आगरा (ब्यूरो)। शनिवार सुबह नौ बजे इस घटना के चलते खंदारी-आरबीएस कॉलेज रोड पर जाम लग गया। वहीं पानी के दबाव से मिट्टी को सीवर लाइन में डालने का पार्षद शरद चौहान ने विरोध किया। यूपीएमआरसी की टीम ने मशीनों से मिट्टी उठाई। इसकी शिकायत अधिकारियों से की गई है।

14 किमी लंबा पहला कॉरिडोर
शहर में 30 किमी लंबे मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण होना है। सिकंदरा तिराहा से टीडीआई माल तक फस्र्ट कॉरिडोर 14 किमी लंबा होगा। इसमें साढ़े सात किमी अंडरग्राउंड और साढ़े छह किमी एलीवेटेड ट्रैक होगा। यूपीएमआरसी की टीम ने एक महीने पूर्व खंदारी चौराहा के पास स्थित उप निदेशक समाज कल्याण कार्यालय के पास से दो टनल बोङ्क्षरग मशीन को लॉन्च किया था। यह मशीनें 70 से 75 फीट की गहराई पर खोदाई कर रही हैं। टनल का व्यास छह मीटर है। 730 मीटर लंबे ट्रैक के अप लाइन में अब तक 580 मीटर और डाउन ट्रैक में 300 मीटर की खोदाई हो चुकी है। अप लाइन में 14 में 12 बोरवेल और रेन वाटर हार्वेङ्क्षस्टग के पाइप, डाउन लाइन में दो बोरवेल हैं। छह महीने पहले इन सभी को टीम ने बंद कर दिया है। शुक्रवार को शिवाजी टीबीएम से अप लाइन में खोदाई हो रही थी।

कई टन मिट्टी कारण
लाजपत कुंज, सिविल लाइंस स्थित वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ। रवि सभरवाल के घर की रेन वाटर हार्वेङ्क्षस्टग के पाइप से मटमैला फव्वारा फूट गया। यह 20 फीट की ऊंचाई तक गया। कई टन मिट्टी निकलने से पाइप से दो मीटर की दूरी पर खड़ी एक बुलेट और एक बाइक गिर पड़ीं। परिसर में मिट्टी फैलने लगी। डॉ। रवि ने टीम को इसकी जानकारी दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पाइप से इतनी अधिक मिट्टी निकली की रोड पर बहने लगी। यूपीएमआरसी की टीम पहुंच गई और मिट्टी की सफाई कराई गई। कंकरीट से पाइप को भर दिया गया। रात में टीम डेरा जमाए रही। शनिवार सुबह नौ बजे खोदाई चल रही थी। वरिष्ठ न्यूरो फिजीशियन डॉ। विकास बंसल के घर के बोरवेल से मिट्टी निकलने लगी। इससे टाइल्स टूट गई। कई टन मिट्टी परिसर में बहने लगी। चार इंच के बोरवेल से निकली मिट्टी बहकर रोड पर आ गई। एक घंटे तक मिट्टी निकलती रही।

रोड की एक लेन की बंद
टीम ने आधे हिस्से की रोड को बंद कर दिया। इससे खंदारी-आरबीएस कॉलेज रोड पर बीस मिनट के लिए जाम लग गया। कई मरीज और तीमारदार गिरने से बच गए। भरतपुर हाउस सोसाइटी के अध्यक्ष अजय कंसल ने इसकी शिकायत पार्षद शरद चौहान से की। शरद चौहान नगर निगम और वबाग कंपनी की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सीवर लाइन में मिट्टी बहाने का विरोध किया। अधिकारियों से इसकी शिकायत की। यूपीएमआरसी की टीम ने एक मशीन से मिट्टी का उठान शुरू किया, जबकि लाइन की तरफ मिट्टी न जाए। इसे लेकर कपड़े लगाए गए। इसी तरह से डॉ। विकास के बगल में स्थित सुनील शर्मा के घर में भी मिट्टी निकली। इससे दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

यूपीएमआरसी की टीम कराएगी मरम्मत
यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक, जनसंपर्क पंचानन मिश्र का कहना है कि खोदाई के दौरान बोरवेल व रेन वाटर हार्वेङ्क्षस्टग के पाइप से मिट्टी बाहर निकली है जो भी नुकसान हुआ है। उसकी मरम्मत कराई जा रही है। अगर पानी की दिक्कत होगी तो टीम द्वारा अनुमति के बाद नई बोङ्क्षरग भी कराई जाएगी। वहीं सीवर लाइन में मिट्टी बहाने की रिपोर्ट मांगी गई है। लाइन में मिट्टी बहाने से यह चोक हो जाएगी।

इसलिए निकली मिट्टी
भूमिगत मेट्रो ट्रैक के एलाइनमेंट में जो भी मकान, दुकानें या फिर मल्टीस्टोरी बिङ्क्षल्डग आती हैं। उन सभी को चिन्हित कर लिया जाता है। यह कार्य चार महीने पहले होता है। प्रत्येक मकानों या फिर अन्य में छह से 10 सेंसर लगाए जाते हैं। बोरवेल या फिर रेन वाटर हार्वेङ्क्षस्टग के पाइप को बाहर निकाल दिया जाता है। कंकरीट की मोटी परत से पाइप को भर दिया जाता है। उसके समीप सेंसर भी लगाया जाता है। लाजपत कुंज के घरों में यह ठीक तरीके से नहीं किया गया। यूपीएमआरसी के एक अधिकारी ने बताया कि 90 मीटर लंबी टीबीएम प्रेशर से मिट्टी का कटान करती है। विशेष तरीके का केमिकल और फोम का छिड़काव मशीन के कटर पर लगातार किया जाता है। पाइप ठीक से न भरा होने के चलते तेजी से मिट्टी बाहर निकलने लगी।

आसान नहीं होगा आगे की खोदाई
यूपीएमआरसी की टीम चार टीबीएम से भूमिगत ट्रैक की खोदाई कर रही है। आरबीएस कॉलेज से राजा की मंडी, आगरा कॉलेज होते हुए ट्रैक बिजलीघर बस डिपो के सामने स्थित मन:कामेश्वर मेट्रो स्टेशन से जाकर मिलेगा। राजा की मंडी और आगरा कॉलेज, एसएन मेडिकल कॉलेज और इनके आसपास के क्षेत्र में पुराने भवन हैं। ऐसे में इस हिस्से में खोदाई आसान नहीं होगी। खासकर इन क्षेत्रों से पानी की पुरानी पाइप लाइन भी गुजरी हैं।

30 किमी लंबा शहर में मेट्रो कॉरिडोर
2 मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण किया जाना है
6 किमी लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर में जारी है मेट्रो का संचालन
75 फीट करीब की गहराई में खोदाई करती है टीबीएम

टीबीएम पर नजर
- 6.6 मीटर डायमीटर की टनल बनेगी
- 1 मीटर की खोदाई में 55 टन मिट्टी निकलेगी
- 5 डिब्बों की टेन मिट्टी को निकालने के लिए चलेगी
- 1 डिब्बे में 15 से 17 टन आएगी मिट््टी
- 5.8 बचेगा ब्लाक लगने के बाद टनल का डायमीटर

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