हरिद्वार से देहरादून आ रही पाइप्ड नेचुरल गैस पीएनजी की राह में राजाजी नेशनल पार्क का अड़ंगा फंसा हुआ है। इससे परियोजना निर्माण में देरी लग रही है। पिछले करीब तीन साल से पीएनजी लाइन बिछाने को अनुमति नहीं मिली है।

- हरिद्वार से देहरादून तक बिछाई जा रही है पीएनजी लाइन
- पर्यावरणीय स्वीकृति मिली तो सितंबर तक घरों को सप्लाई हो सकेगी पीएनजी

देहरादून (ब्यूरो): राजाजी नेशनल पार्क के एरिया को छोड़ दिया जाए, तो देहरादून का पीएनजी लाइन बिछाने का काम तकरीबन पूरा हो गया है। दून शहर में कई इलाकों पीएनजी लाइन बिछाई गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजाजी नेशनल पार्क प्रशासन से जल्द अनुमति मिल सकती है। इसके लिए सभी आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली गई है। इस माह के अंत तक या फिर जून माह में अनुमति मिल जाएगी। पर्यावरणीय स्वीकृति मिलते ही बड़े महानगरों की तरह दून में भी पाइप्ल नेचुरल गैस की घरों में सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। पहले फेज में करीब 30 हजार कंज्यूमर्स को पाइप लाइन के जरिए घरों में पीएनजी गैस सप्लाई की जाएगी।

नहीं मिल रही अनुमति
पीएनजी का काम राजाजी नेशनल पार्क में रुका हुआ है। सूत्रों के अनुसार करीब तीन साल से पीएनजी लाइन को अनुमति नहीं मिल पाई है। इसके पीछे राजाजी नेशनल पार्क का तर्क है कि पीएनजी लाइन से गैस लीकेज होती रहती है, जिससे जंगल में घास से आग पकड़ सकती है। जानवरों को भी इससे खतरा है। पर्यावरणीय क्षति को देखते हुए लाइन बिछाने को अनुमति नहीं मिल पा रही है। उधर, यह भी बताया जा रहा है कि प्रकरण प्रोसेसिंग में है, जल्द पाइप लाइन बिछाने की अनुमति की संभावना भी जताई जा रही है।

30 हजार कनेक्शन में सितंबर तक सप्लाई
घरों तक बिछाई जा रही लाइन
मेन लाइन के बाद अब कंपनी की ओर से घरों तक लाइन पहुंचाने का कार्य किया जाना है। दून में पहले फेज में 30 हजार कनेक्शन को पीएनजी की सप्लाई की जाएगी। इसके बाद धीरे-धीरे पीएनजी कनेक्शनों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

गेल बिछा रही गैस पाइप लाइन
गेल गैस लिमिटेड की ओर से दून तक पीएनजी की मुख्य लाइन बिछाने का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। केवल राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र में मेन लाइन का काम रुका हुआ है। दून के करीब 3 लाख घरों में कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है।

सौंग नदी ने भी रोका रास्ता
डोईवाला के समीप कार्य अधर में लटका हुआ था। सौंग नदी के कारण कंपनी को लाइन बिछाने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। इसका विकल्प कंपनी को मिल गया, जिसके बाद लाइन को दून से जोड़ दिया गया है। इससे भी परियोजना के निर्माण में देरी हुई है।

इन मार्गों में बिछाई जा रही लाइन
रिस्पना से आराघर, नैनी बेकरी होते हुए राजपुर तक पाइप लाइन का रूट होगा। नैनी बेकरी से आराघर तक गैस पाइप लाइन बिछी हुई है। इस पाइप लाइन को रिस्पना पर मुख्य लाइन से कनेक्ट किया जाएगा। इसके अलावा आईएसबीटी से बल्लूपुर तक भी लाइन डाली जाएगी। मुख्य लाइन से एक रूट हरिद्वार बाईपास क्षेत्र के लिए जाता है। इस रूट पर काम लगभग पूरा है। सिर्फ मुख्य लाइन से इसे कनेक्ट करना है। सबसे पहले यहां के उपभोक्ताओं को पाइपलाइन के माध्यम से गैस मिलेगी।

इन क्षेत्रों में लगे कनेक्शन
शहर के धर्मपुर, नेहरू कॉलोनी, पटेलनगर, बंजारावाला, हरिद्वार बाइपास, शिमला बाईपास, आइएसबीटी क्षेत्र के घरों में पीएनजी के कनेक्शन लगाए जा चुके हैं। दून में करीब तीन लाख घरों को पीएनजी गैस के कनेक्शन दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है। एक बार सप्लाई शुरू हो गई इसके बाद नए कनेक्शन भी देने शुरू कर दिए जाएंगे। कंपनी ने लाइन को देहरादून से जोड़ दिया है। अब वार्डों को मुख्य लाइन से जोड़ा जाएगा। इसके लिए प्रशासन से मंजूरी ली जा रही है।


दून में पीएनजी लाइन बिछाने का कार्य तेज गति से चल रहा है। अधिकांश इलाकों में लाइन बिछ चुकी है। लाइन बिछाने को रोड कटिंग की अनुमति समय पर मिले तो काम जल्दी होगा। सितंबर तक पहले फेज में 30 हजार घरों तक पाइप लाइन से गैस सप्लाई शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सौरभ शुक्ला, सीनियर मैनेजर, गेल, देहरादून
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Posted By: Inextlive