डिप्टी सीएम ने मीटिंग में सभी अधिकारियों को संचारी रोगों से बचाव के लिए विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अक्टूबर में दीपावली छठ पूजा इत्यादि प्रदेश भर में मनाये जायेंगे। इसमें भीड़भाड़ होने के कारण विभिन्न संचारी रोगों के साथ कोविड संक्रमण के रोगियों की संख्या में वृद्धि की संभावना है।


लखनऊ (ब्यूरो)। त्योहारों में भीड़भाड़ बढऩे की उम्मीद है। ऐसे में कोविड, स्वाइन फ्लू, डेंगू जैसे संक्रमणों से बचने के लिए सावधानी बरतें। सरकारी अस्पताल भी तैयार रहें। अस्पतालों में कोविड, स्वाइन फ्लू और डेंगू मरीजों की भर्ती की व्यवस्था चाक चौबंद रखें। जरूरी दवा व जांच के इंतजाम में भी पुख्ता करें। यह निर्देश डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बुधवार को प्रदेश भर के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में दिए।कोविड को लेकर सावधान रहेंडिप्टी सीएम ने मीटिंग में सभी अधिकारियों को संचारी रोगों से बचाव के लिए विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अक्टूबर में दीपावली, छठ पूजा इत्यादि प्रदेश भर में मनाये जायेंगे। इसमें भीड़भाड़ होने के कारण विभिन्न संचारी रोगों के साथ कोविड संक्रमण के रोगियों की संख्या में वृद्धि की संभावना है। लिहाजा जन सामान्य में विभिन्न संचारी कोविड के संक्रमण को रोकने सावधानी बरतें।


टीबी मरीजों को गोद लें

उन्होंने आगे कहा कि टीबी को खत्म करने के लिए मरीजों को गोद लें। इसमें जिलाधिकारी सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा व्यापारियों से टीबी मरीजों को गोद लेने के लिए प्रेरित करें ताकि पीएम नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने में कामयाबी मिल सके। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों का नोटिफिकेशन बढ़ाएं। कांटैक्ट ट्रेसिंग कोरोना की भांति करें। टीबी मरीजों की पहचान के लिए मलिन बस्तियों में कैंप लगाएं। मरीज के घर जाकर स्क्रीनिंग करें। निक्षय पोषण योजना बढ़ाएं। वर्तमान में 2 लाख 89 हजार टीबी मरीज इलाज करा रहे हैं। इनमें से 2 लाख 44 हजार मरीजों ने गोद लिए जाने की अपनी सहमति दे दी है। अब तक 60993 टीबी मरीजों को गोद लिया जा चुका है। 183641 मरीजों को गोद लिया जाना बाकी है।ये जारी किए निर्देश- सभी जनपदों में संचारी रोगों से बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें- होर्डिंग्स, बैनर, पोस्टर लगाकर जागरूक करें- एलईडी स्क्रीन्स पर संचारी रोगों पर नियंत्रण संबंधी वीडियो क्लिप का प्रदर्शन करें- ज्वार, खांसी, फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों को तुरंत आइसोलेट करें- मास्क का इस्तेमाल करें- लक्षण वाले मरीज निकटवर्ती हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर व सरकारी अस्पताल में भेजें- संचारी रोगों के इलाज के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय दुरुस्त की जाएं- एक सप्ताह के भीतर सरकारी अस्पातल के डॉक्टर व कर्मचारियों को नियमानुसार स्वाइन फ्लू से बचाव का टीकाकरण कराएं- चयनित 38 जनपदों में स्पेशल इम्यूनाइजेशन ड्राइव की सघन समीक्षा की जाए

- सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर एवं अन्य स्टाफ की नियमित सक्रियता के साथ ही सभी उपलब्ध उपकरण, 102 व 108 एंबुलेंस की क्रियाशीलता बढ़ाएं

Posted By: Inextlive