विशेष संयोग होने के कारण अबकी बार शरद पूर्णिमा धन और पूजन के लिए बेहद शुभ है। इस दिन चंद्रमा पृथ्वी के अत्याधिक नजदीक होता है। खीर बना करके छत पर या आंगन में रखना चाहिए। यह खीर शरीर को निरोगी बनाने के लिए खाई जाती है। रविवार का संयोग होने के कारण इस दिन माता लक्ष्मी भ्रमण करेंगी। इस योग में 108 गायों के दूध से बने घी से दिए जलाकार मां को प्रसन्न किया जाता है। इससे आपका धन संकट दूर होगा। मां लश्र्मी खिले कमल पर पद्मासन मुद्रा में बैठेंगी। कहा जाता है इस वक्त उनके साथ कुबेर भी होते हैं।

इस दिन से होती है दिवाली की शुरुआत

यह मान्यता भी है कि इस दिन से दिवाली की शुरुआत हो जाती है। भारतीय ज्योतिष के प्रमुख ग्रह चंद्रमा इस दिन अधिक बलवान होता है इसलिए छोटे-छोटे उपाय से भी बड़ा फायदा मिलता है। शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी के मंत्र का उच्चारण करने से धन की दिक्कत दूर होती है। जन्मपत्रिका में चंद्रमा कमजोर है तो पांच पीली कौड़ी मां को उपहार स्वरूप भेंट करनी चाहिए। सौभाग्यवती स्त्री को प्रसाद स्वरूप खीर खिलाने से विशेष लाभ होता है। यदि आप फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित हैं तो चंद्रमा के सामने तांबे के लोटे में रखा हुआ जल पीने से फायदा होगा।

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पित्त में मिलती है निजात

चंद्रमा की किरणें शरीर में बढ़े हुए पित्त को सामान्य करती हैं। शरद पूर्णिमा से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक तुलसी के पत्ते का सेवन करें तो कफ सम्बंधी रोग दूर होते हैं। शरद पूर्णिमा से कार्तिक पूर्णिमा तक गंगा स्नान करने से त्वचा और शरीर के कई रोग दूर होते है। शुभ मुहूर्त शाम 7:53  से रात्रि 9: 31 तक और रात्रि 11:49 से रात्रि 2:1 तक इस वर्ष 13 अक्टूबर, 2019 को है।

- पंडित दीपक पांडेय

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