सगी बहन की मौत का बदला लेने के लिए मौसेरी बहन का सुहाग उजाड़ा

Updated Date: Wed, 10 Feb 2021 01:42 PM (IST)

- बहन की शादी टूटने और सुसाइड करने के लिए मौसेरे भाई को मानता था जिम्मेदार

- मौसेरी बहन के पति के हत्या के लिए दी तीन लाख की सुपारी

LUCKNOW: पीजीआई के वृंदावन कॉलोनी निवासी उद्यमी अविनाश सिंह (38) की हत्या उसके रिश्तेदार ने कराई थी। अविनाश की पत्‍‌नी के मौसेरे भाई ने हत्या के लिए 3 लाख की सुपारी दी थी। वारदात का खुलासा करते हुए एसटीएफ ने मौसेरे साले सहित चार को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से एक कार, सुपारी की बची हुई 1.5 लाख रुपये रकम, 3 एटीएम कार्ड, 7 मोबाइल, सिमकार्ड, एक बाइक जो रेकी के लिए प्रयोग की गई थी और दो आधार कार्ड बरामद किये हैं। एसटीएफ ने चारों आरोपियों को पीजीआई पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।

यह था मामला

एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश के मुताबिक पीजीआई के वृंदावन योजना सेक्टर 4 निवासी अविनाश सिंह का 31 जनवरी को शव दरोगा खेड़ा के पास जंगल में एक पेड़ से लटकता मिला था। वह नमकीन की फैक्ट्री चलाते थे। वह 30 जनवरी शाम को फैक्ट्री से घर के लिए निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे। मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी।

मौसेरे साले समेत चार गिरफ्तार

एसटीएफ हत्या से जुड़े एक-एक तार जोड़ने लगी। घर से लेकर सभी परिचितों के बीच हत्यारों की तलाश शुरू की। टीम को सोमवार को मामले में अहम सुराग हाथ लगा। एसटीएफ ने सुरागों के आधार पर हत्याकांड की कडि़यां जोड़नी शुरू की तो परत दर परत खुलती चली गई। मंगलवार दोपहर को टीम ने हत्यारों को दबोच लिया। पकड़े गये हत्यारों में कन्नौज के किस्वापुर का सुमित कटियार, वैसावरी का अनमोल कटियार, बाराबंकी के याकूतगंज का विशाल वर्मा उर्फ आदित्य सिंह उर्फ शिवम उर्फ दिव्यांश उर्फ दिब्बू और याकूतगंज का सुनील गुप्ता उर्फ राजन शामिल हैं।

बहन की खुदकुशी का बदला लेना चाहता था

एडीजी एसटीएफ के मुताबिक हत्या की सुपारी देने वाला अविनाश की पत्‍‌नी निधि का मौसेरा भाई सुमित कटियार है। सुमित कन्नौज के गुरुसहायगंज का रहने वाला है। पूछताछ में सामने आया कि सुमित की बहन कामिनी का कानपुर निवासी प्रशांत सिंह से प्रेम संबंध था। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन प्रशांत के घर वालों ने अधिक दहेज मांगा। इस पर रिश्ता टूट गया। कामिनी की शादी परिजनों ने शमशाबाद के ब्लॉक प्रमुख के बेटे से तय कर दी। शादी की तारीख दो दिसंबर तय हो गई। इसकी जानकारी होने पर प्रशांत कामिनी के घर पहुंचा। उसने शादी तोड़ने की धमकी दी। यहीं नहीं प्रशांत ने उसकी कुछ प्राइवेट फोटो के बारे में ब्लॉक प्रमुख के बेटे को भी जानकारी दी, जिसके बाद कामिनी की शादी टूट गई। इसके बाद कामिनी ने आत्महत्या कर ली। यह बात सुमित को काफी नागवार लगी।

आत्महत्या के लिए निधि के भाई को मानता था जिम्मेदार

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि सुमित अपनी बहन की खुदकुशी के लिए मौसेरे भाई विक्रम को जिम्मेदार मानता था। सुमित के मुताबिक प्रशांत उसके मौसेरे भाई विक्रम उर्फ विक्की का दोस्त था। सुमित बहन की आत्महत्या के बाद डिप्रेशन में चला गया। उसने अपनी मौसी के बेटे व बेटियों से काफी दूरी बना ली। उसने आरोप लगाया कि विक्रम अगर प्रशांत को समझा देता तो उसकी बहन की शादी न टूटती और वह आत्महत्या न करती। इसी नाराजगी में सुमित ने विक्रम की बहन निधि के पति उद्यमी अविनाश सिंह की हत्या की साजिश रच डाली।

दी तीन लाख सुपारी

उसने गुरुसहायगंज के अनमोल कटियार से बातचीत की। योजना बनाने के बाद 3 लाख रुपये की सुपारी देने की बात कही गई। अनमोल ने हत्या के लिए विशाल वर्मा उर्फ आदित्य सिंह उर्फ शिवम उर्फ दिव्यांश उर्फ दिब्बू बाराबंकी के जैतपुर से संपर्क किया। इसके लिए 60 हजार रुपये भी उसके एक्सिस बैंक के खाते में डाल दिये। बाकी रकम काम होने के बाद देने को कही गई।

25 जनवरी से कर रहे थे रेकी

सुपारी लेने के बाद अनमोल, सुनील और विशाल योजना बनाने में जुट गए। इसके लिए सुनील और विशाल अविनाश की हर हरकतों के बारे में जानकारी हासिल करने में लग गये। इसके लिए सुबह से लेकर देर रात तक अविनाश की रेकी करनी शुरू कर दी। बाइक से दोनों उसकी कार का पीछा करते थे। 29 जनवरी को उसके आने जाने से लेकर फैक्ट्री व घर के बारे में पूरी जानकारी हासिल करने के बाद हत्या को अंजाम देने के लिए तैयारी पूरी कर ली।

असलहा दिखाकर किया किडनैप

पुलिस के मुताबिक 30 जनवरी की शाम को अविनाश जब अपने फैक्ट्री से निकला तो उसके पीछे लग गये। जैसे ही अविनाश की कार सर्विस लेन पर पहुंची। दोनों ने कार घेर ली और असलहा दिखाकर अपने कब्जे में ले लिया। वहां से अविनाश की कार को विशाल चलाने लगा। हाइवे पर शेरे पंजाब होटल के आगे बाएं तरफ सुनसान स्थान पर गाड़ी के अंदर ही अविनाश का गला उसके मफलर से घोंट दिया। कार में ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद सुनसान स्थान देखकर पेड़ से उसके शव को मफलर के फंदे से लटका दिया। उसकी कार भी वहीं छोड़ दी। उसमें कोई सामान नहीं छूआ गया था। ताकि लोगों को लगे अविनाश ने आत्महत्या की है। पुलिस के मुताबिक मंगलवार को सुमित और अनमोल सुपारी की रकम 150000 रुपये लेकर देने आये थे। इसी दौरान चारों को सीतापुर रोड के घैलापुर से पकड़ लिया गया।

Posted By: Inextlive
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