ताजेवाला से छोड़ा गया तीन लाख क्यूसेक पानी
ताजेवाला बैराज हरियाणा से सोमवार को छोड़े गए तीन लाख क्यूसेक पानी के ओखला होते हुए आगरा आने में चार से पांच दिन का समय लगता है। शुक्रवार को ये पानी आने का अनुमान ङ्क्षसचाई विभाग ने लगाया है। ये पानी ओखला बैराज पहुंच चुका है, जिससे वहां से निकासी में वृद्धि हो गई है। बुधवार को 1.75 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि गोकुल बैराज मथुरा से 43 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। मंगलवार तक वाटर वक्र्स पर यमुना का जलस्तर 484.8 फीट था। बैराजों से अधिक जल निकासी के कारण ये 489.6 फीट पहुंच गया है। कैलाश महादेव मंदिर सहित शहर के विभिन्न क्षेत्र से होकर गुजरने वाली यमुना में जलकुंभी सहित अन्य वस्तुएं बहकर आ रही हैं।


पुल पर खड़े होकर लोग ले रहे सेल्फी
यमुना के वाटर लेवल में जिस तेजी से इजाफा हो रहा है। यमुना का दृश्य उतनी ही मनोरम होता जा रहा है। इसको लोग अपने कैमरे में कैद कर रहे है। बुधवार को वाटर वक्र्स के पास पुल पर रुककर लोग यमुना की सेल्फी लेते नजर आए। बता दें कि शुक्रवार तक वाटर लेवल में और इजाफा होने की उम्मीद है। ऐसे में कालिंदी के तटीय इलाकों से लोगों ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है।

प्रशासन ने कराई मुनादी
ङ्क्षसचाई विभाग ने दयालबाग क्षेत्र के गांवों, बल्केश्वर क्षेत्र सहित अन्य क्षेत्रों में पहुंच लोगों से संपर्क साध बढ़ते हुए जलस्तर की जानकारी दी। उन्हें सतर्क रहने को कहा है। प्रशासन द्वारा कुछ क्षेत्रों में मुनादी कराई गई। ङ्क्षसचाई विभाग के एक्सईएन शरद सौरभ गिरी ने बताया कि किनारे रहने वालों को सतर्क रहने के लिए टीमें जागरूक कर रही हैं। शुक्रवार तक जलस्तर में बढ़ोतरी होगी।

सबसे ज्यादा डर रात का लगता है
यमुना के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को एक ही डर सता रहा है कि दिन में पानी आए तो हम सामान बांध कर यहां से चले जाएंगे। लेकिन रात में अचानक पानी आ गया तो दिक्कत होगी। स्थानीय लोगों ने बताया कि पानी तो यहां तक आ गया था। शुक्रवार तक पानी बढऩे की बात कही जा रही है। वहीं एक व्यक्ति ने बताया कि पहले हमारी झोपड़ी भी डूब गई थी। अब झोपड़ी तक पानी आ गया है। हमने अपने मवेशी और सामान समेट लिया है।


इन एरिया में बढ़ाई सतर्कता
- सिकंदरपुर
- नगला तल्फी
- खासपुर
- बहादुरपुर
- बल्केश्वर घाट
- कैलाश घाट
- जगनपुर
- मनोहरपुर

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यमुना और चंबल की स्थिति
- 493 फीट पहुंचने का है पूर्वानुमान
- 495 फीट है यमुना का लो फ्लड लेबल
-508 फीट है हाई फ्लड लेबल
-113 मीटर पर स्थिर है चंबल का जलस्तर
-130 मीटर है चंबल का लो फ्लड लेबल
-137.6 मीटर है चंबल का हाई फ्लड लेबल
-137.6 मीटर पहुंच गया था जलस्तर पिछले वर्ष
- 36 गांवों के 8500 लोग हुए थे प्रभावित