एक्सप्रेस वे पर कंटेनर से टकराकर कार में लगी आग, पांच लोग ¨जदा जले

Updated Date: Wed, 23 Dec 2020 06:40 AM (IST)

- कंटेनर से टकराई कार, टक्कर से कंटेनर का डीजल टैंक फटा, आग का गोला बनी कार

- उन्नाव का था कार का ड्राइवर, दिल्ली एम्स जा रहा था लखनऊ का परिवार

LUCKNOW: यमुना एक्सप्रेस वे पर मंगलवार सुबह दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। आगरा से नोएडा जा रही स्विफ्ट डिजायर कार आगे जा रहे कंटेनर से टकरा गई। टक्कर से कंटेनर का डीजल टैंक फटने के बाद कार में आग लग गई। लपटों में घिरी कार में ड्राइवर समेत एक ही परिवार के पांच लोग ¨जदा जल गए। कार में सवार परिवार दिल्ली में एम्स में इलाज के लिए जा रहा था। कार किराये की थी और इसका ड्राइवर उन्नाव का था। पुलिस के अनुसार कंटेनर चालक की लापरवाही से हादसा हुआ है।

डीजल टैंक फटने से हुआ हादसा

स्विफ्ट डिजायर कार (यूपी 32 केडब्ल्यू 6788) यमुना एक्सप्रेस वे पर आगरा से नोएडा की ओर जा रही थी। पुलिस ने बताया कि सुबह करीब सवा चार बजे खंदौली क्षेत्र में माइलस्टोन 160 के पास कार आगे जा रहे कंटेनर से टकरा गई। कंटेनर के डीजल टैंक में टकराने से कार फंस गई। डीजल टैंक फट गया। टक्कर से कार में आग लग गई। इसके बाद कंटेनर के पहियों में भी आग लग गई। टायर फटने की आवाज सुन आसपास के ग्रामीण आ गए, मगर तब तक कार में लगी आग विकराल रूप ले चुकी थी। सेंट्रल लॉक होने के कारण वे असहाय हो गए। राहगीर ने यमुना एक्सप्रेस वे के टोल फ्री नंबर पर सूचना दी। कार में आग की लपटें लगातार तेज होती जा रही थीं। यमुना एक्सप्रेस वे के फायर टेंडर और पानी के टैंकर से जब तक आग बुझाई गई, कार में सवार पांचों लोग ¨जदा जल चुके थे।

इलाज के लिए जा रहे थे दिल्ली

आगरा एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि सभी मृतकों की शिनाख्त हो गई है। कार का ड्राइवर संदीप लखनऊ के इलमास बाग में रह रहा था। वह उन्नाव के मिर्जापुर गांव का मूल निवासी था। संदीप के पिता राजकुमार के नाम कार का रजिस्ट्रेशन है। कार में आलमबाग प्रेमवती नगर निवासी मुरली मनोहर सरोज उनकी पत्नी सीमा, बिशनदासपुर, गौरीगंज, अमेठी में रहने वाली चचेरी बहन मंजू और सास सिरताज पत्नी कमल किशोर निवासी तकिया प्रेमवती नगर, आलमबाग, लखनऊ सवार थे। मुरली अपनी पत्नी को इलाज के लिए दिल्ली एम्स ले जा रहे थे।

कंटेनर छोड़ भाग गए ड्राइवर और क्लीनर

एसओ खंदौली अर¨वद निर्वाल ने बताया कि हादसा होते ही कंटेनर का ड्राइवर और क्लीनर भाग गए। यमुना एक्सप्रेस वे अथारिटी ने हादसे का कारण जानने को जांच कराई। एक्सप्रेस वे के कॉरिडोर कंट्रोल इंचार्ज रिटायर्ड मेजर मनीष सिंह ने बताया कि कंटेनर से एक ई वे बिल मिला। इसकी जीएसटी कार्यालय से जानकारी करने पर पता चला कि वह अमेजन कंपनी का माल लेकर जयपुर से बंगाल के लिए निकला था। इससे यह स्पष्ट है कि उसे आगरा-दिल्ली हाईवे या इनर ¨रग रोड होते हुए लखनऊ एक्सप्रेस वे पर जाना था, लेकिन ड्राइवर की गलती से यमुना एक्सप्रेस वे पर चढ़ गया। 5.5 किलोमीटर चलने के बाद उसे अहसास हुआ होगा कि वह लखनऊ की जगह नोएडा की ओर जा रहा है। उसे खंदौली टोल प्लाजा जाकर यू टर्न लेना था, मगर उसने यमुना एक्सप्रेस वे के माइल स्टोन 160 से कंटेनर को यू टर्न लेकर बैक करने की कोशिश की। तभी पीछे से आ रही कार टकरा गई।

चीख न निकली बाहर, हाथ जोड़ मांग रहे थे मदद

घटनास्थल से बमुश्किल 500 मीटर स्थित गांव पुरा लोधी के जगदीश ने बताया कि कार में सवार लोग हाथ जोड़कर मदद मांग रहे थे। मगर आग के कारण कोई मदद नहीं कर सका। ग्रामीण भोजराज ने बताया कि जब तक वे पहुंचे, आग विकराल रूप ले चुकी थी। चाहकर भी कोई मदद नहीं कर पाया। गांव के युवा अमित ने बताया कि कार सवार हाथ जोड़ रहे थे, कुछ कह रहे थे लेकिन, बाहर तक उनकी आवाज नहीं आ रही थी।

फायर स्टेंग्यूशर से नहीं बुझी आग

पुरा लोधी में कई घरों में कांच का काम होता है, इसलिए उन्होंने फायर स्टेंग्यूशर ले रखे हैं। ग्रामीणों ने उससे आग बुझाने के प्रयास किए लेकिन, सफलता नहीं मिली। एक्सप्रेस वे के फायर टेंडर ने आग बुझाई थी।

Posted By: Inextlive
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