दूषित पानी से हो रही बीमारियां
सीनियर पीडियाट्रिशियन और आईएमए आगरा प्रेसिडेंट डॉ। ओपी यादव ने बताया कि इस बार वायरल, डेंगू, मलेरिया के साथ में दूषित पानी से होने वाली बीमारियां भी देखने को मिल रही हैैं। उन्होंने बताया कि टायफाइड, हेपेटाइटिस-ए के मरीजों की अच्छी-खासी संख्या देखने को मिल रही है। चिंता की बात यह है कि इन बीमारियों को हम पहले ही खत्म कर चुके हैैं। उन्होंने बताया कि कहीं न कहीं यह बाढ़ का असर है।

बाढ़ आने का असर
डॉ। ओपी यादव ने बताया कि वाटरबॉर्न डिजीज के एक्टिव होने के पीछे का कारण बाढ़ आना भी है। उन्होंने बताया कि दूषित पानी पीने से यह रोग होते हैैं। ऐसे में मच्छरों के साथ-साथ खाने-पीने का भी ध्यान रखें। जिससे कि डेंगू, मलेरिया व वायरल के साथ में टाइफाइड और हेपेटाइटिस-ए जैसे रोगों से बचाव हो सके।

दोनों के बारे में रखें जानकारी
डॉ। ओपी यादव ने बताया कि इस समय जरूरी है कि इन दोनों तरह की बीमारियों के बारे में सही जानकारी होनी चाहिए। ताकि मरीज सही समय पर अपना सही इलाज करा सके। वेक्टर बोर्न डिजीज और वॉटर बोर्न डिजीज दो अलग-अलग बीमारियां हैं। इन दोनों की बीमारियों में तेज बुखार, शरीर में दर्द, सिर दर्द और उल्टी जैसे लक्षण आम है। यही वजह है कि लोग आसानी से इन दोनों के बीच अंतर नहीं कर पाते हैं।


यह हैैं वेक्टर बोर्न डिजीज
ऐसी बीमारियां जो मच्छरों, टिक्स, मक्खियों और पिस्सू आदि के काटने से फैलती हैं, उन्हें वेक्टरबॉर्र्न डिजीज यानी वेक्टर जनित रोग कहा जाता है। यह वेक्टर अपने साथ बैक्टीरिया, वायरस और पैरासाइट जैसे पेथोजन कैरी करते हैं, जिनकी वजह से व्यक्ति बीमारियों की चपेट में आता है। इन बीमारियों के सामान्य उदाहरणों में मलेरिया, डेंगू, जीका वायरस, लाइम रोग और चिकनगुनिया आदि शामिल है।

वेक्टर बोर्न डिजीज के लक्षण
- इस तरह की बीमारियों में तेज बुखार होता है।
- इसके अलावा पीडि़त व्यक्ति को शरीर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द की शिकायत भी रहती है।
- कुछ बीमारियों के कारण त्वचा पर चकत्ते हो सकते हैं।
- बार बार सिर दर्द होना भी वेक्टरबॉर्न डिजीज का एक सामान्य लक्षण है।
- थकान या कमजोरी महसूस होना भी वेक्टर बोर्न डिजीज का एक लक्षण है।
- इसके अलावा कुछ मामलों में पीडि़त व्यक्ति को मतली और उल्टी जैसे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षण हो सकते हैं।
- वेक्टर जनित कुछ बीमारियों में लिंफ नोड्स में सूजन भी हो सकती हैं।
- इसके अलावा कुछ मामलों में खांसी और सांस लेने में कठिनाई जैसे सांस संबंधी लक्षण भी नजर आ सकते हैं।

यह है वाटरबॉर्न डिजीज
जल जनित रोग यानी वॉटरबॉर्न डिजीज बैक्टीरिया, वायरस और पैरासाइट्स जैसे माइक्रोऑर्गेनिज्म द्वारा दूषित किए गए पानी के संपर्क या सेवन से होती है। यह बीमारियां दूषित पानी पीने, दूषित पानी में तैरने या दूषित पानी से धोए गए भोजन को खाने से व्यक्ति को अपना शिकार बना लेती है। हैजा, टाइफाइड, जिआर्डियासिस और हेपेटाइटिस ए आदि को वाटरबॉर्न डिजीज कहा जाता है।

वाटरबॉर्न डिजीज के लक्षण
- वाटरबॉर्न डिजीज अक्सर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल प्रणाली को प्रभावित करते हैं। इसकी वजह से दस्त, पेट में दर्द, ऐंठन और मतली की समस्या होती है।
- कुछ वाटरबॉर्न डिजीज की वजह से दस्त के साथ ही उल्टी भी हो सकती है।
- जल जनित रोग जैसे हेपेटाइटिस के मामलों में शरीर में दर्द के साथ बुखार की समस्या हो सकती है।
- इसके अलावा मतली, उल्टी, भूख की कमी के साथ त्वचा, आंखों और यूरिन में पीलापन नजर आ सकता है।
- वहीं, टाइफाइड में सिर्फ बुखार और सिर दर्द के लक्षण नजर आते हैं।

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इस समय वेक्टरबॉर्न डिजीज के साथ में टाइफाइड, हेपेटाइटिस ए जैसे वाटरबॉर्न रोगों के मरीज भी देखने को मिल रहे हैैं। ऐसे में मच्छरों से बचाव करें और साफ पानी और स्वच्छ खाना खाएं।
- डॉ। ओपी यादव, प्रेसिडेंट, आईएमए आगरा