डीएम के निर्देश पर प्रभारी एडीएम एलए ने की दस्तावेजों की पड़ताल

अछरौंडा गांव के सभी किसानों को मिल चुका है वाजिब मुआवजा

Meerut : दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य में किसानों ने अब अड़ंगा लगाया तो कानूनी कार्रवाई होगी. डीएम अनिल ढींगरा के निर्देश पर प्रभारी एडीएम भूमि अध्याप्ति/एडीएम सिटी मुकेश चंद्र ने दस्तावेजों का परीक्षण कर लिया है. साथ ही एडीएम सिटी ने एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पुलिसबल के साथ निर्माण कार्य को आरंभ करें.

मुआवजे की मांग बनी वजह

गौरतलब है कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर स्थित अछरौंडा गांव के किसानों ने गुरुवार को मुआवजे की मांग करते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया. किसानों की मांग थी कि उन्हें मौजूदा सर्किल दरों पर मुआवजा दिया जाए जबकि एनएचएआई पूर्व में उन्हें मुआवजा दे चुका है. पड़ताल में निकलकर आया कि अतिरिक्त मुआवजे की मांग वे किसान कर रहे हैं जो तत्कालीन सर्किल रेट्स के आधार पर मुआवजे की मोटी सरकार से उठा चुके हैं.

जरा समझ लें..

यहां सनद हो कि मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस-वे के लिए नोटिफिकेशन होने के बाद ज्यादातर किसानों को 2015 और 2016 की सर्किल दरों का चार गुना मुआवजा भुगतान किया गया. अछरौंडा गांव के ज्यादातर किसानों ने दो वर्ष पूर्व ही मुआवजे की धनराशि ले ली है. एक्सप्रेस-वे परियोजना में करीब 2.5 एकड़ ऐसी जमीन का अधिग्रहण पिछले दिनों एनएचएआई ने किया है जिसका नोटिफिकेशन के दौरान अधिग्रहण नहीं किया जा सका है. अछरौंडा गांव की भी कुछ प्लाट का भी हाल ही में अधिग्रहण किया गया. क्योंकि अधिग्रहण 2018 में हुआ है तो उन्हें भुगतान भी मौजूदा सर्किल दरों पर ही किया गया. ऐसे में बाकी के किसानों ने मौजूदा दरों पर अतिरिक्त प्रतिकर की मांग करते हुए निर्माण कार्य पर रोक लगा दी.

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ज्यादातर किसानों को 2 वर्ष पूर्व ही मुआवजे का भुगतान कर दिया गया है. ऐसे में अतिरिक्त प्रतिकर के भुगतान का सवाल ही पैदा नहीं होता. पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्माण कार्य को शुरू कराएं.

-मुकेश चंद्र, प्रभारी एडीएम एल/एडीएम सिटी

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सांसद ने किया निरीक्षण

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण किया. उन्होंने परतापुर इंटरचेंज पर पहुंचकर एनएचएआई के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी हासिल की. सांसद ने निर्देश दिए कि एनएच 58 पर रोड बाइंडिंग कर ट्रैफिक को सुचारु किया जाए. निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक जाम न लगने पाए. सासंद ने मौजूद किसान प्रतिनिधियों से भी बातचीत की और आश्वस्त किया कि मुआवजे के संबंध में जिला प्रशासन गैरवाजिब फैसला नहीं लेगा. उन्होंने इंटरचेंज की ड्राइंग भी देखी. एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद कुमार के अलावा सासंद प्रतिनिधि हर्ष गोयल आदि मौजूद थे.