- 600 दुकानें हैं फल-सब्जी, गल्ला, मछली की मंडी में

- 900 लाइसेंस होल्डर्स व्यापारी हैं मंडी में

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- पूर्वाचल में मछली, फल व सब्जी की सबसे बड़ी नवीन मंडी, महेवा में नहीं होती सफाई

- 18 साल से टैंक की नहीं हुई सफाई, नगर निगम ने भी खड़े कर दिए हाथ, कहा- एक्सपर्ट नहीं मेरे पास

द्दह्रक्त्रन्य॥क्कक्त्र: मौसमी बीमारियों से लेकर तमाम संक्रामक रोगों को लेकर अलर्ट जारी है. शासन की तरफ से हेल्थ डिपार्टमेंट को इसको लेकर निर्देश भी जारी किया गया है जिसके बाद हेल्थ डिपार्टमेंट ने सभी विभागों को सफाई का निर्देश जारी कर दिया है लेकिन इसका असर पूर्वाचल में मछली, फल और सब्जी की सबसे बड़ी मंडी में ही नहीं दिख रहा. हालत यह है कि सालाना 15 करोड़ रुपए आय देने वाले मंडी के उस टैंक की सफाई 18 साल से नहीं हुई है, जिसमें मंडी का गंदा पानी व कचरा गिरता है. मंडी प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि मंडी सचिव कार्यालय में बने टैंक के भर जाने से पूरी मंडी में वाटर लॉगिंग हो रही है.

सफाई के प्रति लापरवाह

पूर्वाचल की सबसे बड़ी नवीन महेवा मंडी समिति के पदाधिकारी सफाई को लेकर कितने लापरवाह है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 18 साल से टैंक की सफाई नहीं हुई है. मंडी में कुछ करीब 600 दुकानें हैं और करीब 900 व्यापारी कारोबार करते हैं लेकिन इनकी सुविधा के लिए यहां कुछ भी नहीं है. मंडी प्रशासन हर व्यापारी से उसके कारोबार का ढ़ाई प्रतिशत टैक्स वसूलता है लेकिन इसके बदले में वह उन्हें बीमारी देने पर आमादा है. 1999 में ही बनी मंडी का टैंक पूरी तरह से चोक है और टैंक का पानी ओवरफ्लो कर रहा है.

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कॉलिंग

हल्की बारिश में मंडी जलमग्न हो जाती है और गंदगी का अंबार लग जाता है. इसके चलते संक्रामक रोग का खतरा रहता है.

- फिरोज अहमद राइन, महामंत्री, फल, सब्जी विक्रेता एसोसिएशन

जब से मंडी है तभी से यहां कारोबार हो रहा है लेकिन मंडी प्रशासन विकास के नाम पर कुछ भी नहीं कर रहा है. मंडी प्रशासन टैक्स लेता है लेकिन सफाई नहीं कराता.

- शम्स तबरेज, व्यापारी

जल निकासी का प्रबंध नहीं होने के चलते बारिश का पानी दुकान के अंदर तक घुस जाता है. इसके चलते व्यापार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

- सरफराज राइन, व्यापारी

टैंक की सफाई की बात तो दूर है, छोटी नालियों की भी सफाई नहीं होती है. जलजमाव हम सभी के लिए बड़ी समस्या है.

- आजाद अली, व्यापारी

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वर्जन

टैंक की सफाई के लिए मंडी निर्माण विभाग को सूचित किया गया है. उनकी ओर से लखनऊ नगर निगम को पत्र भेजा गया है. टंकी की सफाई के लिए एक्सपर्ट नहीं मिलने की बात कही जा रही है. सफाई के खर्च का ब्यौरा मांगा गया है. जल्द ही टैंक की सफाई कराई जाएगी.

- सेवा राम वर्मा, सचिव, नवीन मंडी महेवा