हैलट हॉस्पिटल में पेशेंट््स की मुश्किलें कम करने के लिए सुविधाओं को लगातार बढ़ाया जा रहा है. इसी कड़ी में अब पेशेंट को एक्सरे के लिए बेड से कहीं जाने की जरूरत नहीं होगी और न लाइन लगानी होगी. उनके बेड पर एक्सरे हो जाएगा. इसके लिए शासन की तरफ से हैलट हॉस्पिटल को सात पोर्टेबल डिजिटल एक्सरे मशीनें मुहैया कराई गई हैं. इनका फायदा उन पेशेंट्स को मिलेगा जो चलने फिरने में असमर्थ हैं.


कानपुर (ब्यूरो)। हैलट हॉस्पिटल में पेशेंट््स की मुश्किलें कम करने के लिए सुविधाओं को लगातार बढ़ाया जा रहा है। इसी कड़ी में अब पेशेंट को एक्सरे के लिए बेड से कहीं जाने की जरूरत नहीं होगी और न लाइन लगानी होगी। उनके बेड पर एक्सरे हो जाएगा। इसके लिए शासन की तरफ से हैलट हॉस्पिटल को सात पोर्टेबल डिजिटल एक्सरे मशीनें मुहैया कराई गई हैं। इनका फायदा उन पेशेंट्स को मिलेगा जो चलने फिरने में असमर्थ हैं। या ऐसी स्थिति में नहीं हैं कि उन्हें एक्सरे के लिए दूसरी जगह ले जाया जा सके। वर्तमान में ऐसे पेशेंट को एक्सरे के लिए अटेंडेंट को स्ट्रेचर में लाद कर सीएमएस ऑफिस के बाद एक्सरे रूम ले जाना पड़ता है। प्रिंसिपल ने भेजी थी डिमांड


जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने ऑर्थो पेशेंट््स की सुविधा के लिए बीते दिनों शासन को लेटर भेजकर पोर्टेबल डिजिटल एक्सरे की मशीन की डिमांड की थी। जिससे एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल हुए पेशेंट के एक्सरे उनके बेड पर ही हो सकें। उनको एक्सरे के लिए नार्मल पेशेंट की जांच करने वाले एक्सरे रूम में आना न पड़े। शासन ने इस प्रोजक्ट को बीते दिनों ग्रीन सिग्नल दे दिया था। अब सात पोर्टेबल एक्सरे मशीनों को उपलब्ध भी करा दिया गया है।

रिपोर्ट का इंतजार नहीं आधुनिक तकनीक से लैस पोर्टेबल डिजिटल एक्सरे मशीनों की खास बात यह है कि यह आसानी से फोल्ड हो जाती हैं। जिसकी वजह से एक स्थान से दूसरे स्थान आराम से ले जाया जा सकता है। इसके साथ ही पोर्टेबल मशीन से की गई जांच की रिपोर्ट चंद मिनट में पेशेंट के रजिस्टर्ड मोबाइल पर आ जाएगी। वर्तमान में डिजिटल एक्सरे की रिपोर्ट के लिए पेशेंट को पूरे दिन का इंतजार करना पड़ता है। डीआर सिस्टम से एक्सरे फिल्मजीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल प्रो। संजय काला ने बताया कि उप्र मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से सात पोर्टेबल डिजिटल मशीन मेडिकल कॉलेज के रेडियोलाजी विभाग को मिली हैं। इसमें डीआर सिस्टम से एक्सरे फिल्म की सुविधा रहेगी, जिससे रिपोर्ट मोबाइल या डिजिटल स्कीन पर देखी जा सकती है। सर्जरी, मेडिसिन और एनेस्थीसिया के आईसीयू में गंभीर पेशेंट को बेड पर ही एक्सरे की सुविधा देने के लिए वहां ये मशीन लगाई जाएगी। वहीं, रेडियोलाजी डिपार्टमेंट और एचडीयू में पोर्टेबल डिजिटल एक्सरे मशीन को लगाकर पेशेंट को सुविधा दी जाएगी। न्यू बॉर्न बेबी का बेड पर होगा एमआरआई

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट हॉस्पिटल में जहां शासन की तरफ से पोर्टेबल डिजिटल एक्सरे मशीन जांच के लिए मुहैया कराई गई है। वहीं जल्द ही पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट में न्यू बॉर्न बेबी की जांच के लिए पोर्टेबल एमआरआई मशीन भी आ रही है। जिससे न्यू बॉर्न बेबी की एमआरआई जांच उसके बेड पर ही आसानी से की जा सकेगी। वर्तमान में जरूरत पडऩे पर न्यू बॉर्न बेबी को उनके पैरेंट्स जांच के लिए बाहर रेडियोलॉजी सेंटर्स पर ले जाते हैं।टेली आईसीयू में देश के एक्सपट्र्स से ट्रीटमेंट गंभीर पेशेंट को बेड पर ही देश के किसी भी कोने में बैठे एक्सपर्ट डॉक्टर से ट्रीटमेंट मिल सके, इसके लिए हैलट में टेली आईसीयू तैयार किया जा रहा है। इसको लेकर पैरामेडिकल, टेक्निकल समेत अन्य स्टाफ को ट्रेनिंग दी जा रही है। टेली आईसीयू सीसीटीवी कैमरे से लैस रहेंगे। जिसके माध्यम से बेड पर लेटे पेशेंट की कंडीशन को एक्सपर्ट डॉक्टर को दिखाकर बेस्ट ट्रीटमेंट करने में मदद ली जा सकती है।

Posted By: Inextlive