-नवाबगंज के गांव में हैंडपंपों के गले सूखे, सड़कें और स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल

NAWABGANJ: सरकार के लोहिया गांव विकास की राह भूल गए हैं। जर्जर सड़क, पानी का संकट और बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं अफसरों के लापरवाही की कहानी बयां कर रहीं हैं। अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने में अफसरों ने रकम और योजनाओं का बंटाधार कर दिया है, जिसके कारण योजनाओं का लाभ हकदारों को नहीं मिल पा रहा है। नवाबगंज ब्लॉक के दावीखेडा, बसेंगा, सोरहा, डडिया फैजुल्ला व सिजोलिया को लोहिया समग्र गांव के रूप में चयनित किया गया था। एक साल गुजरने के बाद भी गांव में रत्ती भर विकास नहीं हुआ है। ग्रामीणों का अरोप है कि ग्राम प्रधान, ब्लॉक कर्मचारी व लेखपाल अपने चहेतों को योजनाओं का लाभ दे रहे हैं। ग्रामीणों को राशन कार्ड, इन्दिरा आवास, पेंशन योजना आदि का लाभ नहीं मिल रहा है। यहां पर न तो स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा है और न ही बिजली पानी की। शिकायत करने पर ग्रामीणों को टरका दिया जाता है, इससे ग्रामीणों में रोष है।

मार्च से अभी तक नए आवास का चयन नहीं हुआ है। पिछले वर्ष का आवास किस कारण अधूरा पड़ा है, इसकी जांच कराई जाएगी। गांव में सरकारी हैंडपंपों को सही कराया जाएगा। -अतुल सोती, बीडीओ नवाबगंज