आगरा(ब्यूरो)। World Pharmacist Day 2023: डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रांतीय संगठन मंत्री डॉ। रविंद्र सिंह राना बताते हैं कि यह दिवस उन चिकित्सा पेशेवरों को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है जो हमेशा यह सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करते हैं कि जरूरतमंद लोगों को दवाएं उपलब्ध कराई जाएं और वे जानते हैं कि दवा को उचित खुराक में कैसे लेना है। स्वास्थ्य सेवा उद्योग और समग्र चिकित्सा प्रणाली को बेहतर बनाने में फार्मासिस्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

एसएन मेडिकल कॉलेज में ओपीडी फार्मेसी अधिकारी डॉ। प्रदीप कुमार जैन बताते हैैं कि डॉक्टर मरीज को देखने के बाद बीमारी को डायग्नोज करते हैैं। इसके बाद वह ट्रीटमेंट लिख देते हैैं। इसके बाद में फार्मासिस्ट का काम शुरू होता है। वह मरीज को सही गुणवत्ता और सही मात्रा में दवा की डोज देता है। मरीज को दवाओं को खाने का सही तरीका बताता है। तब जाकर मरीज स्वस्थ होता है। इसलिए फार्मासिस्ट को डॉक्टर व मरीजों के बीच की कड़ी भी कहा जाता है। उत्तर प्रदेश चेयरमैन संघर्ष समिति डीएपी के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ। राजीव उपाध्याय बताते हैैं कि पहले फार्मासिस्ट डिस्पेंसरी में दवाएं बनाकर देते थे। अब दवाएं रेडीमेड आ रही हैैं। उन्होंने बताया कि फार्मासिस्ट मरीजों को सुरक्षित और प्रभावी दवाओं का अदान-प्रदान करने में मदद करते हैं, रोगियों को दवाओं के उपयोग के बारे में जागरूक करते हैं, और उन्हें सही दवाओं का सही खुराक में लेने का सुझाव देते हैं।


फार्मासिस्ट डॉक्टर व मरीजों के बीच की कड़ी होते हैैं। वह डॉक्टर द्वारा लिखे गए ट्रीटमेंट को सही डोज में मरीज को खाने के बारे में जानकारी देते हैैं।
- डॉ। रविंद्र सिंह राना, प्रांतीय संगठन मंत्री, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन

फार्मासिस्ट हॉस्पिटल व क्लीनिक में रीढ़ की हड्डी होता है। उनकी जिम्मेदारी है कि मरीज दवा सही समय पर और सही डोज लें।
- डॉ। प्रदीप कुमार जैन, प्रभारी फार्मेसी अधिकारी, एसएनएमसी

फार्मासिस्ट का कार्य सिर्फ दवाओं के वितरण तक ही सीमित नहीं है। उनका रोल डॉक्टर्स, नर्सेस और पेशेवर स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर मरीज को स्वस्थ करने में होता है।
- डॉ। राजीव उपाध्याय, प्रांतीय उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश चेयरमैन संघर्ष समिति डीएपी

यह कार्य करते हैैं फार्मासिस्ट
- औषधीय उत्पादों को बेचने का कार्य
- मरीज को दवाओं की सही खुराक व सलाह देना
- लैब में नई दवाओं पर रिसर्च करना


यह है फार्मासिस्ट दिवस का इतिहास
विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाने की शुरूआत 2009 में तुर्की के इस्तांबुल में आयोजित हुई वल्र्ड कांग्रेस ऑफ फार्मेसी एंड फार्मास्युटिकल साइंसेज में इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन (एफआईपी) काउंसिल द्वारा विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाने की घोषणा की गई थी क्योंकि सन 1912 में एफआईपी बना था। तभी से हर साल 25 सितंबर को यह दिवस मनाया जाता है।