-इतिहास में पहली बार बाबा दरबार तक पहुंची कार

-सत्तर साल का जिक्र कर कांग्रेस पर हमलावर हुए प्रधानमंत्री

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VARANASI : यूं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र को सौगातों से इतना भर दिए हैं कि अब कोई कुछ मांगने की स्थिति में नहीं है. काशी की पहचान बाबा विश्वनाथ और मां गंगा को भी एक साथ जोड़ने के क्रम में 600 करोड़ के कॉरिडोर प्रोजेक्ट का शिलान्यास कर पीएम मोदी ने विरोधियों पर चतुर्दिक वार किया है. धार्मिक, वैश्रि्वक, आर्थिक और चमत्कारिक कार्यो से काशी को विश्व पटल पर लाकर खड़ा करने के क्रम में कदम बढ़ाया है. कॉरिडोर जब भव्य स्वरूप में आएगा तब धार्मिक नगरी काशी की आभा और निखरेगी तो विश्व स्तर पर नाम भी होगा. आर्थिक तौर पर भी काशी के खजाने को कॉरिडोर से मजबूती मिलेगी और यह चमत्कार ही है कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि श्रीकाशी विश्वनाथ दरबार तक कार भी पहुंच गयी. खुद काशीवासी भी इसे चमत्कार ही मान रहे हैं. पीएम ने बिना कांग्रेस का नाम लिए यह भी जता दिया कि जिस काम को सत्तर साल के अंदर में हो जाना चाहिए था, वह काम महज पांच साल के अंदर में कर दिखाया गया. हर-हर गंगे, हर-हर महादेव के उद्घोष से कॉरिडोर के शिलान्यास के दौरान पीएम ने जहां सीएम योगी सरकार की तारीफ की तो वहीं केंद्र में सरकार बनने के तीन साल तक काम में रुकावट के लिए पूर्व प्रदेश सरकार को कटघरे में भी खड़ा किया.


पूरी दुनिया जाने, कैसे हुआ कार्य

न्यू इंडिया बसाने की कल्पना को धार देते हुए पीएम मोदी ने कॉरिडोर प्रोजेक्ट को दुनिया के सामने लाने पर भी जोर दिया. केंद्र व राज्य सरकार किस सोच, जज्बे और दावे के साथ काम करती हैं यह बात आम जन तक पहुंचना भी जरूरी है. किस तरह आपस में जुड़े तीन सौ मकानों के बीच 40 ऐसे प्राचीन मंदिरों का उद्धार हुआ जिनके ऊपर किचन या रूम बने हुए थे. यह काम कर पाना आसान नहीं था लेकिन फिर भी बिना किसी राजनीतिक रंग के इस कार्य को तय समय में पूरा किया गया. दुनिया यह जाने की कैसे यह काम हुआ, इसके लिए बीएचयू के स्टूडेंट्स रिसर्च करें और हो सके तो डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी बनाएं.