.पॉजिटिव केस मिलने के बाद ज्यादा अलर्ट रहने की जरूरत

.दिल्ली-एनसीआर से अपने घरों को पहुंचने लगे लोग

बरेली। डिस्ट्रिक्ट में कोरोना वायरस का पहला पॉजिटिव केस सामने आने के बाद खतरा और बढ़ गया है। बरेली में दिल्ली व एनसीआर से पिछले कई दिनों से हजारों लोगों का आना-जाना जारी है। सुभाषनगर का जो युवक कोरोना पॉजिटिव मिला है, वह भी एनसीआर से दो दिन पहले ही आया है। यदि बाहर से लोगों के आने का सिलसिला लगातार जारी रहा तो हालात बिगड़ सकते हैं। पुलिस भी इन्हें किसी न किसी वाहन में बैठाकर उनके घरों को भेज रही है। पुलिस इन लोगों के खाने-पीने का भी पूरा इंतजाम कर रही है। बस अड्डे पर नगर निगम के द्वारा मोबाइल टायलेट भी लगाए गए ताकि किसी को कोई दिक्कत न हो।

हाइवे पर पैदल निकले

बता दें कि 23 मार्च से लॉकडाउन के बाद से लोग किसी न किसी तरह अपने घर पहुंचने की जुगाड़ में लगे हैं। जब पीएम मोदी ने 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की तो दूसरे जिलाें में रह रहे लोग घरों के लिए निकल पड़े। पहले तो हाइवे पर पैदल ही लोग निकले लेकिन फिर जरूरी सेवाओं में लगे वाहनों से बैठकर जाने लगे। उसके बाद रोडवेज बसों के जरिए दिल्ली बॉर्डर से लोगों को लाया गया लेकिन दिल्ली-यूपी बॉर्डर से अधिकांश लोग बरेली पहुंच रहे हैं, जिसमें कई लोग उत्तराखंड तो कई बिहार जाना चाहते हैं। इसके अलावा कई यूपी के पूवरंचल के जिलों में भी जाना चाह रहे हैं। इसलिए थर्सडे रात से बरेली में सैटेलाइट बस अड्डे पर हजारों की संख्या में लोग पहुंच गए हैं।

कोई सवारी मिल जाए

शहर में हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों को उनके घर पहुंचाने के लिए पुलिस वाहनों का इंतजाम कर रही है। रोडवेज बसों की कम संख्या के चलते पुलिस ने अपने स्तर पर प्राइवेट वाहनों का इंतजाम किया है। इसके अलावा जरूरी सेवाओं में लगे वाहनों में भी लोगों का बैठाकर भेजा लेकिन इस दौरान लॉकडाउन के नियमों की जमकर धजिज्यां उडाई गईं। न तो लोगों की बीच कोई दूरी रखी गई और न ही हादसे की, क्योंकि सभी को वाहनों में ठूंस कर भर दिया गया।

मनमाना किराया भी वसूल रहे

पुलिस के द्वारा मिली छूट का वाहन चालकों ने भी फायदा उठाना शुरू कर दिया है। प्राइवेट बस, पिकअप व ऑटो वालों ने लॉकडाउन में से लोगों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए मनमाना किरया वसूलना शुरू कर दिया है। शाहजहांपुर के 200 रुपए तो कटरा तक के 80 रुपए वसूले गए। जबकि आम दिनों में कम ही किराया रहता है। लोगों को मजबूरी में बैठकर जाना पड़ा। सैटेलाइट पर कई ऐसे लोग थे जिनके पास घर जाने के लिए पैसे नहीं थे तो पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने वाहन चालकों से उन लोगों से रुपए न लेने की बात कही।

दोपहर बाद शहर में नो एंट्री

जैसे ही पुलिस-प्रशासन को पता चला कि शहर में एक केस कोरोना का मिल गया है तो फिर बाहर से शहर में आ रहे लोगों के रोकने के इंतजाम शुरू किए गए। बाहर से आ रहे लोगों को परसाखेड़ा, विलयधाम व अन्य स्थानों पर बड़ा बाईपास पर ही रोकने के लिए बोल दिया। किसी को पैदल बस अड्डे तक न आने के लिए कहा गया। यही नहीं बस अड्डे से कोई भी वाहन न चलाने के लिए बोला गया जो लोग आए थे उन्हें बाहरी प्वाइंट से ही किसी वाहन में जाने के इंतजाम किए गए।

सोशल डिस्टेंसिंग नहीं

अब हजारों की संख्या में लोग शहर पहुंचे तो ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग का कोई पालन नहीं हो सका। पुलिस बार-बार लोगों से दूरी बनाने के लिए कह रही थी लेकिन वाहन में चढ़ने और बैठने के दौरान उनके बीच कोई दूरी नहीं रखी गई। ऐसे में यदि इनमें एक भी कोरोना पॉजिटिव हुआ तो कई लोगों को संक्रमण हो सकता है और स्थिति भयाभय हो सकती है।

Posted By: Inextlive

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