कानपुर का कुख्यात अपराधी विकास दुबे का शुक्रवार सुबह एनकाउंटर हो गया। अपराध की दुनिया में विकास की दबंगई सालों से चली आ रही थी। उसके ऊपर 60 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। आइए जानें विकास के गैंगस्टर बनने से लेकर एनकाउंटर होने की कहानी।

कानपुर (पीटीआई)। गैंगस्टर विकास दुबे शुक्रवार सुबह एनकाउंटर में मारा गया। विकास उत्तर प्रदेश का वांछित अपराधी था जिस पर पांच लाख रुपये का इनाम था। विकास ने रियल इस्टेट का काम शुरु कर, अपराध की दुनिया में कदम रखा था। लूट और हत्या करना उसका पेशा था। इसके बाद जिला स्तर का चुनाव जीतकर वह राजनैतिक दलों का करीबी बन गया। पिछले शुक्रवार को, लगभग 50 वर्षीय दुबे ने तब सुर्खियां बटोरीं थी जब उसके गुर्गों ने कथित रूप से आठ पुलिस कर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी। तब से वह 'वांटेड' अपराधी बन गया। बीते दिनों उसकी पिछली जिंदगी की कुछ परतें भी खुलीं। सोशल मीडिया पर एक पुरानी तस्वीर वायरल हुई, जिसमें वह उत्तर प्रदेश के एक मंत्री के बगल में खड़ा नजर आया।
2000 में जीता था जिला पंचायत चुनाव
अधिकारियों के अनुसार, 2000 में विकास दुबे ने जिला पंचायत चुनाव में शिवराजपुर सीट जीती थी, उस वक्त वह जेल में था। हालांकि, गुरुवार को उसकी गिरफ्तारी के बाद, दुबे की मां सरला देवी ने कहा, "इस समय, वह भाजपा में नहीं हैं, वह सपा के साथ हैं।" लेकिन, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि दुबे "पार्टी के सदस्य नहीं हैं" और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अलावा, पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके लिंक को उजागर करने की मांग की थी। साथ ही उसके कॉल रिकॉर्ड विवरण को सार्वजनिक किए जाने की मांग की थी।