- बीबीएयू में नहीं थम रहा अराजकता का माहौल

- मंगलवार देर रात जमकर पीटा गया एक पूर्व छात्र

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LUCKNOW :

बीबीएयू में अराजकता का माहौल खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. यूनिवर्सिटी के एक पूर्व स्टूडेंट ने आरोप लगाया है कि उसे यहां पांच लोगों ने जमकर पीटा, जिससे चोटें आई हैं. वहीं इस मामले को लेकर स्टूडेंट्स ने बुधवार को प्रॉक्टर ऑफिस का घेराव भी किया. स्टूडेंट्स आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की मांग कर रहे थे. बाद में स्टूडेंट्स को पता चला कि कैंपस में लगाए गए ज्यादातर कैमरे खराब हैं.

दोस्त से मिलने आया था

मारपीट का आरोप लगाने वाले अनुपम पाठक का कहना है कि वह कनिष्का हॉस्टल में बीती रात डेढ़ बजे आया था. वहां उसे अशोका हॉस्टल के स्टूडेंट्स ने पीटा. अनुपम का कहना है कि उसने यहां से बीएड किया है और काशन मनी न मिलने से वह यहां आता है. 10 सितंबर को वह यहां आया तो पता चला कि उसके दोस्त की तबियत खराब है. जिस पर वह उसे देखने कनिष्का हॉस्टल के रूम नंबर 304 में आया. इसके बाद अपने कुछ कागज लेने रूम नंबर 317 में रहने वाले दूसरे दोस्त के पास गया. वहां मैं दोस्त के साथ बात कर रहा था तभी दरवाजे पर दस्तक हुई और उसने दरवाजा खोल दिया.

डंडों से खूब पीटा

अनुपम का कहना है कि दरवाजा खोलते ही पांच लड़कों ने उसे संघी विचारधारा का होने की बात कह डंडों से पीटना शुरू कर दिया और जान से मारने की धमकी दी. पीटने वाले दो लड़कों को उसने पहचान लिया है. एक का नाम सोनू कुमार और दूसरे का रोहन सागर है.

दो की हुई शिनाख्त

बुधवार को प्रॉक्टर प्रो. राम चंद्रा ने अशोका हॉस्टल में स्टूडेंट्स की शिनाख्त परेड कराई. अनुपम ने बताया कि उसने सोनू कुमार और रोहन सागर की पहचान कर ली है. बाकी को वह पहचान नहीं पाया. अनुपम ने इसकी तहरीर आशियाना थाने में दी है, लेकिन पुलिस ने अभी मुकदमा दर्ज नहीं किया है.

वार्डेन पर टिका मामला

प्रॉक्टर प्रो. राम चंद्रा ने बताया कि दोपहर चार बजे घटना की जानकारी मिली है. कनिष्का और अशोका हॉस्टल के वार्डेन और डीएसडब्ल्यू की जिम्मेदारी है कि हॉस्टल में शांति व्यवस्था बनाए रखें, लेकिन उन्हें इन घटनाओं की कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि स्टूडेंट का एक ग्रुप प्रेशर बनाने आया था. कोई बाहरी हॉस्टल में कैसे रुक गया, इस पर वार्डेन और डीएसडब्ल्यू बताएं.