शहर के 17 स्वास्थ्य उपकेंद्र हो गए कनवर्ट, कर्मचारियों का प्रशिक्षण हुआ पूरा

PRAYAGRAJ: मरीजों को अब बेहतर इलाज हासिल होगा. शहर के 17 स्वास्थ्य उपकेंद्रों को जन आरोग्य केंद्रों में बदल दिया गया है. इसके लिए कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण किया गया है. इन केंद्रों की खास बात यह है कि 30 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों की जांच की जाएगी. यह जांच गैर संचारी रोगों की होगी. सरकार द्वारा इन रोगों के जरिए मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है.

इन रोगों की होगी जांच

बताया गया कि वर्तमान में उच्च रक्त चाप, मधुमेह, मोटापा, हृदय रोग, कैंसर आदि के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है. इनकी जांच केंद्रों पर होगी. इसके अलावा बच्चेदानी के मुहं का कैंसर, स्तन कैंसर, ओरल कैंसर आदि की प्रारंभिक जांच भी इन केंद्रों पर की जाएगी. भारत सरकार ने गैर संचारी रोगों के लिए 30 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों की जांच करने का निर्णय लिया हैं. भारत में 60 प्रतिशत से अधिक गैर संचारी रोगी हैं. आंकड़े बताते हैं कि एक हजार की आबादी में करीब 370 व्यक्ति 30 वर्ष से ऊपर होते हैं.

यहां बने हैं जन आरोग्य केंद्र

बड़ा बघाड़ा, भोले का पुरा सिविल लाइन, दारागंज, दारागंज 2, दरियाबाद, गौसनगर, करेलाबाग, बहादुरगंज, नैनी, राजरूपपुर, रानी मंडी, सदर बाजार, सुलेम सराय, टीबी सप्रू हॉस्पिटल तेलियरगंज, सोरांव, होलागढ़, रामनगर, जसरा, धनुपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

यह हैं गैर संचारी रोग

इन रोगों को लेकर सरकार चिंतित हैं. यह रोग छुआछूत से नही फैलते लेकिन एक बार मरीज के चपेट में आने के बाद इनका ठीक होना मुश्किल होता है. इसलिए इन रोगों की प्रारंभिक जांच जरूरी है. इसके लिए कैंसर, शुगर, ब्लडप्रेशर, हार्ट अटैक आदि को इसी श्रेणी में रखा गया है.

गैर संचारी रोगों की जांच के लिए 17 जन आरोग्य केंद्र बनाए गए हैं. इनमें गंभीर रोगों की प्रारंभिक जांच हो सकेगी. इसके बाद मरीजों का इलाज शुरू किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर मरीजों को रिफर भी किया जाएगा.

-डॉ. वीके मिश्रा,

नोडल, एनसीडी सेल