नगर निगम सीमा में कई नए क्षेत्र शामिल हुए हैं। इन क्षेत्रों को वार्डों में भी बांटा जा चुका है। संभावना है कि निकाय चुनाव मई में हो सकते हैं ऐसे में विस्तारित क्षेत्रों में विकास कार्यों पर विशेष फोकस किया जा रहा है


लखनऊ (ब्यूरो)। भले ही निकाय चुनाव टल गए हों लेकिन नगर निगम का बजट समय के आधार पर ही पेश किया जाएगा। इसे ध्यान में रखते हुए निगम प्रशासन की ओर से नए वित्तीय वर्ष 23-24 के लिए बजट तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है। पूरी उम्मीद है कि अगले माह इस बजट को पेश भी कर दिया जाएगा। खास बात यह है कि जो बजट आएगा, वो प्रशासक बजट होगा और पूरी उम्मीद है कि विस्तारित क्षेत्रों में विकास की उम्मीदें लेकर आएगा।रोड, नाली निर्माण पर रहेगा फोकस


अभी तो बजट तैयार हो रहा है लेकिन इतना साफ है कि इस बार जो बजट आएगा, उसमें मुख्य रूप से रोड, नाली निर्माण के साथ ही पार्कों का मेंटीनेंस कराया जाना शामिल होगा। साथ ही सफाई व्यवस्था को भी बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत सफाई मशीनों की खरीदारी के साथ कई अन्य मद में धनराशि बढ़ाई जा सकती है।नए इलाकों पर फोकसनगर निगम सीमा में कई नए क्षेत्र शामिल हुए हैं। इन क्षेत्रों को वार्डों में भी बांटा जा चुका है। संभावना है कि निकाय चुनाव मई में हो सकते हैं ऐसे में विस्तारित क्षेत्रों में विकास कार्यों पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

जनप्रतिनिधियों का कोई योगदान नहींशहर सरकार का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। ऐसे में नए बजट बनाए जाने के दौरान उनका कोई सुझाव नहीं लिया जा सकता है। निवर्तमान वरिष्ठ पार्षदों का मानना है कि जो बजट बनाया जा रहा है, वो प्रशासक बजट है और इसमें जनप्रतिनिधियों का कोई हस्तक्षेप नहीं होता है। निवर्तमान वरिष्ठ पार्षदों का कहना है कि बजट में जो भी प्राविधान किए जाएं, वो जनता के हित में हों।पुनरीक्षित बजट में संशोधननए वित्तीय वर्ष के लिए जब तक बजट आएगा, तब तक नई शहर सरकार का गठन नहीं होगा। इतना जरूर है कि जब पुनरीक्षित बजट सदन पटल पर रखा जाएगा, तो उस दौरान निर्वाचित पार्षदों की ओर से अपने-अपने वार्ड से जुड़े विकास कार्यों को उसमें सम्मिलित किया जा सकेगा। फिलहाल तब तक प्रशासक बजट के अनुसार ही वार्डों में विकास कार्य कराए जाएंगे।2006 में आया था प्रशासक बजट

निवर्तमान पार्षद गिरीश मिश्र का कहना है कि इससे पहले वर्ष 2006 में प्रशासक बजट आया था। उनका कहना है कि अधिकारियों की ओर से जो भी प्राविधान किए जाएं, वो जनता की समस्याओं और सुविधा को ध्यान में रखते हुए हों। जिससे प्रशासक बजट जनता के लिए उपयोगी साबित हो सके। मुख्य फोकस रोड, नाली, जलभराव की समस्या आदि पर किया जाना चाहिए।

Posted By: Inextlive