क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: रांची नगर निगम ने दो साल पहले कोकर के डिस्टिलरी पुल को भरकर उसपर स्वामी विवेकानंद स्मृति पार्क का निर्माण कराया था. इसके लिए लगभग दो करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए. लेकिन आज स्थिति यह है कि पार्क में केवल झाडि़यां ही झाडि़यां नजर आ रही हैं. वहीं तालाब की हालात भी कुछ ज्यादा अच्छी नहीं है. इससे पार्क में कुछ देखने लायक भी नहीं बचा है. इसके बावजूद विजिटर्स से एंट्री के नाम पर रसीद काटी जा रही है. जिन्हें अंदर जाने के बाद पार्क मुंह चिढ़ा रहा है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या इसी दिन के लिए दो करोड़ रुपए खर्च किए गए थे.

अपने हाथों में लेने के बाद भी नहीं है ध्यान

रांची नगर निगम ने स्वामी विवेकानंद पार्क के संचालन का जिम्मा अपने हाथों में ले लिया है. ताकि सिटी के लोगों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके. लेकिन कुछ दिनों से नगर निगम का इस पार्क पर ध्यान ही नहीं है. चारों ओर बाउंड्री में लगी जाली को काट दिया गया है. इससे विजिटर्स भी सुरक्षित नहीं हैं.

दो करोड़ रुपए आई थी लागत

पार्क के निर्माण में एक करोड़ 90 लाख रुपए खर्च किए गए थे. इसके निर्माण से पहले भी विवाद होता रहा. कई बार काम बंद कराकर दोबारा चालू कराया गया. लोगों को उम्मीद थी कि शहर के बीच एक अच्छा पार्क मिलेगा. कुछ दिनों बाद पार्क का हैंडओवर लेने के बाद निगम ने संचालन को लेकर टेंडर निकाला. इसमें एक एजेंसी ने पार्क चलाने में इंटरेस्ट दिखाया पर नगर निगम ने एजेंसी को हटाकर पार्क को अपने हाथों में ले लिया.

एंट्री चार्ज लेंगे पर फैसिलिटी नहीं देंगे

एक विजिटर से दस रुपए एंट्री चार्ज लिया जाता है. लेकिन विजिटर्स को सुविधा के नाम पर पार्क में कुछ नहीं मिलता. केवल बैठने के लिए कुछ सीमेंट की कुर्सियां लगी हैं. बाकी पूरे पार्क में झाडि़यां उगी हुई हैं. वहीं रास्ते का भी कुछ पता नहीं चलता. इतना ही नहीं, ग्राउंड में भी जगह-जगह पानी भरा है. इससे लगातार मिट्टी धंस रही है.

ये है पार्क में अव्यवस्था

-इंट्री चार्ज से बचने के लिए काट दी जाली

-विजिटर्स की सिक्योरिटी का नहीं है इंतजाम

-टॉयलेट में लगा रहता है ताला

-बारिश में पार्क में भर जा रहा पानी

-अंडरग्राउंड मार्केट से नहीं हो रही पानी की निकासी

-पार्क के बीच तालाब की स्थिति भी हो गई खराब

-चारों ओर विजिटर्स के लिए बना पाथवे हुआ बर्बाद