स्टूडेंट यूनियन के पदाधिकारियों को आंदोलन का खामियाजा आखिर भुगतना ही पड़ा. मंडे को अनुशासनहीनता के आरोप में काशी विद्यापीठ एडमिनिस्ट्रेशन ने स्टूडेंट यूनियन के पदाधिकारियों के कैंपस में एंट्री पर बैन लगा दिया है. साथ ही यूनियन के प्रेसिडेंट आशुतोष कुमार सिंह और पुस्तकालय मंत्री गौरव शर्मा के निलंबन की अनुशंसा कर दी है. प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने पदाधिकारियों पर यह कार्रवाई पिछले दिनों क्लास बायकॉट कराकर सेंट्रल ऑफिस में तालाबंदी करने को लेकर की है.


Students को मिली noticeबोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार सभी चारों पदाधिकारियों को कैंपस एंट्री पर बैन की नोटिस थमा दी गयी है। साथ ही सभी फैकल्टीज और कैंपस स्थित पुलिस चौकी को भी इससे अवगत करा दिया गया है। बताया जाता है कि छात्रसंघ उपाध्यक्ष अभिषेक प्रताप सिंह और महामंत्री दिलीप कुमार फिलहाल यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स नहीं हैं, इसलिए उन्हें केवल कैंपस में आने से ही रोका गया है। वहीं यूनियन के प्रेसिडेंट आशुतोष कुमार सिंह और पुस्तकालय मंत्री गौरव शर्मा यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स हैं, इसलिए उन्हें सस्पेंड कर कैंपस में उनकी एंट्री पर बैन लगा दिया गया है। छात्र पंचायत में तय होगी रणनीति
कैंपस में पदाधिकारियों के एंट्री पर बैन और सस्पेंशन से नाराज स्टूडेंट लीडर्स ने मंगलवार को छात्र पंचायत कॉल किया है। काशी विद्यापीठ स्थित भारत माता मंदिर में दोपहर दो बजे होने वाली छात्र पंचायत में यूनिवर्सिटी सहित एफिलिएटेड कॉलेजेज के स्टूडेंट्स शामिल होंगे। यह डिसीजन मंडे की शाम भारत माता मंदिर कैंपस में आयोजित स्टूडेंट्स यूनियन के पदाधिकारियों की मीटिंग में लिया गया। इस दौरान प्रेसिडेंट आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि एलएलबी में सीट्स की कटौती, बार काउंसिल के बिना मान्यता के एलएलबी कोर्स का संचालन और बिना कारण बताओ नोटिस देना और पदाधिकारियों का सस्पेंशन पंचायत के मुख्य मुद्दे होंगे। कहा कि एलएलबी की सीट्स को लेकर हुई धांधली के लिए दोषी लोगों पर एक्शन लेने के बजाए स्टूडेंट्स पर कार्रवाई कर यूनिवर्सिटी ने अपनी मंशा जाहिर कर दी है।

Posted By: Inextlive