आगरा (ब्यूरो)। प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर जनरल कार्यालय के असिस्टेंट डायरेक्टर धर्मेश गगनेजा ने बताया कि पेंशनरों को हर साल नवंबर में अपना जीवन प्रमाण-पत्र बनवाना पड़ता है और उन्हें इसके लिए बैैंक, ट्रेजरी या फिर डिपार्टमेंट में जाना पड़ता है। जो लोग ज्यादा बुजुर्ग हैैं या चलने-फिरने में तकलीफ होती हैै। उन्हें इसमें काफी दिक्कत होती है। उनकी इस दिक्कत को दूर करने के लिए डाक विभाग ने डोर स्टेप बैकिंग के तहत घर बैठे ऑनलाइन जीवन प्रमाण-पत्र बनाने की सुविधा शुरू की है। इसके लिए नजदीकी पोस्ट ऑफिस के पोस्टमैन से संपर्क कर सकते हैैं। इसके अलावा पोस्ट इंफो मोबाइल एप पर आवेदन भी कर सकते हैैं। धर्मेश गगनेजा ने बताया कि आवेदन के 48 घंटे के भीतर ही पोस्टमैन प्रमाण-पत्र बनाने के लिए पहुंच जाएगा।

ऑनलाइन हो जाएगा पीपीओ में फीड
धर्मेश गगनेजा ने बताया कि भारतीय डाक विभाग के सरकारी एप पोस्ट इंफो को इंस्टॉल करके सर्विस रिक्वेस्ट विकल्प को चुनकर पेंशनभोगी अपना पता, मोबाइल नंबर, पिन कोड सहित दर्ज कर देंगे। इसके बाद यह रिक्वेस्ट उस पिनकोड के डाकघर को फॉरवर्ड कर दी जाएगी। डाकघर संबधित पोस्ट ऑफिस के पोस्टमैन को भेजकर रिक्वेस्ट देेने वाले व्यक्ति का जीवन प्रमाण-पत्र जारी कर देता है। यह जीवन प्रमाण-पत्र ऑनलाइन जारी होकर सीधे पेंशनधारक के पीपीओ में फीड हो जाएगा। इससे कि पेंशन देने वाले संस्थानों से लेकर ट्रेजरी और बैैंकों में लगने वाली भीड़ से भी बचा जा सकेगा।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
-मोबाइल में पोस्ट इंफो एप डाउलोड करें
- यहां जाकर सर्विस रिक्वेस्ट पर क्लिक करें
- ओपन हुए फॉर्म में नाम, पता, पिनकोड, मोबाइल नंबर दर्ज करें
-इसके बाद सर्विस सलेक्ट करें
- यहां पर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के विकल्प को चुनें
- इसके बाद इसे सबमिट कर दें

डाक विभाग द्वारा घर बैठे जीवन प्रमाण-पत्र बनाने की सुविधा शुरू की गई है। इसे नजदीकी पोस्टमैैन से कहकर या ऑनलाइन पोस्ट इंफो एप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैैं। 48 घंटे के अंदर पोस्टमैन घर पर आएगा और आपका प्रमाण-पत्र बन जाएगा।
- धर्मेश गगनेजा, असिस्टेंट डायरेक्टर, पोस्टमास्टर जनरल ऑफिस

यह काफी अच्छी सुविधा है। मेरे फादर इन लॉ को हर साल जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए परेशान होना पड़ता है। अब यह सुविधा घर बैठे मिल जाएगी।
- अमित सक्सेना, पब्लिक

मेरे बाबाजी को हर साल लाइफ सर्टिफिकेट के लिए बैैंक या ट्रेजरी का चक्कर लगाना पड़ता है। अब उन्हें परेशान नहीं होना पड़ेगा। उन्हें इस उम्र में आने जाने में तकलीफ होती है।
- शक्ति भारद्वाज, पब्लिक