पर रिमाइंडर भेजे गए हैं। इस बीच प्रमुख सचिव के साथ ही सूबे के स्वास्थ्य मंत्री ने भी कानपुर आ कर व्यवस्थाओं की समीक्षा कर ली, लेकिन अभी तक न तो स्टाफ मिलने के बाबत कोई फैसला हुआ है न ही बजट मिल सका है।

शासन को स्टाफ और जरूरी चीजों के लिए प्रस्ताव भेजा है। डॉक्टर और स्टाफ के कोरोना संक्रमित होने से व्यवस्था थोड़ी गड़बड़ाई है। डीजीएमई को इसकी जानकारी दे रहे है।

- डॉ.आरबी कमल, प्रिंसिपल जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज

Posted By: Inextlive
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