-माईग्रेशन, प्रोविजनल सटिफिकेट, मार्कशीट और डिग्री लेने के लिए कैंडिडेट्स को नहीं आना होगा आरयू

बरेली : एमजेपीआरयू वर्ष 2021 में सभी स्टूडेंट्स के लिए फेसिलिटी को ऑनलाइन करने जा रहा है। इसके बाद से कोई भी कैंडिडेट्स को माइग्रेशन सर्टिफिकेट, डिग्री के लिए भी एमजेपीआरयू आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सब कुछ उन्हें ऑनलाइन ही मिल जाएगा। इसके अलावा पीएचडी एंट्रेंस भी नए साल से ऑनलाइन कराई जाएगी। इसको लेकर आरयू ने पूरी तरह से योजना तैयार करना शुरू किया है।

548 महाविद्यालय हैं एफिलेटेड

एमजेपीआरयू से राजकीय, एडेड और प्राइवेट मिलाकर 548 संस्थानों के पांच लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड हैं। आरयू के यह सभी महाविद्यालय 7 जिला और 2 जोन के अन्तर्गत आते हैं। अभी तक इन सभी महाविद्यालयों के कैंडिडेट माइग्रेशन सर्टिफिकेट, प्रोविजनल सर्टिफिकेट, मार्कशीट और डिग्री लेने के लिए कॉलेज या फिर एमजेपीआरयू से आकर प्राप्त करते हैं। अगर ऑनलाइन मार्कशीट निकाल भी ली तो उसमें सिर्फ नंबर ही देख सकते हैं।

नए साल में दिखेगा बदलाव

अभी तक ऑफ लाइन मोड में चल रहे इस काम को वीसी केपी सिंह ने ऑनलाइन मोड में करने की योजना की पूरी तैयारी कर ली है। यानि इस नई व्यवस्था के बाद से कैंडिडेट्स पूरी तरह इस ऑनलाइन व्यवस्था का लाभ ले सकेंगे। कैंडिडेट्स अपने लॉग इन और पासवर्ड के जरिए मार्कशीट डाउनलोड कर सकेंगे।

अब पीएचडी एंट्रेंस भी ऑनलाइन

एमजेपीआरयू वीसी प्रो। केपी सिंह ने रिसर्च के काम को समय से पूरा करने के लिए भी व्यवस्था की है। लास्ट ईयर पीएचडी एडमिशन की प्रक्रिया पूरी कराने सहित अन्य कार्यों को भी कराना शुरू कर दिया। नए साल में पीएचडी एंट्रेंस को ऑनलाइन कराने की तैयारी है। जनवरी में इसको लेकर बैठक कर योजना बनाई जाएगी।

यह है 2021 का ऐम

-नैक मूल्यांकन में ए या ए प्लस लाने की तैयारी

-टीचर्स के वैकेंट पड़े 110 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू करना

-30 जून 2021 तक सभी एग्जाम करा कर रिजल्ट जारी करना।

-नए सत्र में मनोरमा महिला छात्रावास, लक्ष्मी बाई केलकर छात्रावास और नाना जी देशमुख (बॉयज) हॉस्टल का आवंटन

-स्टार्टअप के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर की शुरुआत।

वर्ष 2021 में हमारी कोशिश है कि पूरे एमजेपीआरयू को ऑनलाइन कर दिया जाए। कैंडिडेट्स को किसी भी चीज के लिए आरयू तक दौड़ न लगाना पड़े। डिग्री, मार्कशीट, सर्टिफिकेट सहित सभी चीजें ऑनलाइन ही मिल जाएंगी। इसको लेकर योजना बनाई जा रही है।

प्रो। केपी सिंह, वीसी, एमजेपीआरयू