यहां धोखा न खा जाएं ड्राइवर्स की कमजोर आंखें

2019-07-09T06:00:34Z

-25 परसेंट से अधिक रोडवेज बसों के ड्राइवर्स की आई साइड वीक, हो सकता है हादसा

-ड्राइवर्स की कमी के चलते ओवरटाइम कर रहे ड्राइवर, सफर के दौरान दिख रही लापरवाही

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4 डिपो बरेली रीजन में

659 बसें बरेली रीजन में

बरेली डिपो में यह है स्थिति

171 बसें निगम की हैं, जिसमें 3 बसें जनरथ की

28 अनुबंधित बसें हैं, जिसमें से 7 बसें शताब्दी हैं

रुहेलखंड डिपो में यह है स्थिति

160-बसें निगम की हैं जिसमें से 3 जनरथ

29-बसें अनुबंधित बसें, जिसमें 9 शताब्दी

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पीलीभीत डिपो में यह है स्थिति

92 बसें हैं निगम की

19 बसें अनुबंधित हैं इसमें से 12 बसें शताब्दी

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बदायूं डिपो में यह है स्थिति

126 बसें निगम की हैं

37 बसें हैं अनुबंधित

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बरेली: रोडवेज बस ड्राइवर की लापरवाही से संडे रात करीब तीन बजे बस यमुना-वे एक्सप्रेस पर पुल के नीचे एक नाले में जा गिरी, जिसमें 29 से अधिक लोगों की जान चली गई, जबकि कई घायल हो गए। अब इस हादसे से बरेली में भी परिवहन विभाग पर कई सवाल उठने लगे हैं। क्योंकि यहां पर भी ड्राइवर को ही कई बार डबल ड्यूटी करनी पड़ रही है। जिससे ड्राइवर्स की थकावट की वजह से कभी भी हादसा हो सकता है। वहीं अभी हाल ही में विभाग की ओर से कराए गए नेत्र परीक्षण में कई ड्राइवर्स की आई साइड वीक पाई गई। जिससे लोगों को जान खतरा बना हुआ है।

8 घंटा ड्यूटी का ही रूल

रोडवेज बस ड्राइवर से 8 घंटा या फिर 250 से 300 किलोमीटर बस चलवाने का रूल है। लांग रूट की बसों पर दो ड्राइवर होते हैं। फिलहाल इस समय रोडवेज के पास 659 रोडवेज की बसों पर सिर्फ 1200 ड्राइवर हैं। जिससे उन्हें मजबूरी में ओवरटाइम करना पड़ता है।

दो साल पहले हुआ था हादसा

रोडवेज बस ड्राइवर की लापरवाही से 5 जून 2017 की रात को गोंडा डिपो की बस इंवर्टिस के पास बाईपास पर बस हादसा हो गया था। जिससे बस में आग लग गई थी। जिसमें 25 लोगों की जलकर मौत हो गई थी। हलांकि इसके बाद से रोडवेज के अफसरों ने संज्ञान तो लिया लेकिन बस ड्राइवर्स की संख्या पूरी नहीं हो सकी।

बसों में यह निर्देश लगेंगे

-पैसेंजर्स अपने साथ ज्वलनशील पदार्थ ने ले जाएं।

-बस में आग लगने की स्थिति में अग्निशमन यंत्र का प्रयोग करें।

-पुलिस हेल्पलाइन नम्बर 100, एम्बुलेंस 108, तथा हेल्पलाइन नम्बर 1800-180-2877 तथा व्हाट्सएप नम्बर 9415049606 पर घटित दुर्घटना की एवं यदि ड्राइवर बस चलाते समय मोबाइल पर बात करता है तो उसकी फोटो भी भेज सकते हैं।

-पिंक बस सेवाओं में महिला हेल्प के लिए बस में ऑटोमेटिक पैनिक बटन के द्वारा हेल्पलाइन नम्बर 1090 एवं यूपी 100 से हेल्प के लिए कॉल कर सकती हैं।

लापरवाही पर कर सकते कंप्लेन

वहीं रोडवेज के आरएम एसके बनर्जी ने बताया कि ड्राइवर्स की संख्या काफी कम है। हादसों में कमी लाने के लिए ड्राइवर्स की मेडिकल जांच, अवेयरनेस और ड्राइवर की सीट के पीछे एक नोटिस चस्पा किया गया है। व्हाट्सएप नम्बर भी जारी किया गया है। जिस पर पैसेंजर्ससुझाव और शिकायत कर सकती है। ड्राइवर बस तेजी से चलाए या फिर मोबाइल आदि यूज करें तो कंडेक्टर की कोई भी कमी पर फोटो खींचकर व्हॉसएप कर सकते हैं।

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-रोडवेज बसों में पैसेंजर्स की सुविधाओं के लिए बढ़ाना चाहिए। कई बार बसों में अपातकालीन गेट ओपन नहीं होता है, और कई बसों में तो मेटिंनेस की जरूरत हैं।

सत्येन्द्र पटेल

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-बारिश का मौसम शुरू हो गया है, बसों की हालत यह है कि कई बसों में तो बैठे हुए पैसेंजर्स भीग जाते हैं। इससे साफ है कि बसों में मेंटिनेंस होता है भी कि नहीं।

सचिन

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-बसों को चलाते समय ड्राइवर अक्सर फोन या फिर ईयर फोन लगा लेते हैं। ड्राइवर बसों को चलाते समय धूम्रपान भी करते हैं। ड्राइवर को इसके लिए सख्त निर्देश होना चाहिए। ताकि हादसों में कमी लाई जा सके।

मोहित


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