अर्जुन की तलाश में ग्रमीणों ने घेरा स्कूल

2014-11-10T07:01:38Z

- मुजफ्फनगर के ग्रामीणों ने किया कॉलेज प्रशासन का घेराव

- जल्द बरामद नहीं किया गया तो आंदोलन करेंगे ग्रामीण

- नामजद टीचर्स को गिरफ्तार कर कार्रवाई की मांग की

- सुबह काफी संख्या में एकत्र होकर स्कूल पहुंचे ग्रामीण

- सीओ और इंचौली पुलिस ने की स्कूल प्रशासन से बातचीत

Meerut: ट्रांसलेम एकेडमी से लापता हुए बारहवीं के स्टूडेंट का तीसरे दिन भी कोई सुराग नहीं लगा है। रविवार को काफी संख्या में मुजफ्फरनगर के ग्रामीण परिजनों के साथ छात्र को खोजने के लिए ट्रांसलेम एकेडमी पहुंचे। उन्होंने हॉस्टल और पूरे स्कूल कैंपस में तलाशी ली, लेकिन स्टूडेंट का कोई सुराग नहीं लग सका। इसके बाद ग्रामीण और परिजनों का गुस्सा फूट गया। यहां पुलिस और स्कूल प्रशासन का घेराव कर स्टूडेंट के सकुशल बरामदगी की मांग की।

क्या था मामला

मुजफ्फरनगर के थाना जानसठ के मनफोड़ा गांव निवासी अर्जुन लोरिस पुत्र उमेश पाल सिंह ट्रासलेम एकेडमी में कक्षा बारह का छात्र है। अर्जुन के पिता उमेश पाल बीएसएफ में जूनियर मेजर के पद पर कार्यरत है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम को कुछ स्टूडेंट्स फुटबॉल खेल रहे थे। इसी दौरान अर्जुन के पास बाल आई और उसने किक मार दी। जिसके विरोध में टीचर किरण और निर्मेश त्यागी ने पिटाई कर दी थी। इसके बाद शाम को पौने सात बजे ड्रामा क्लासेज में अर्जुन गया था, लेकिन कुछ देर रूकने के बाद वह यहां से चला गया था। अर्जुन को टीचर्स ने तलाशना शुरू किया, तब लापता होने की बात पता चली। अर्जुन को पूरे स्कूल और हॉस्टल में तलाशा गया, लेकिन वह नहीं मिला। परिजनों ने मेरठ पहुंचकर इंचौली थाने में तहरीर देकर दोनों टीचर्स के खिलाफ अपहरण का भी मुकदमा दर्ज कराया था।

हम छोड़ने वाले नहीं है

मुजफ्फरनगर रालोद के जिलाध्यक्ष अजित राठी के नेतृत्व में काफी संख्या में ग्रामीण मेरठ पहुंचे। पहले यहां पिता उमेश पाल सिंह से बातचीत की, इसके बाद सभी ग्रामीण ट्रांसलेम स्कूल के अन्दर घुस गए। पहले तो स्वामी विवेकानंद हॉस्टल में हर एक कमरे में छात्र को तलाशा गया, लेकिन नहीं मिला। फिर पूरे स्कूल कैंपस और आसपास स्टूडेंट की तलाशी की गई लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद स्कूल प्रशासन और पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों ने नारेबाजी करनी शुरू कर दी। प्रिंसीपल इंद्र प्रकाश दूबे का घेराव करते हुए कहा कि यदि अर्जुन का पता नहीं लगा तो वह स्कूल प्रशासन को छोड़ने वाले नहीं है।

भड़का आक्रोश

इस दौरान एक टीचर ने यूं कह दिया एक बार पहले भी एक स्टूडेंट लापता हो गया था उसके पिता भी कुछ हमारा नहीं बिगाड़ सके थे। इस पर ग्रामीण और आक्रोशित हो गए और हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान एसओ तेज सिंह यादव और सीओ मवाना बले सिंह पहुंचे तो ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन का भी घेराव कर जल्द ही अर्जुन को ढूंढने की बात कही। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों ने चेतावनी दी यदि जल्द स्टूडेंट को नहीं ढूंढा गया तो वह आंदोलन कर जाम और मोर्चा खोलने के लिए मजबूर होंगे।

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प्रिंसीपल को धमकाया

प्रिंसीपल साहब स्कूल के स्टूडेंटस का तो आप पर ख्याल नहीं रखा जाता, वैसे आप यहां के प्रिंसीपल बने बैठे हो। आप स्कूल चलाना भूल जाआगे। ये शब्द ग्रामीणों ने प्रिंसीपल को कहे। ग्रामीणों ने कहा स्कूल में पढ़ने वाले हर स्टूडेंट्स की जिम्मेदारी प्रिंसीपल और टीचर्स की होती है, ऐसे में वह भी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते।

पूरा मुजफ्फरनगर आएगा

गुस्से में पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि ट्रांसलेम स्कूल के शिक्षक और प्रिंसीपल उन्हें हल्के में आंक रहे हैं। यह उनकी गलतफहमी है। आज तो वह डेढ़ सौ लोगों के करीब लोगों को मेरठ लेकर आए हैं, यदि अर्जुन जल्द ही वापस नहीं आया तो वह अब मुजफ्फनगर में काफी संख्या में लोगों को मेरठ लाकर स्कूल के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे।

स्कूल में पढ़ाई नहीं होने देंगे

ग्रामीणों ने यह भी साफ कर दिया जब तक उनका बेटा सकुशल वापस नहीं आ जाता तब तक स्कूल में पढ़ाई नहीं होने देंगे। टीचर्स या प्रिंसीपल अपनी मनमानी चलाएंगे तो स्कूल की तानाशाही का जवाब देने के लिए वह तैयार हैं। स्कूल प्रशासन की लापरवाही के चलते ही हमार अर्जुन लापता हुआ है।

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गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही पुलिस

अर्जुन के परिजनों ने किरण और निर्मेश त्यागी के खिलाफ अपहरण की धाराओं में इंचौली थाने में मुकदमा कराया है। ग्रामीणों ने सीओ मवाना बले सिंह से कहा कि पुलिस दोनों आरोपी टीचर्स को गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही है। उन्हें थाने में बैठाकर पूछताछ क्यों नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस प्रशासन यदि दबाव में कार्य कर रहा है तो इसका जवाब वह देंगे। पुलिस के खिलाफ आवाज सड़क उठाएंगे। इस पर सीओ ने कहा कि हम थाने में नहीं सीधा जेल भेजते हैं, अभी थोड़ा वेट करों।


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